सोलन/शिमला: हिमाचल प्रदेश में तेंदुओं की रिहायशी इलाकों में बढ़ती आवाजाही ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। सोलन में एक तेंदुआ घर के आंगन में आराम करता हुआ नजर आया। घटना का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें तेंदुआ काफी देर तक आंगन में बैठा दिखाई दे रहा है। वहीं शिमला में भी एक तेंदुआ रिहायशी इलाके में स्थित जनरल स्टोर तक पहुंच गया। दोनों घटनाओं के बाद स्थानीय लोगों में डर का माहौल है।
सोलन में सामने आए वीडियो में तेंदुआ एक घर के आंगन में आराम से बैठा नजर आ रहा है। घर के आसपास इंसानी गतिविधियां होने के बावजूद तेंदुआ कुछ समय तक वहीं मौजूद रहा। वीडियो बनाने वाले लोगों ने सुरक्षित दूरी से उसकी गतिविधियों को रिकॉर्ड किया। तेंदुए के घर के इतने करीब पहुंचने की घटना से इलाके के लोग हैरान और चिंतित हैं।
तेंदुए को आंगन में देखकर आसपास के लोगों ने एक-दूसरे को सतर्क किया। लोगों ने मौके से दूरी बनाए रखी और तेंदुए के करीब जाने या उसे भगाने की कोशिश नहीं की। वन विभाग को भी इसकी सूचना दी गई, ताकि स्थिति पर नजर रखी जा सके।
सोलन और आसपास के इलाकों में पहाड़ी और वन क्षेत्र बड़ी संख्या में हैं। जंगलों से सटे रिहायशी क्षेत्रों में कई बार जंगली जानवर भोजन और पानी की तलाश में आबादी की ओर आ जाते हैं। तेंदुओं के मामले में यह स्थिति लोगों के लिए विशेष रूप से चिंता का विषय बन जाती है, क्योंकि वे अक्सर रात के समय अधिक सक्रिय रहते हैं।
इसी तरह शिमला में भी तेंदुए के रिहायशी इलाके तक पहुंचने की घटना सामने आई। बताया जा रहा है कि तेंदुआ एक जनरल स्टोर तक पहुंच गया था। दुकान और उसके आसपास मौजूद लोगों ने जब तेंदुए को देखा तो वहां अफरा-तफरी की स्थिति बन गई।
शिमला में तेंदुए के जनरल स्टोर तक पहुंचने की खबर फैलते ही आसपास के लोग अपने घरों में चले गए। लोगों ने बच्चों को बाहर नहीं निकलने दिया और तेंदुए की गतिविधियों पर नजर रखी। घटना के बाद वन विभाग को सूचना दी गई।
रिहायशी इलाकों में तेंदुए की लगातार मौजूदगी से लोगों को अपने बच्चों और पालतू जानवरों की सुरक्षा की चिंता सताने लगी है। ग्रामीण और शहरी सीमा से लगे इलाकों में लोग शाम के बाद विशेष सावधानी बरत रहे हैं।
वन्यजीव विशेषज्ञों के मुताबिक पहाड़ी क्षेत्रों में जंगल और आबादी के बीच दूरी कम होने के कारण मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटनाएं सामने आती रहती हैं। जंगलों में भोजन या पानी की उपलब्धता कम होने पर जंगली जानवर आबादी की ओर आ सकते हैं। इसके अलावा कूड़ा और खुले में छोड़ा गया भोजन भी कई बार वन्यजीवों को रिहायशी इलाकों की ओर आकर्षित करता है।
तेंदुआ आमतौर पर इंसानों से दूरी बनाए रखने की कोशिश करता है, लेकिन यदि उसे खतरा महसूस हो या वह घिर जाए तो स्थिति खतरनाक हो सकती है। इसलिए विशेषज्ञ लोगों को तेंदुए के सामने आने पर उसका पीछा करने, उसे घेरने या भीड़ जमा करने से बचने की सलाह देते हैं।
सोलन की घटना में भी तेंदुए के आसपास भीड़ न लगाने की अपील की गई है। घर के आंगन में तेंदुआ दिखने पर लोगों को दरवाजे-खिड़कियां बंद रखने और सुरक्षित स्थान पर रहने की सलाह दी गई। तेंदुए को भगाने के लिए पत्थर फेंकना या शोर करना स्थिति को और गंभीर बना सकता है।
शिमला में जनरल स्टोर तक पहुंचने की घटना के बाद भी स्थानीय लोगों ने सावधानी बरती। तेंदुए की मौजूदगी की सूचना मिलने पर लोगों ने आसपास के रास्तों पर आवाजाही कम कर दी। वन विभाग की टीमों द्वारा क्षेत्र में निगरानी किए जाने की जानकारी सामने आई है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि रिहायशी इलाकों में तेंदुए की आवाजाही पहले की तुलना में बढ़ती दिखाई दे रही है। लोगों ने वन विभाग से नियमित गश्त बढ़ाने और संवेदनशील इलाकों में निगरानी व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है।
तेंदुए के रिहायशी इलाकों में आने की घटनाएं केवल सोलन और शिमला तक सीमित नहीं हैं। हिमाचल के कई पहाड़ी जिलों में जंगलों से लगे गांवों और कस्बों में समय-समय पर तेंदुए दिखाई देते हैं। ऐसे मामलों में वन विभाग को सूचना देकर जानवर को सुरक्षित तरीके से जंगल की ओर वापस भेजने या जरूरत पड़ने पर रेस्क्यू करने की कोशिश की जाती है।
इस तरह की घटनाओं में सोशल मीडिया पर वीडियो तेजी से फैलने के कारण आसपास के लोगों में डर भी बढ़ जाता है। हालांकि हर बार तेंदुए की मौजूदगी का मतलब हमला नहीं होता, लेकिन सुरक्षा के लिहाज से सावधानी बरतना बेहद जरूरी है।
वन विभाग की ओर से लोगों को सलाह दी जाती है कि वे रात के समय अकेले सुनसान रास्तों पर जाने से बचें। घर के आसपास पर्याप्त रोशनी रखें और पालतू जानवरों को खुले में न छोड़ें। बच्चों को विशेष रूप से अकेले बाहर भेजने से बचना चाहिए।
यदि किसी व्यक्ति को तेंदुआ दिखाई दे तो उसे तुरंत संबंधित वन विभाग या स्थानीय प्रशासन को सूचना देनी चाहिए। तेंदुए की फोटो या वीडियो बनाने के लिए उसके पास जाना खतरनाक हो सकता है। सुरक्षित दूरी बनाए रखना सबसे जरूरी है।
सोलन में घर के आंगन में तेंदुए के आराम करने का वीडियो सामने आने और शिमला में उसके जनरल स्टोर तक पहुंचने की घटना ने एक बार फिर मानव और वन्यजीव के बीच बढ़ते टकराव की चिंता को सामने ला दिया है। जंगलों के आसपास तेजी से बढ़ते निर्माण और आबादी के विस्तार के कारण वन्यजीवों के प्राकृतिक क्षेत्र और इंसानी बस्तियों के बीच दूरी कम होती जा रही है।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि ऐसे इलाकों की पहचान की जाए जहां तेंदुए की गतिविधियां बार-बार देखी जा रही हैं। इन क्षेत्रों में कैमरा ट्रैप, गश्त और जागरूकता अभियान बढ़ाए जाने से लोगों को सुरक्षित रखने में मदद मिल सकती है।
फिलहाल दोनों घटनाओं के बाद लोग सतर्क हैं। सोलन में आंगन में तेंदुआ दिखने का वीडियो लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है, जबकि शिमला में जनरल स्टोर तक तेंदुए के पहुंचने से आसपास के दुकानदारों और स्थानीय निवासियों में चिंता है।
लोगों से अपील है कि तेंदुआ दिखाई देने पर घबराकर भीड़ न लगाएं और न ही उसे पकड़ने या भगाने की कोशिश करें। वन विभाग को सूचना देकर विशेषज्ञों को स्थिति संभालने देना ही सबसे सुरक्षित तरीका है।










