SpaceX और OpenAI के संभावित आगामी आईपीओ को लेकर निवेशकों में जबरदस्त उत्साह देखा जा रहा है। जिस तरह डॉट-कॉम युग ने तेजी से अमीर बनने के सपने दिखाए थे और क्रिप्टो बूम ने डिजिटल संपत्ति के जरिए अरबों डॉलर की संभावनाएं पैदा की थीं।
World News: दुनिया की दो सबसे चर्चित टेक कंपनियां SpaceX और OpenAI आने वाले समय में वैश्विक निवेश बाजार की सबसे बड़ी सार्वजनिक लिस्टिंग्स (IPO) में शामिल हो सकती हैं। इन संभावित IPOs को लेकर निवेशकों और टेक इंडस्ट्री में भारी उत्साह देखा जा रहा है। खास बात यह है कि इन दोनों कंपनियों में शुरुआती निवेश करने वाले दो भारतीय मूल के निवेशक अब अरबों डॉलर के संभावित मुनाफे के करीब पहुंच चुके हैं।
एक ओर SpaceX अंतरिक्ष तकनीक और मंगल मिशन को लेकर दुनिया का ध्यान आकर्षित कर रही है, वहीं OpenAI आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में वैश्विक बदलाव का केंद्र बन चुकी है। दोनों कंपनियां टेक्नोलॉजी इंडस्ट्री के भविष्य को आकार देने वाली संस्थाओं के रूप में देखी जा रही हैं।
विनोद खोसला का OpenAI में शुरुआती दांव
भारतीय मूल के प्रसिद्ध वेंचर कैपिटलिस्ट Vinod Khosla उन शुरुआती निवेशकों में शामिल थे जिन्होंने OpenAI की क्षमता पर विश्वास जताया था। उनकी निवेश फर्म Khosla Ventures ने वर्ष 2019 में OpenAI में लगभग 5 करोड़ डॉलर का निवेश किया था। उस समय AI तकनीक को लेकर अनिश्चितता थी और कई निवेशकों को यह दांव जोखिम भरा लग रहा था।
रिपोर्ट्स के अनुसार, यदि OpenAI भविष्य में 850 बिलियन डॉलर से 1 ट्रिलियन डॉलर के वैल्यूएशन पर सार्वजनिक होती है, तो खोसला का शुरुआती निवेश लगभग 1.5 बिलियन डॉलर तक पहुंच सकता है। यह निवेश पर करीब 30 गुना रिटर्न माना जा रहा है। विशेषज्ञ इसे आधुनिक टेक इतिहास के सबसे सफल वेंचर कैपिटल निवेशों में से एक मान रहे हैं।
इन्फोसिस की छूटी बड़ी संभावना
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इस कहानी का एक महत्वपूर्ण पहलू भारतीय आईटी कंपनी Infosys से भी जुड़ा है। जब OpenAI एक गैर-लाभकारी रिसर्च संगठन के रूप में शुरुआत कर रही थी, तब Infosys उसके शुरुआती समर्थकों में शामिल थी। कंपनी ने शुरुआती चरण में लगभग 3 मिलियन डॉलर का योगदान दिया था। रिपोर्ट्स के अनुसार, उस समय Infosys के तत्कालीन सीईओ Vishal Sikka OpenAI में बड़े स्तर पर निवेश के पक्ष में थे।
हालांकि, कंपनी के भीतर इसे पारंपरिक बिजनेस मॉडल से अलग और जोखिमपूर्ण माना गया। विश्लेषकों का मानना है कि यदि उस समय बड़ा निवेश किया गया होता, तो आज उसकी वैल्यू अरबों डॉलर तक पहुंच सकती थी।
आनंद देसाई का SpaceX पर भरोसा
दूसरे भारतीय मूल के निवेशक Anand Desai हैं, जिन्होंने SpaceX में शुरुआती चरण में निवेश किया था। न्यूयॉर्क स्थित उनकी निवेश फर्म Darsana Capital Partners ने वर्ष 2019 में SpaceX में हिस्सेदारी खरीदी थी, जब कंपनी का वैल्यूएशन लगभग 30 से 33 बिलियन डॉलर के बीच था। उस समय एलन मस्क की मंगल ग्रह पर मानव बस्तियां बसाने की योजना कई लोगों को बेहद महत्वाकांक्षी और अव्यावहारिक लगती थी। लेकिन अब SpaceX वैश्विक अंतरिक्ष उद्योग की सबसे प्रभावशाली कंपनियों में गिनी जाती है।
रिपोर्ट्स के अनुसार, SpaceX भविष्य में 1.5 ट्रिलियन डॉलर से अधिक के वैल्यूएशन पर IPO ला सकती है। विश्लेषकों का अनुमान है कि Darsana Capital की कुल संपत्ति का बड़ा हिस्सा SpaceX निवेश से जुड़ा हुआ है और इसकी वैल्यू अब 10 बिलियन डॉलर से अधिक हो सकती है। यह निवेश आधुनिक टेक और स्पेस सेक्टर के सबसे सफल दीर्घकालिक निवेशों में गिना जा रहा है।
एलन मस्क और सैम ऑल्टमैन की प्रतिद्वंद्विता
Elon Musk और Sam Altman के बीच संबंध भी इन कंपनियों की चर्चा का अहम हिस्सा बन चुके हैं। मस्क और ऑल्टमैन ने मिलकर OpenAI की शुरुआत की थी, लेकिन बाद में विचारों के मतभेद के चलते मस्क कंपनी से अलग हो गए। इसके बाद दोनों कंपनियां अलग-अलग तकनीकी क्षेत्रों में तेजी से आगे बढ़ीं।जहां OpenAI AI क्रांति का चेहरा बन गई, वहीं SpaceX ने निजी अंतरिक्ष तकनीक में नया इतिहास रचा।
विशेषज्ञों के अनुसार, SpaceX और OpenAI की संभावित लिस्टिंग केवल वित्तीय घटनाएं नहीं होंगी, बल्कि वे आने वाले दशक की टेक्नोलॉजी दिशा को भी प्रभावित करेंगी।









