Annas Archive ने दावा किया है कि Spotify का लगभग पूरा म्यूजिक डेटा, जिसमें 25.6 करोड़ ट्रैक्स का मेटाडेटा और 8.6 करोड़ ऑडियो फाइल्स शामिल हैं, इंटरनेट पर लीक हो गया है. कुल डेटा साइज 300TB बताया जा रहा है. Spotify ने आंशिक रूप से अनधिकृत पहुंच की पुष्टि की है, लेकिन पूरी जानकारी की जांच जारी है.
Spotify डेटा लीक मामला: इंटरनेट पर सामने आए दावे के अनुसार Annas Archive ने Spotify की लगभग पूरी म्यूजिक लाइब्रेरी स्क्रैप कर ली है, जिसमें 25.6 करोड़ ट्रैक्स का मेटाडेटा और 8.6 करोड़ ऑडियो फाइल्स शामिल हैं. यह डेटा करीब 300TB का बताया जा रहा है और टॉरेंट्स के जरिए शेयर किया जा रहा है. Spotify ने माना कि कुछ ऑडियो फाइल्स तक अनधिकृत पहुंच बनी, लेकिन दावों के पूरे पैमाने की पुष्टि नहीं की. यह मामला डिजिटल सिक्योरिटी और कॉपीराइट कानून के लिए बड़े सवाल खड़े कर रहा है.
Spotify डेटा लीक का दावा क्या है
इंटरनेट पर सामने आए दावे के मुताबिक Spotify की लगभग पूरी म्यूजिक लाइब्रेरी स्क्रैप कर ली गई है. Annas Archive नाम के ग्रुप का कहना है कि उसने 25.6 करोड़ ट्रैक्स का मेटाडेटा और करीब 8.6 करोड़ गानों की ऑडियो फाइल्स का आर्काइव तैयार किया है. कुल डेटा साइज लगभग 300TB बताया जा रहा है, जिसे टॉरेंट्स के जरिए शेयर किया जा रहा है.
ग्रुप का दावा है कि यह आर्काइव Spotify पर होने वाली करीब 99.6 फीसदी लिसनिंग को कवर करता है. ज्यादा पॉपुलर गाने बेहतर क्वालिटी में रखे गए हैं, जबकि कम सुने जाने वाले ट्रैक्स को स्पेस बचाने के लिए री-एन्कोड किया गया है. हालांकि जुलाई 2025 के बाद रिलीज हुए कुछ गानों के इसमें शामिल न होने की बात भी कही जा रही है.
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Spotify की प्रतिक्रिया और सुरक्षा जांच
Spotify ने इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि उसकी शुरुआती जांच में एक थर्ड पार्टी द्वारा पब्लिक मेटाडेटा स्क्रैप किए जाने के सबूत मिले हैं. कंपनी ने यह भी माना कि कुछ ऑडियो फाइल्स तक अनधिकृत पहुंच बनाई गई, लेकिन Annas Archive के दावों के पूरे पैमाने की पुष्टि नहीं की गई है.
Spotify का कहना है कि DRM को बायपास करने के लिए अवैध तरीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है और इस पूरे मामले की आंतरिक जांच जारी है. फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि कितनी ऑडियो फाइल्स वास्तव में प्रभावित हुई हैं और यूजर्स के डेटा पर इसका कोई सीधा असर पड़ा है या नहीं.
कॉपीराइट विवाद और आगे की चुनौती
Spotify पर मौजूद म्यूजिक कंटेंट बड़े रिकॉर्ड लेबल्स और राइट्स होल्डर्स से सख्त लाइसेंस शर्तों के तहत लिया जाता है. ऐसे में बड़े पैमाने पर ऑडियो फाइल्स को स्क्रैप करना और टॉरेंट्स के जरिए शेयर करना सीधे तौर पर कॉपीराइट कानून और प्लेटफॉर्म की टर्म्स ऑफ सर्विस का उल्लंघन माना जाता है.
Annas Archive भले ही इसे डिजिटल प्रिजर्वेशन का नाम दे रहा हो, लेकिन कानूनी नजरिए से यह दलील कमजोर मानी जाती है. आने वाले दिनों में यह साफ होगा कि Spotify और रिकॉर्ड कंपनियां इस मामले में कानूनी कार्रवाई करती हैं या नहीं.








