विशेषज्ञों के अनुसार 26 दिसंबर से भारतीय शेयर बाजार में सांता क्लॉज रैली की संभावना है। पिछले 10 सालों के आंकड़े दिखाते हैं कि दिसंबर के अंतिम सप्ताह और जनवरी की शुरुआत में निवेशकों को सकारात्मक रिटर्न मिलने की संभावना अधिक रहती है।
Stock Market: भारत समेत दुनियाभर के शेयर बाजार 25 दिसंबर को क्रिसमस के मौके पर बंद रहे। हालांकि, 24 दिसंबर को अमेरिकी शेयर मार्केट रिकॉर्ड उच्च स्तर पर बंद हुआ। इसे अमेरिका में सांता क्लॉज रैली की शुरुआत माना जा रहा है। छोटी छुट्टी के बावजूद अमेरिकी बाजार में बड़ी तेजी देखी गई। डॉव इंडस्ट्रियल्स और S&P 500 ने लगातार पांचवें सेशन में बढ़त दर्ज की। इसके पीछे बेहतर GDP आंकड़े और निवेशकों का सकारात्मक रुख मुख्य वजह रहा।
भारतीय बाजार में उम्मीदें
अमेरिका में हुई इस तेजी के बाद भारतीय निवेशकों में भी उत्साह बढ़ गया है। बाजार विश्लेषकों का कहना है कि ऐतिहासिक आंकड़े भारतीय शेयर बाजार में दिसंबर के अंत और जनवरी की शुरुआत में रैली की संभावना दिखाते हैं। निवेशक इस समय बाजार में आने वाले मौसमी प्रभाव और सकारात्मक सेंटीमेंट को ध्यान में रखकर अपने पोर्टफोलियो की रणनीति बना रहे हैं।
सांता क्लॉज रैली क्या है
शेयर बाजार में सांता क्लॉज रैली एक मौसमी ट्रेंड है, जिसमें साल के अंत और नए साल के शुरुआती ट्रेडिंग सत्रों में बाजार में तेजी देखने को मिलती है। सेमको सिक्योरिटीज के रिसर्च एनालिस्ट, जहोल प्रजापति के अनुसार, पिछले 10 सालों के डेटा से पता चला है कि दिसंबर महीने के आखिरी 5 कारोबारी सत्र और जनवरी के 2 ट्रेडिंग सेशन के दौरान भारतीय बाजार में लगातार पॉजिटिव रिटर्न रहे हैं।
कब और कहां दिखाई देती है तेजी
ऐतिहासिक आंकड़ों के मुताबिक, 26 दिसंबर से 31 दिसंबर के बीच भारतीय शेयर बाजार में सांता क्लॉज रैली देखने को मिल सकती है। इस दौरान खासतौर पर स्मॉल कैप इंडेक्स में सबसे अधिक फायदा देखा गया है। पिछले 10 साल के डेटा के अनुसार, स्मॉल कैप इंडेक्स का औसत रिटर्न 3.55 प्रतिशत रहा है और 100 प्रतिशत विन रेट दर्ज किया गया है। इसका मतलब है कि साल के अंत में छोटे और मझोले कैप शेयरों में निवेशकों को बेहतर रिटर्न मिलने की संभावना अधिक रहती है।
निफ्टी और सेंसेक्स का प्रदर्शन
भारतीय शेयर बाजार में सांता क्लॉज रैली की उम्मीदें इसलिए भी मजबूत हैं क्योंकि निफ्टी और सेंसेक्स ने हाल ही में लगातार 3-4 कारोबारी सत्रों में अच्छा प्रदर्शन किया है। निफ्टी ने 26,200 के स्तर को छुआ है, जो निवेशकों के बीच सकारात्मक सेंटीमेंट को दर्शाता है। इसके अलावा, Q3 अर्निंग सीजन के शुरू होने वाले होने से भी बाजार में और तेजी की संभावना जताई जा रही है।
निवेशकों के लिए क्या संकेत
विशेषज्ञों का मानना है कि साल के अंत में निवेशकों के लिए यह समय संभावित अवसरों का हो सकता है। हालांकि, सांता क्लॉज रैली ऐतिहासिक डेटा और संभावनाओं पर आधारित होती है, इसलिए निवेशकों को अपनी रिसर्च और जोखिम क्षमता के अनुसार निर्णय लेना चाहिए। स्मॉल और मिड कैप शेयरों में इस सीजनल रैली का सबसे अधिक असर देखने को मिलता है।
पिछले 10 सालों का डेटा
विश्लेषकों के अनुसार, पिछले 10 साल में दिसंबर के अंतिम कारोबारी सप्ताह और जनवरी की शुरुआत में भारतीय शेयर बाजार में औसतन अच्छा रिटर्न देखा गया। स्मॉल कैप इंडेक्स का औसत रिटर्न 3.55 प्रतिशत रहा और इसके साथ ही साल के इस समय में लगभग 100 प्रतिशत बार पॉजिटिव रिटर्न मिला। यह संकेत देता है कि साल के अंत और नए साल की शुरुआत में बाजार में निवेशकों की भावना आम तौर पर मजबूत रहती है।












