Stock Market Today: भारतीय शेयर बाजार की मजबूत शुरुआत, सेंसेक्स 200 से अधिक अंक चढ़ा

Stock Market Today: भारतीय शेयर बाजार ने आज मजबूत शुरुआत की। सेंसेक्स 200 से अधिक अंक की बढ़त के साथ खुला, जबकि निफ्टी भी हरे निशान में कारोबार करता नजर आया।

घरेलू शेयर बाजार ने गुरुवार को मजबूती के साथ कारोबार की शुरुआत की। वैश्विक संकेतों के सकारात्मक रहने, कच्चे तेल की कीमतों में नरमी और रिलायंस इंडस्ट्रीज समेत प्रमुख कंपनियों के शेयरों में खरीदारी के चलते निवेशकों का रुझान बाजार की ओर बना रहा।

बिजनेस न्यूज़: भारत के घरेलू शेयर बाजारों ने गुरुवार को सकारात्मक रुख के साथ कारोबार की शुरुआत की। वैश्विक बाजारों से मिले मिश्रित संकेतों के बावजूद निवेशकों के मजबूत भरोसे, कच्चे तेल की कीमतों में नरमी और प्रमुख ब्लू-चिप कंपनियों में खरीदारी के चलते बाजार शुरुआती सत्र में बढ़त दर्ज करने में सफल रहा।

बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स शुरुआती कारोबार में 201 अंक से अधिक की बढ़त के साथ 78,782 के स्तर पर पहुंच गया। वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी 50 भी बढ़त के साथ खुला और 24,641 के आसपास कारोबार करता दिखाई दिया।

बाजार में तेजी के प्रमुख कारण

शेयर बाजार में शुरुआती मजबूती के पीछे कई अहम कारक जिम्मेदार रहे। सबसे महत्वपूर्ण कारणों में अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में आई हल्की गिरावट शामिल है। भारत दुनिया के सबसे बड़े तेल आयातकों में से एक है, इसलिए तेल कीमतों में कमी को अर्थव्यवस्था और बाजार दोनों के लिए सकारात्मक संकेत माना जाता है।

इसके अलावा, रिलायंस इंडस्ट्रीज, टाइटन और अन्य बड़ी कंपनियों के शेयरों में खरीदारी ने प्रमुख सूचकांकों को समर्थन दिया। निवेशकों ने उन कंपनियों में रुचि दिखाई जिनकी आय और विकास संभावनाएं मजबूत मानी जा रही हैं।

नए क्लोजिंग ऑक्शन सिस्टम पर बाजार की नजर

भारतीय शेयर बाजार में हाल ही में लागू किए गए क्लोजिंग ऑक्शन सेशन (CAS) सिस्टम पर भी निवेशकों की नजर बनी हुई है। यह व्यवस्था उन शेयरों पर लागू की गई है जिनमें फ्यूचर्स एंड ऑप्शंस (F&O) का कारोबार होता है। इस नए सिस्टम का उद्देश्य शेयरों के क्लोजिंग प्राइस को अधिक पारदर्शी और निष्पक्ष तरीके से निर्धारित करना है। 

बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि नई प्रक्रिया के कारण शुरुआती दिनों में सूचकांकों और कुछ शेयरों में असामान्य उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है, लेकिन लंबी अवधि में इससे बाजार की विश्वसनीयता बढ़ेगी।

रुपये में हल्की कमजोरी

शेयर बाजार में मजबूती के बावजूद विदेशी मुद्रा बाजार में भारतीय रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले थोड़ा कमजोर हुआ। शुरुआती कारोबार में रुपया लगभग 7 पैसे गिरकर 95.15 प्रति डॉलर के स्तर पर पहुंच गया। विशेषज्ञों के अनुसार, वैश्विक मुद्रा बाजारों की गतिविधियां, अमेरिकी आर्थिक आंकड़े और विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) की रणनीति रुपये की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। हालांकि, रुपये में यह गिरावट सीमित रही और इसे फिलहाल चिंता का विषय नहीं माना जा रहा है।

किन शेयरों में रही सबसे ज्यादा तेजी?

शुरुआती कारोबार के दौरान कई प्रमुख कंपनियों के शेयरों में उल्लेखनीय बढ़त दर्ज की गई। निवेशकों ने विशेष रूप से उपभोक्ता, बैंकिंग और औद्योगिक क्षेत्रों से जुड़ी कंपनियों में खरीदारी दिखाई। बढ़त दर्ज करने वाले प्रमुख शेयरों में शामिल रहे:

  • टाइटन कंपनी
  • रिलायंस इंडस्ट्रीज
  • भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (BEL)
  • भारतीय स्टेट बैंक (SBI)
  • एशियन पेंट्स
  • इटरनल

दूसरी ओर, कुछ शेयरों में मुनाफावसूली और कमजोरी भी देखने को मिली। पावर ग्रिड, ट्रेंट, महिंद्रा एंड महिंद्रा (M&M) और एक्सिस बैंक शुरुआती कारोबार में दबाव में दिखाई दिए।

कच्चे तेल की कीमतों में नरमी से राहत

अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमत में हल्की गिरावट दर्ज की गई और यह लगभग 79.35 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार करता दिखाई दिया।
तेल की कीमतों में नरमी भारत जैसे आयात-निर्भर देशों के लिए सकारात्मक संकेत मानी जाती है। इससे आयात बिल कम करने, मुद्रास्फीति को नियंत्रित रखने और चालू खाते के संतुलन को बेहतर बनाने में मदद मिल सकती है।

ऊर्जा लागत में संभावित कमी का लाभ कई उद्योगों और उपभोक्ताओं तक पहुंच सकता है, जिससे आर्थिक गतिविधियों को समर्थन मिलने की संभावना रहती है।

RBI के फैसले से निवेशकों को मिला भरोसा

बाजार की सकारात्मक शुरुआत के पीछे भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की हालिया मौद्रिक नीति भी एक महत्वपूर्ण कारण रही। केंद्रीय बैंक ने लगातार चौथी बार रेपो रेट को 5.25 प्रतिशत पर स्थिर रखने का निर्णय लिया है। इसके साथ ही आरबीआई ने अपनी नीति का रुख "न्यूट्रल" बनाए रखा है, जिससे संकेत मिलता है कि भविष्य के निर्णय महंगाई और आर्थिक वृद्धि के आंकड़ों के आधार पर लिए जाएंगे।

केंद्रीय बैंक ने चालू वित्त वर्ष के लिए भारत की आर्थिक वृद्धि दर (GDP Growth) का अनुमान बढ़ाकर 6.7 प्रतिशत कर दिया है। वहीं खुदरा महंगाई (Inflation) का अनुमान घटाकर 5 प्रतिशत कर दिया गया है।

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