धर्मशाला: हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू को लेकर भाजपा नेता सुधीर शर्मा की कथित टिप्पणी के बाद धर्मशाला में राजनीतिक विवाद तेज हो गया है। टिप्पणी के विरोध में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया और सुधीर शर्मा से सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की। कांग्रेस नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि उन्होंने अपनी टिप्पणी को लेकर माफी नहीं मांगी तो विरोध प्रदर्शन को और तेज किया जाएगा।
धर्मशाला में प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भाजपा नेता के खिलाफ नारेबाजी की। कार्यकर्ताओं का कहना था कि मुख्यमंत्री जैसे संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति को लेकर किसी भी तरह की आपत्तिजनक टिप्पणी स्वीकार नहीं की जा सकती। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि सुधीर शर्मा की टिप्पणी राजनीतिक मर्यादा के खिलाफ है और इससे पार्टी कार्यकर्ताओं में नाराजगी है।
कांग्रेस नेताओं के मुताबिक, मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू को लेकर सुधीर शर्मा की टिप्पणी सामने आने के बाद से ही पार्टी कार्यकर्ताओं में आक्रोश है। इसी के विरोध में धर्मशाला में प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि राजनीतिक मतभेद अपनी जगह हैं, लेकिन व्यक्तिगत टिप्पणियों और अपमानजनक भाषा से बचना चाहिए।
कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सुधीर शर्मा से मांग की कि वे अपनी टिप्पणी को वापस लें और सार्वजनिक रूप से माफी मांगें। प्रदर्शन के दौरान नेताओं ने कहा कि यदि भाजपा नेता माफी नहीं मांगते हैं तो कांग्रेस कार्यकर्ता आगे भी उनके खिलाफ विरोध जारी रखेंगे।
धर्मशाला में हुए प्रदर्शन को स्थानीय स्तर पर कांग्रेस के शक्ति प्रदर्शन के तौर पर भी देखा जा रहा है। बड़ी संख्या में कार्यकर्ता एकत्र हुए और सरकार तथा मुख्यमंत्री के समर्थन में नारे लगाए। पार्टी नेताओं ने कार्यकर्ताओं से अनुशासन बनाए रखते हुए लोकतांत्रिक तरीके से विरोध करने की अपील की।
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि हिमाचल में राजनीतिक बहस मुद्दों और नीतियों पर होनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी नेताओं की ओर से मुख्यमंत्री को लेकर व्यक्तिगत टिप्पणियां राजनीतिक संवाद के स्तर को नीचे ले जाती हैं। पार्टी ने भाजपा से भी अपने नेताओं के बयान पर नियंत्रण रखने की मांग की।
विवाद के बीच कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू प्रदेश की जनता द्वारा चुनी गई सरकार का नेतृत्व कर रहे हैं। ऐसे में उनके पद की गरिमा का सम्मान किया जाना चाहिए। कांग्रेस ने कहा कि सरकार की नीतियों पर विपक्ष सवाल उठा सकता है, लेकिन व्यक्तिगत टिप्पणी स्वीकार नहीं की जाएगी।
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने चेतावनी दी कि अगर सुधीर शर्मा ने जल्द माफी नहीं मांगी तो पार्टी आंदोलन को आगे बढ़ाएगी। स्थानीय स्तर पर और बड़े प्रदर्शन किए जाने की बात भी कही गई है। हालांकि प्रदर्शनकारियों ने यह भी कहा कि उनका विरोध लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से जारी रहेगा।
धर्मशाला में कांग्रेस के प्रदर्शन के बाद भाजपा और कांग्रेस के बीच बयानबाजी और तेज होने की संभावना है। हिमाचल की राजनीति में सुधीर शर्मा पहले कांग्रेस में रहे हैं और बाद में भाजपा में शामिल हुए। ऐसे में उनका मुख्यमंत्री सुक्खू के खिलाफ बयान कांग्रेस के लिए राजनीतिक रूप से संवेदनशील मुद्दा बन गया है।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि सुधीर शर्मा को अपनी टिप्पणी के संबंध में स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। यदि उनका बयान गलत तरीके से प्रस्तुत किया गया है तो उन्हें अपना पक्ष रखना चाहिए, लेकिन यदि उन्होंने वास्तव में आपत्तिजनक टिप्पणी की है तो उन्हें सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए।
कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कहा कि मुख्यमंत्री के खिलाफ व्यक्तिगत टिप्पणी से पार्टी कार्यकर्ताओं की भावनाएं आहत हुई हैं। इसी वजह से धर्मशाला में प्रदर्शन किया गया। कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी कि जब तक मामले में संतोषजनक प्रतिक्रिया नहीं मिलती, तब तक विरोध जारी रखा जाएगा।
हिमाचल प्रदेश में पिछले कुछ समय से कांग्रेस और भाजपा के बीच राजनीतिक टकराव लगातार बढ़ा है। सरकार और विपक्ष एक-दूसरे पर कई मुद्दों को लेकर हमलावर रहे हैं। ऐसे में नेताओं के बयानों को लेकर विवाद सामने आने से राजनीतिक माहौल और गरम हो जाता है।
धर्मशाला कांग्रेस का प्रमुख राजनीतिक केंद्र भी है। यहां किसी बड़े नेता या सरकार से जुड़े मुद्दे को लेकर प्रदर्शन होने पर उसका असर प्रदेश की राजनीति में भी दिखाई देता है। इस बार मुख्यमंत्री सुक्खू से जुड़ी टिप्पणी के विरोध में प्रदर्शन ने कांग्रेस और भाजपा के बीच जुबानी जंग को और बढ़ा दिया है।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि पार्टी अपने मुख्यमंत्री के सम्मान और सरकार की गरिमा के लिए किसी भी तरह की आपत्तिजनक टिप्पणी का विरोध करेगी। उन्होंने कहा कि भाजपा नेताओं को राजनीतिक विरोध के दौरान भाषा की मर्यादा का ध्यान रखना चाहिए।
प्रदर्शनकारियों ने यह भी कहा कि लोकतंत्र में विपक्ष को सरकार से सवाल पूछने का पूरा अधिकार है। सरकार की नीतियों की आलोचना भी की जा सकती है, लेकिन व्यक्तिगत आरोप और टिप्पणी राजनीतिक बहस का हिस्सा नहीं होने चाहिए।
फिलहाल धर्मशाला में प्रदर्शन के बाद कांग्रेस ने अपना रुख स्पष्ट कर दिया है। पार्टी की मुख्य मांग है कि सुधीर शर्मा अपनी टिप्पणी पर माफी मांगें। कांग्रेस ने यह भी चेतावनी दी है कि माफी नहीं मांगी गई तो विरोध को और व्यापक किया जाएगा।
अब नजर इस बात पर है कि सुधीर शर्मा इस पूरे विवाद पर क्या प्रतिक्रिया देते हैं और क्या वे अपनी टिप्पणी को लेकर माफी मांगते हैं। उनके अगले बयान से हिमाचल की राजनीति में यह विवाद आगे किस दिशा में जाता है, यह स्पष्ट होगा।











