सनी देओल ने एक बार फिर अपने सिद्धांतों को लेकर साफ रुख जाहिर किया है। शाहरुख खान, अजय देवगन और टाइगर श्रॉफ को Vimal Elaichi विज्ञापन को लेकर महाराष्ट्र FDA की ओर से नोटिस दिए जाने के बीच सनी देओल ने बताया कि वह पान मसाला के विज्ञापन क्यों नहीं करते।
एंटरटेनमेंट न्यूज़: बॉलीवुड अभिनेता सनी देओल ने पान मसाला और गुटखा जैसे उत्पादों के विज्ञापन करने से साफ इनकार करते हुए कहा है कि वह ऐसे किसी ब्रांड का प्रचार नहीं करेंगे, जिस पर उन्हें व्यक्तिगत रूप से विश्वास नहीं है। अभिनेता ने हालिया बातचीत में बताया कि उन्हें इस तरह के विज्ञापनों के लिए कई प्रस्ताव मिले हैं, लेकिन उन्होंने हमेशा इन्हें ठुकराने का फैसला किया।
सनी देओल के इस बयान की चर्चा ऐसे समय में हो रही है, जब सेलिब्रिटी एंडोर्समेंट और पान मसाला ब्रांडों के विज्ञापनों को लेकर बहस तेज है। कई बड़े फिल्म सितारों के ऐसे विज्ञापनों में दिखाई देने के बाद उपभोक्ताओं, सामाजिक संगठनों और नियामक संस्थाओं के स्तर पर सवाल उठते रहे हैं। सनी देओल का कहना है कि उनके लिए केवल आर्थिक लाभ महत्वपूर्ण नहीं है और किसी भी काम को स्वीकार करने से पहले उनका व्यक्तिगत विश्वास और अंतरात्मा अहम भूमिका निभाती है।
'पान मसाला का विज्ञापन नहीं करता और कभी करूंगा भी नहीं'
हाल ही में एक पॉडकास्ट में सनी देओल ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि वह पान मसाला और गुटखा से जुड़े विज्ञापन नहीं करते हैं और भविष्य में भी ऐसा करने का इरादा नहीं रखते। उन्होंने कहा कि इस तरह के उत्पादों के प्रचार के लिए उन्हें प्रस्ताव जरूर मिलते हैं, लेकिन वह उन्हें स्वीकार नहीं करते। अभिनेता के मुताबिक, वह ऐसा कोई काम नहीं करना चाहते, जिसमें उनका भरोसा न हो। उन्होंने कहा कि कई ऐसे अवसर होते हैं जिन्हें व्यक्ति आर्थिक फायदे के बावजूद ठुकरा देता है, क्योंकि उसकी अंतरात्मा उस फैसले से सहमत नहीं होती।
सनी देओल ने अपनी सोच को लेकर यह भी कहा कि वह केवल पैसों के लिए हर काम करने में विश्वास नहीं रखते। उनके अनुसार, यदि कोई फैसला सिर्फ आर्थिक लाभ के आधार पर लिया जा रहा हो, तो वह खुद से सवाल करते हैं कि आखिर वह काम क्यों कर रहे हैं और उसका उद्देश्य क्या है। जब उन्हें भीतर से किसी काम को लेकर संतोष नहीं मिलता, तो वह उससे पीछे हटना बेहतर समझते हैं।
करोड़ों के ऑफर के बावजूद क्यों कहा 'ना'?

पान मसाला और गुटखा विज्ञापनों से जुड़ी संभावित बड़ी रकम को लेकर पूछे गए सवाल पर सनी देओल की प्रतिक्रिया का मूल संदेश यही रहा कि उनके लिए पैसा किसी फैसले का एकमात्र आधार नहीं है। उन्होंने कहा कि इंसान को अपने काम और उसके प्रभाव को लेकर ईमानदारी से सोचना चाहिए। यदि किसी चीज का प्रचार करना व्यक्तिगत सिद्धांतों के विपरीत हो, तो बड़े आर्थिक प्रस्ताव भी उसे स्वीकार करने का पर्याप्त कारण नहीं होने चाहिए।
यही वजह है कि सनी देओल ने कथित तौर पर इस तरह के कई विज्ञापन प्रस्तावों से दूरी बनाए रखी। उनके बयान के बाद सोशल मीडिया पर भी उनके फैसले को लेकर चर्चा शुरू हो गई है।
पान मसाला विज्ञापनों पर बढ़ी नियामकीय बहस
पान मसाला और तंबाकू से जुड़े उत्पादों के प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष विज्ञापनों को लेकर भारत में लंबे समय से बहस होती रही है। कई मामलों में उत्पाद के बजाय उससे जुड़े अन्य उत्पादों या ब्रांड एक्सटेंशन के जरिए विज्ञापन दिखाए जाने पर भी सवाल उठते हैं। हालिया घटनाक्रम में महाराष्ट्र खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) ने पान मसाला विज्ञापन से जुड़े एक मामले में बॉलीवुड कलाकार शाहरुख खान, अजय देवगन और टाइगर श्रॉफ को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। नियामक एजेंसी की जांच इस सवाल पर केंद्रित बताई गई है कि क्या विज्ञापन किसी प्रतिबंधित पान मसाला उत्पाद का अप्रत्यक्ष या सरोगेट प्रचार कर रहे थे।
FDA के अनुसार, विज्ञापन में ब्रांड नाम, संवाद और प्रस्तुति से किसी निजी ब्रांड को पान मसाला उत्पादों से जोड़ने का संदेश जाने की आशंका की जांच की जा रही है। महाराष्ट्र में 13 जुलाई 2026 के आदेश के तहत पान मसाला जैसे प्रतिबंधित उत्पादों के निर्माण, भंडारण, परिवहन, वितरण और बिक्री पर एक वर्ष की रोक लगाए जाने की बात भी सामने आई है।
'बंटवारा 1947' में नजर आए सनी देओल
वर्कफ्रंट की बात करें तो सनी देओल की फिल्म 'बंटवारा 1947' 14 अगस्त को सिनेमाघरों में रिलीज हुई। उपलब्ध बॉक्स ऑफिस आंकड़ों के अनुसार, फिल्म ने रिलीज के शुरुआती तीन दिनों में भारत में लगभग 26.75 करोड़ रुपये का नेट कलेक्शन किया। फिल्म का निर्देशन राजकुमार संतोषी ने किया है और इसे आमिर खान प्रोडक्शन से जोड़ा गया है। फिल्म में सनी देओल के साथ प्रीति जिंटा, शबाना आजमी, अली फजल और करण देओल प्रमुख भूमिकाओं में हैं।











