प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निमंत्रण पर बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान के भारत दौरे से पहले दोनों देशों के बीच कुछ अहम मुद्दों को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
नई दिल्ली: बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान की संभावित भारत यात्रा को लेकर एक बार फिर कूटनीतिक पेच सामने आया है। ढाका ने संकेत दिया है कि नई दिल्ली की यात्रा के लिए अनुकूल माहौल जरूरी है और इसी बीच पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के प्रत्यर्पण का मुद्दा दोनों देशों के बीच प्रमुख विवाद बन गया है। बांग्लादेश लगातार भारत से हसीना को वापस सौंपने की मांग कर रहा है, जबकि भारत ने कहा है कि प्रत्यर्पण अनुरोध की समीक्षा अपने कानूनी ढांचे के तहत की जा रही है।
यह घटनाक्रम भारत और बांग्लादेश के बीच रिश्तों को सामान्य बनाने की कोशिशों के बीच सामने आया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तारिक रहमान को भारत आने का निमंत्रण दिया है। इसके अलावा, सितंबर में नई दिल्ली में होने वाले 18वें BRICS शिखर सम्मेलन में भी रहमान को विशेष अतिथि के तौर पर आमंत्रित किया गया है।
शेख हसीना का मुद्दा बना सबसे बड़ी अड़चन
बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के बाद सत्ता में आई तारिक रहमान के नेतृत्व वाली सरकार शेख हसीना के प्रत्यर्पण को लगातार महत्वपूर्ण मुद्दा बना रही है। हसीना अगस्त 2024 में बड़े पैमाने पर हुए छात्र आंदोलन के बाद भारत आ गई थीं। बाद में बांग्लादेश में उनके खिलाफ मानवता के खिलाफ अपराधों से जुड़े मामले चले और उन्हें उनकी अनुपस्थिति में मौत की सजा सुनाई गई। हसीना ने आरोपों और फैसले को राजनीतिक रूप से प्रेरित बताया है।
बांग्लादेश के विदेश मंत्रालय ने हाल में भारत से प्रत्यर्पण अनुरोध पर तेजी से कार्रवाई करने को कहा है। ढाका का कहना है कि दोनों देशों के बीच उच्चस्तरीय यात्रा के लिए ऐसा माहौल होना चाहिए, जिसमें उसके प्रमुख राजनीतिक और कानूनी मुद्दों को गंभीरता से लिया जाए।
दिल्ली ने कहा- प्रक्रिया कानून के मुताबिक चलेगी

शेख हसीना के प्रत्यर्पण को लेकर भारत का रुख फिलहाल कानूनी प्रक्रिया पर आधारित है। भारत ने बांग्लादेश से मिले अनुरोध की पुष्टि की है और कहा है कि इस मामले की समीक्षा संबंधित घरेलू कानूनी प्रक्रियाओं के तहत की जा रही है। ऐसे में बांग्लादेश की ओर से तत्काल कार्रवाई की अपेक्षा और भारत की कानूनी प्रक्रिया के बीच अंतर बना हुआ है।
यही वजह है कि तारिक रहमान की संभावित द्विपक्षीय यात्रा को लेकर बातचीत संवेदनशील बनी हुई है। बांग्लादेश के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता एकेएम शाहिदुल करीम ने कहा है कि दोनों देशों के अधिकारी यात्रा की संभावना पर संपर्क में हैं, लेकिन इसके लिए अनुकूल माहौल तैयार करना जरूरी है।
दिल्ली में हसीना की प्रेस कॉन्फ्रेंस से बढ़ा तनाव
5 अगस्त को नई दिल्ली में शेख हसीना की सार्वजनिक मीडिया बातचीत के बाद दोनों देशों के बीच बयानबाजी तेज हुई। बांग्लादेश ने भारत में हसीना को सार्वजनिक मंच मिलने पर कड़ी आपत्ति जताई और इसे उसके आंतरिक मामलों तथा संप्रभुता के संदर्भ में गंभीर मुद्दा बताया। भारत ने इस कार्यक्रम से खुद को अलग रखते हुए कहा कि उसने हसीना की प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित या प्रायोजित नहीं की थी। इसके बावजूद इस घटनाक्रम ने तारिक रहमान की संभावित भारत यात्रा को लेकर चल रही बातचीत को और जटिल कर दिया।
BRICS में आने का भी न्योता
भारत ने तारिक रहमान को सितंबर में नई दिल्ली में होने वाले BRICS शिखर सम्मेलन में विशेष अतिथि के तौर पर शामिल होने का निमंत्रण दिया है। बांग्लादेश BRICS का सदस्य नहीं है, लेकिन मेजबान देश को अन्य देशों के नेताओं को विशेष अतिथि के रूप में आमंत्रित करने का अधिकार है। इससे पहले बांग्लादेश के विदेश मंत्री ने कहा था कि सरकार भारत के निमंत्रण की समीक्षा कर रही है। बाद में भी ढाका की ओर से यह स्पष्ट संकेत नहीं दिया गया कि तारिक रहमान नई दिल्ली के सम्मेलन में शामिल होंगे या नहीं।










