टैक्सपेयर्स को राहत! सरकार ने बढ़ाई ITR फाइलिंग की तारीख, अब 15 जनवरी तक कर सकते हैं रिटर्न दाखिल

सरकार ने ITR फाइल करने की तारीख बढ़ाकर 15 जनवरी 2025 कर दी है। टैक्सपेयर्स अब लेट फीस के साथ अपना रिटर्न दाखिल कर सकते हैं। टैक्सपेयर्स को राहत! ITR फाइलिंग

सरकार ने इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) फाइल करने की तिथि 31 दिसंबर से बढ़ाकर 15 जनवरी 2025 तक कर दी है। टैक्सपेयर्स को लेट फीस के साथ ITR भरने का मौका मिलेगा।

Income Tax: सरकार ने 31 दिसंबर की अंतिम तिथि के बाद भी टैक्सपेयर्स को ITR (इनकम टैक्स रिटर्न) फाइल करने का एक और मौका दिया है। अब टैक्सपेयर्स लेट फीस के साथ 15 जनवरी 2025 तक अपना ITR भर सकते हैं।

लेट फीस के साथ ITR फाइल करने का अवसर

यदि आपने 31 दिसंबर तक ITR फाइल नहीं किया है तो आपको 15 जनवरी 2025 तक यह करने का मौका मिलेगा। इस दौरान यदि आपकी आय 5 लाख रुपये से कम है तो आपको 1,000 रुपये की लेट फीस देनी होगी। वहीं, अगर आपकी आय 5 लाख रुपये से ज्यादा है तो आपको 5,000 रुपये की लेट फीस देनी होगी।

कौन से ITR फॉर्म भरें?

ITR-1: यह फॉर्म उन व्यक्तियों के लिए है जिनकी आय 50 लाख रुपये तक है और जो सैलरी, हाउस प्रॉपर्टी या ब्याज से कमाई करते हैं।
ITR-2: यह फॉर्म उन व्यक्तियों और HUFs के लिए है जिनकी किसी बिजनेस या पेशे से आय नहीं है।
ITR-3: यह फॉर्म पेशेवरों और बिजनेस मालिकों के लिए है, जिनकी आय बिजनेस या पेशे से आती है।

टैक्सपेयर्स को राहत! सरकार ने बढ़ाई ITR फाइलिंग की तारीख, अब 15 जनवरी तक कर सकते हैं रिटर्न दाखिल

ITR-4: यह फॉर्म उन व्यक्तियों, HUFs और फर्मों के लिए है जिनकी आय 50 लाख रुपये तक है और जो किसी बिजनेस या पेशे से आय अर्जित करते हैं।
ITR-5: यह फॉर्म संस्थाओं के लिए है जो फर्म, LLPs, AOPs या BOIs के रूप में रजिस्टर्ड हैं।
ITR-6: यह फॉर्म कंपनियों के लिए है जो धारा 11 के तहत छूट का दावा करती हैं।

सरकार की नई योजना

भारत सरकार आगामी बजट में 15 लाख रुपये तक की आय वाले व्यक्तियों के लिए टैक्स में कटौती पर विचार कर रही है। यह कदम मध्यम वर्ग को राहत देने और खर्च बढ़ाने के उद्देश्य से उठाया जा रहा है, क्योंकि धीमी आर्थिक बढ़त और महंगाई ने लोगों के लिए मुश्किलें बढ़ा दी हैं।

फरवरी में बजट के दौरान होगा अंतिम निर्णय

सूत्रों के मुताबिक, टैक्स कटौती के आकार पर अभी निर्णय नहीं लिया गया है, लेकिन इस पर अंतिम फैसला 1 फरवरी को बजट के समय लिया जाएगा। टैक्स दरों में कटौती से उम्मीद है कि लोग नई टैक्स प्रणाली को अपनाएंगे, जो सरल और अधिक लाभकारी है।

नए सिस्टम को अपनाने के लाभ

भारत में इनकम टैक्स का बड़ा हिस्सा उन लोगों से आता है जिनकी आय 1 करोड़ रुपये या उससे अधिक है, जिन पर 30% की टैक्स दर लागू होती है। सरकार की योजना है कि इनकम टैक्स में कटौती से अधिक लोग इस प्रणाली को अपनाएंगे।

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