ट्रांसजेंडर संशोधन बिल पर चर्चा के दौरान जया बच्चन और चेयर में तीखी बहस, सदन में गरमाया माहौल

संसद में ट्रांसजेंडर संशोधन बिल पर चर्चा के दौरान जया बच्चन और चेयर के बीच तीखी बहस हुई। सदन का माहौल गरम हो गया, विपक्ष और सरकार के बीच बहस तेज हुई। पढ़ें पूरी

राज्यसभा में ट्रांसजेंडर के अधिकारों के संरक्षण (संशोधन) बिल पर चर्चा के दौरान Jaya Bachchan और चेयर के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली। सांसद जया बच्चन जब बोलने के लिए खड़ी हुईं, तो उन्होंने शुरुआत में सभी को Ram Navami की शुभकामनाएं दी।

नई दिल्ली: भारत की संसद के उच्च सदन Rajya Sabha में ट्रांसजेंडर अधिकारों से जुड़े संशोधन विधेयक पर चर्चा के दौरान उस समय माहौल तनावपूर्ण हो गया जब समाजवादी पार्टी की सांसद Jaya Bachchan और सभापति की कुर्सी पर बैठे पीठासीन सदस्य के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली। बहस के दौरान बोलने के तरीके और नियमों को लेकर दोनों पक्षों में तीखा संवाद हुआ, जिसका वीडियो बाद में सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो गया। यह घटना उस समय हुई जब सदन में ट्रांसजेंडर व्यक्तियों के अधिकारों से जुड़े संशोधन विधेयक पर चर्चा चल रही थी और कई सांसद अपनी राय रख रहे थे।

संबोधन के दौरान हुआ विवाद

जया बच्चन जब बोलने के लिए खड़ी हुईं तो उन्होंने अपने संबोधन की शुरुआत त्योहार की शुभकामनाओं के साथ की। उन्होंने सभी सदस्यों को रामनवमी की बधाई दी और इसके बाद विधेयक से जुड़े मुद्दों पर अपनी बात रखना शुरू किया। हालांकि, उनके भाषण के दौरान बार-बार व्यवधान होने लगा, जिस पर उन्होंने नाराजगी जताई। सदन की कार्यवाही संचालित कर रहे पीठासीन सदस्य Dinesh Sharma ने उन्हें चेयर की ओर देखकर बोलने की सलाह दी, ताकि कार्यवाही व्यवस्थित तरीके से चल सके।

इस टिप्पणी पर जया बच्चन ने आपत्ति जताई और कहा कि जब दूसरे सदस्य बीच-बीच में बोलते हैं या टिप्पणी करते हैं तो उनका ध्यान स्वाभाविक रूप से उसी दिशा में जाता है।

“फांसी चढ़ा दीजिए…” बयान पर बढ़ा तनाव

बहस के दौरान जया बच्चन ने नाराजगी जताते हुए कहा कि सदन में बोलने का समय चेयर के हाथ में होता है और चाहें तो समय कम कर दिया जाता है। इसी संदर्भ में उन्होंने तीखी टिप्पणी करते हुए कहा कि “आप लोगों के हाथ में सबका समय है, जितना चाहें दीजिए… फांसी चढ़ा दीजिए, कमजोर लोगों को ही चढ़ाया जाता है।”

उनकी इस टिप्पणी के बाद कुछ समय के लिए सदन का माहौल गरमा गया और कई सदस्य अपनी-अपनी सीट से प्रतिक्रिया देने लगे। हालांकि, कार्यवाही को आगे बढ़ाते हुए पीठासीन सदस्य ने व्यवस्था बनाए रखने की अपील की और जया बच्चन से अपनी बात जारी रखने को कहा।

व्यवधान पैदा करने वालों पर कार्रवाई की मांग

जया बच्चन ने अपने संबोधन के दौरान ट्रेजरी बेंच की ओर इशारा करते हुए कहा कि बोलने वाले सदस्य को टोकने के बजाय उन लोगों पर कार्रवाई होनी चाहिए जो लगातार व्यवधान पैदा करते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि चेयर को अपने अधिकारों का उपयोग करते हुए सदन में अनुशासन बनाए रखना चाहिए, ताकि हर सदस्य को अपनी बात रखने का समान अवसर मिल सके।

अपने भाषण के दौरान जया बच्चन ने ट्रांसजेंडर समुदाय से जुड़े मुद्दों पर भी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि भारतीय समाज में इस समुदाय को परंपरागत रूप से सम्मान दिया जाता रहा है और कई सामाजिक व धार्मिक अवसरों पर उनकी विशेष भूमिका रही है। उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि किसी भी कानून को लागू करने से पहले उस समुदाय की वास्तविक स्थिति, समस्याओं और जरूरतों को समझना जरूरी है।

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