ट्रंप का संदेश लेकर नेतन्याहू से मिले दूत, गाजा में इजरायल की क्या है योजना

अमेरिका ने इजरायली प्रधानमंत्री को गाजा सीजफायर के दूसरे चरण के लिए खास संदेश भेजा। इजरायल बंधकों और सुरक्षा मुद्दों पर अड़ा, मिस्र ने रफाह बॉर्डर खोलने पर जोर

अमेरिका ने इजरायली प्रधानमंत्री को गाजा सीजफायर के दूसरे चरण के लिए संदेश भेजा है। इजरायल बंधकों की वापसी और सुरक्षा को प्राथमिकता दे रहा है, जबकि मिस्र रफाह बॉर्डर खोलने और मानवीय राहत बढ़ाने पर जोर दे रहा है।

World News: मध्य पूर्व की राजनीति एक बार फिर निर्णायक मोड़ पर खड़ी दिखाई दे रही है। गाजा युद्ध और उससे जुड़े सीजफायर को लेकर अमेरिका, इजरायल और क्षेत्रीय देशों के बीच कूटनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। इसी कड़ी में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने खास दूतों को एक अहम संदेश के साथ इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के पास भेजा है।

नेतन्याहू से ट्रंप के दूतों की अहम मुलाकात

शनिवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के शीर्ष दूतों ने इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से मुलाकात की। प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से इस मुलाकात की पुष्टि की गई, हालांकि बातचीत के विस्तृत विवरण साझा नहीं किए गए। जानकारी के मुताबिक, इस बैठक में ट्रंप के दूत स्टीव विटकॉफ और ट्रंप के दामाद तथा Middle East Advisor जेरेड कुश्नर मौजूद थे। 

ट्रंप का संदेश

अमेरिकी सूत्रों के अनुसार, ट्रंप के दूत नेतन्याहू के पास एक स्पष्ट संदेश लेकर पहुंचे थे। इस संदेश में गाजा में सीजफायर के दूसरे चरण को शुरू करने का आग्रह किया गया है। अमेरिका चाहता है कि ट्रंप की मध्यस्थता से हुए समझौते को आगे बढ़ाया जाए और गाजा में स्थायी शांति की दिशा में ठोस कदम उठाए जाएं। एक अमेरिकी अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि बातचीत के दौरान गाजा में बचे आखिरी बंधक के अवशेषों की बरामदगी और क्षेत्र के Demilitarization यानी निशस्त्रीकरण के अगले कदमों पर चर्चा हुई।

नेतन्याहू की शर्तें

हालांकि अमेरिका दूसरे चरण को लेकर उत्सुक है, लेकिन इजरायली प्रधानमंत्री नेतन्याहू की अपनी शर्तें हैं। नेतन्याहू पर घरेलू राजनीतिक दबाव भी है और सुरक्षा को लेकर उनकी चिंताएं भी साफ दिखती हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, नेतन्याहू तब तक सीजफायर के दूसरे चरण में आगे बढ़ने को लेकर पूरी तरह तैयार नहीं हैं, जब तक हमास द्वारा बंधकों के अवशेष लौटाने की प्रक्रिया पूरी नहीं होती। इजरायल के लिए यह मुद्दा बेहद संवेदनशील है और सरकार इस पर किसी तरह का समझौता नहीं करना चाहती।

रफाह बॉर्डर क्रॉसिंग बना बड़ा संकेत

सीजफायर के दूसरे चरण की सबसे बड़ी पहचान गाजा और मिस्र के बीच स्थित रफाह बॉर्डर क्रॉसिंग का दोबारा खुलना माना जा रहा है। गाजा में भविष्य की Technical Government के प्रमुख अली शाथ ने हाल ही में कहा था कि यह बॉर्डर क्रॉसिंग अगले हफ्ते दोनों दिशाओं में खोली जा सकती है।

हालांकि इजरायल की ओर से इस पर अभी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। इजरायली अधिकारियों का कहना है कि इस मुद्दे पर इस हफ्ते विचार किया जाएगा। फिलहाल रफाह क्रॉसिंग का गाजा वाला हिस्सा इजरायली सेना के नियंत्रण में है।

बंधकों के शव सौंपे

इस पूरे घटनाक्रम में बंधकों के परिवारों की पीड़ा सबसे अहम मानवीय पहलू है। रान ग्विली के परिवार ने इजरायली सरकार से मांग की है कि हमास पर अधिक दबाव बनाया जाए ताकि उनके बेटे का शव वापस लाया जा सके। परिवार का कहना है कि यह मामला केवल एक समझौते का नहीं, बल्कि इंसानियत का है। परिवार ने यह भी याद दिलाया कि राष्ट्रपति ट्रंप ने खुद इस हफ्ते दावोस में कहा था कि हमास को ठीक-ठीक पता है कि ग्विली का शव कहां रखा गया है।

हमास का जवाब

वहीं हमास ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि उसने सीजफायर के मध्यस्थों को ग्विली के अवशेषों से जुड़ी सारी जानकारी दे दी है। हमास का आरोप है कि इजरायल गाजा में अपने नियंत्रण वाले इलाकों में खोज प्रयासों में बाधा डाल रहा है। इस बयानबाजी ने स्थिति को और जटिल बना दिया है और सीजफायर के दूसरे चरण को लेकर अनिश्चितता बढ़ गई है।

रफाह पर दबाव

मिस्र इस पूरे मामले में एक अहम भूमिका निभा रहा है। मिस्र लगातार रफाह बॉर्डर क्रॉसिंग को तुरंत खोलने के लिए दबाव बना रहा है। मिस्र के विदेश मंत्रालय ने बताया कि उसके शीर्ष राजनयिक ने ट्रंप की नई गाजा शांति बोर्ड के निदेशक से फोन पर बात की और रफाह क्रॉसिंग के तत्काल खुलने पर जोर दिया। मिस्र का मानना है कि इस क्रॉसिंग के खुलने से फिलिस्तीनियों की आवाजाही आसान होगी और मानवीय हालात में सुधार आएगा।

इजरायली वापसी पर चर्चा

मिस्र के विदेश मंत्री बदेर अब्देलअत्ती ने गाजा के उच्च प्रतिनिधि और Bulgarian Diplomat निकोलाय म्लादेनोव से भी फोन पर बातचीत की। इस बातचीत में सीजफायर के दूसरे चरण के कार्यान्वयन पर चर्चा हुई। इसमें International Monitoring Force की तैनाती, रफाह क्रॉसिंग का दोनों दिशाओं में खुलना और गाजा पट्टी से इजरायली सेनाओं की वापसी जैसे मुद्दे शामिल थे। मिस्र का कहना है कि दूसरे चरण का सफल क्रियान्वयन ही गाजा के पुनर्निर्माण का मुख्य रास्ता खोलेगा।

गौरतलब है कि गाजा में पहला सीजफायर 10 अक्टूबर से लागू है। इस चरण में हिंसा में कुछ हद तक कमी आई है, लेकिन हालात अब भी बेहद नाजुक हैं। दूसरे चरण को लेकर सभी पक्षों की उम्मीदें और आशंकाएं दोनों ही चरम पर हैं।

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