ट्रंप ने पेश किया Gold Card Program, विदेशी निवेशक 10 लाख डॉलर देकर पा सकेंगे अमेरिकी नागरिकता

अमेरिका ने Trump Gold Card Visa Program लॉन्च किया। विदेशी निवेशक 1 मिलियन डॉलर जमा कर स्थायी निवास और आगे चलकर नागरिकता का रास्ता पा सकेंगे।

अमेरिका ने Trump Gold Card Visa Program लॉन्च किया है, जिसके तहत विदेशी नागरिक 1 मिलियन डॉलर जमा कर Permanent Residency और बाद में Citizenship प्राप्त कर सकेंगे। ट्रंप ने इसे उद्योगों के लिए लाभदायक कदम बताते हुए प्रतिभाशाली युवाओं को बनाए रखने का समाधान कहा।

Trump Gold Card: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने वह कदम उठाया है जिसका इंतजार कई महीनों से किया जा रहा था। व्हाइट हाउस में व्यापारिक नेताओं की मौजूदगी में उन्होंने आधिकारिक रूप से Trump Gold Card Visa Program लॉन्च किया। ट्रंप ने इस प्रोग्राम को अमेरिकी अर्थव्यवस्था और उद्योगों के लिए एक बड़ा सुधार बताते हुए कहा कि यह कार्ड “कुछ हद तक Green Card जैसा” है, लेकिन इसके फायदे Green Card से कहीं अधिक होंगे। इस कार्यक्रम के साथ अमेरिका ने निवेश आधारित स्थायी निवास (Permanent Residency) पाने का एक नया रास्ता दुनिया के लिए खोल दिया है।

Trump Gold Card क्यों लॉन्च किया

ट्रंप के अनुसार इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य वैश्विक स्तर पर उच्च-मूल्य वाले निवेशकों और उद्यमियों को अमेरिका आकर्षित करना है। उनका कहना है कि अमेरिका ऐसे समय में नया निवेश और प्रतिभा दोनों चाहता है, जब कई उद्योग वैश्विक प्रतिस्पर्धा का सामना कर रहे हैं। ट्रंप ने कहा कि Gold Card अमेरिकी उद्योगों के लिए न सिर्फ अरबों डॉलर का राजस्व लाएगा बल्कि उन कंपनियों की मदद भी करेगा जिन्हें प्रतिभाशाली विदेशी युवा चाहिए होते हैं लेकिन मौजूदा इमिग्रेशन नियमों के कारण वे उन्हें लंबे समय तक नहीं रख पाते।

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यह प्रोग्राम व्यापक इमिग्रेशन प्रतिबंधों से अलग है क्योंकि इसमें सिर्फ योग्य निवेशकों और कुशल प्रतिभाओं को प्राथमिकता दी जाएगी। उनके मुताबिक यह कदम अमेरिकी उद्योगों को भविष्य के लिए मजबूत बनाएगा और सरकार को भारी राजस्व भी देगा।

Gold Card कैसे मिलेगा और कैसे करेगा काम

Trump Gold Card की वेबसाइट शुरू हो चुकी है और व्हाइट हाउस ने ऑनलाइन आवेदन स्वीकार करना भी शुरू कर दिया है। यह कार्ड विदेशी नागरिकों को 1 मिलियन डॉलर (लगभग 9 करोड़ रुपये) अमेरिकी राजकोष में जमा करने के बदले अमेरिका में स्थायी निवास का दर्जा देता है।

यह निवेश एक तरह का Donation माना जाएगा जो सीधे अमेरिकी सरकार के खाते में जाएगा। इसके बदले आवेदक को Permanent Residency मिलेगी, जिसे आगे चलकर नागरिकता प्राप्त करने के लिए उपयोग किया जा सकेगा।

ट्रंप ने लॉन्च के दौरान साफ कहा कि यह व्यवस्था बेहद सरल है। उचित दस्तावेज़ और आवश्यक जांच-पड़ताल के बाद योग्य लोग आवेदन कर सकते हैं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि Gold Card का मॉडल "सीधा, तेज और पारदर्शी" है।

ट्रंप ने बताया क्यों Gold Card Green Card से बेहतर

ट्रंप ने इस मौके पर कहा कि Gold Card कई मायनों में Green Card से बेहतर है क्योंकि इसमें कंपनियों को अधिक स्वतंत्रता मिलेगी।

उन्होंने कहा कि कंपनियां किसी भी कॉलेज या संस्थान में जा सकेंगी, कार्ड खरीद सकेंगी और किसी प्रतिभाशाली व्यक्ति को अमेरिका में रख सकेंगी। उनके अनुसार यह एक ऐसा तोहफा है जो अमेरिका की प्रतिभा क्षमता को बढ़ाएगा।

उन्होंने यह भी कहा कि कई प्रतिभाशाली छात्र डिग्री पूरी होने के बाद भारत, चीन, फ्रांस जैसे देशों में लौट जाते हैं क्योंकि उनके पास अमेरिका में रुकने का स्थायी रास्ता नहीं होता। Gold Card इस समस्या को दूर करेगा और प्रतिभाशाली युवाओं को अमेरिका में काम करने के अधिक अवसर देगा।

ट्रंप ने यह भी दावा किया कि Gold Card मॉडल कंपनियों की सबसे बड़ी समस्या हल करेगा — "Talent Retention"।

उन्होंने कहा कि कंपनियों को अब उन युवाओं को वापस भेजने की मजबूरी नहीं होगी जिन्हें वे प्रशिक्षित करते हैं और जिनमें वे निवेश करते हैं। अब वे Gold Card के जरिये उन्हें लंबे समय तक अमेरिका में रख सकेंगे।

Apple भी खुश होगी – ट्रंप का बड़ा दावा

लॉन्च के दौरान ट्रंप ने यह भी खुलासा किया कि दुनिया की नामी तकनीकी कंपनी Apple पहले से ही इस बदलाव को लेकर उत्साहित थी। उन्होंने कहा कि “मुझे पता है कि Apple बहुत खुश होगी। टिम कुक ने मुझसे इस बारे में सबसे ज्यादा बात की है।”

ट्रंप ने यह माना कि अमेरिकी कंपनियां लंबे समय से इस समस्या का सामना कर रही थीं कि विदेशी छात्र और इंजीनियर पढ़ाई पूरी करने के बाद देश छोड़कर वापस जाते थे, जिसके कारण कंपनियों को भारी नुकसान उठाना पड़ता था।

अमेरिका को होगा अरबों डॉलर का फायदा

ट्रंप ने विश्वास जताया कि यह कार्यक्रम अमेरिकी सरकार के खजाने को कई अरब डॉलर का अतिरिक्त राजस्व देगा। बता दें कि हर आवेदक को 1 मिलियन डॉलर जमा करना अनिवार्य है, इसलिए सरकार को सीधे तौर पर भारी रकम प्राप्त होगी।

उन्होंने कहा कि जैसे-जैसे आवेदन बढ़ेंगे, खजाने में अरबों डॉलर आने की संभावना है। यह धन अमेरिकी उद्योग, नागरिक सेवाओं और वित्तीय ढांचे को मजबूत करने में उपयोग किया जाएगा।

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