ब्रिटेन के नए प्रधानमंत्री एंडी बर्नहम का बड़ा ऐलान: महंगाई से राहत होगी सरकार की पहली प्राथमिकता

प्रधानमंत्री एंडी बर्नहम ने घरेलू बिजली बिलों पर VAT खत्म करने, महंगाई कम करने और प्रशासनिक सुधारों की घोषणा की। विपक्ष ने योजना की फंडिंग पर सवाल उठाए

ब्रिटेन के नए प्रधानमंत्री एंडी बर्नहम ने महंगाई कम करने को सरकार की पहली प्राथमिकता बताया। घरेलू बिजली बिलों पर VAT समाप्त करने और प्रशासनिक सुधारों की घोषणा के साथ सरकार ने लोगों को राहत देने के लिए नई आर्थिक रणनीति पेश की।

लंदन: ब्रिटेन के नए प्रधानमंत्री एंडी बर्नहम ने पदभार संभालने के बाद अपनी पहली कैबिनेट बैठक में स्पष्ट किया कि उनकी सरकार का मुख्य लक्ष्य देश में बढ़ती जीवन-यापन की लागत (Cost of Living) को कम करना होगा। उन्होंने अपनी टीम से कहा कि सरकार ऐसे ठोस कदम उठाएगी, जिससे लोगों को यह भरोसा मिले कि बढ़ते घरेलू खर्चों से राहत मिलने वाली है।

बर्नहम ने कहा कि उनकी सरकार "कॉस्ट ऑफ लिविंग गवर्नमेंट" के रूप में काम करेगी और आने वाले दिनों में आम नागरिकों के खर्च कम करने के लिए कई नई नीतियों की घोषणा की जाएगी।

घरेलू बिजली बिलों पर VAT हटाने का फैसला

प्रधानमंत्री बनने के बाद एंडी बर्नहम ने अपनी पहली बड़ी नीति के तहत घरेलू बिजली बिलों पर लगने वाले 5 प्रतिशत वैट (VAT) को अक्टूबर से समाप्त करने की घोषणा की। सरकार का अनुमान है कि इस फैसले से इंग्लैंड, स्कॉटलैंड और वेल्स में रहने वाले एक औसत परिवार को सालाना लगभग 45 पाउंड की बचत होगी। हालांकि यह राहत उत्तरी आयरलैंड में लागू नहीं होगी, क्योंकि वहां ब्रेक्जिट के बाद लागू विशेष नियम प्रभावी हैं। इसके बदले वहां की सरकार को ट्रेजरी की ओर से अतिरिक्त वित्तीय सहायता देने की योजना बनाई गई है ताकि स्थानीय स्तर पर महंगाई राहत योजनाएं लागू की जा सकें।

डिजिटल आईडी योजना बंद कर जुटाया जाएगा पैसा

सरकार ने इस कर राहत का खर्च पूरा करने के लिए पूर्व प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर सरकार की प्रस्तावित डिजिटल आईडी योजना को समाप्त करने का फैसला किया है। डाउनिंग स्ट्रीट के अनुसार, बिजली बिलों पर VAT समाप्त करने की लागत चालू वित्त वर्ष में लगभग 85 करोड़ पाउंड होगी, जबकि डिजिटल आईडी परियोजना के लिए अगले तीन वर्षों में लगभग 1.8 अरब पाउंड का बजट निर्धारित था। सरकार का कहना है कि इसी राशि को पुनर्निर्देशित कर नई राहत योजना लागू की जाएगी।

फंडिंग को लेकर शुरू हुआ राजनीतिक विवाद

सरकार के इस फैसले के तुरंत बाद विपक्ष और लेबर पार्टी के कुछ नेताओं ने इसकी फंडिंग पर सवाल उठाए। पूर्व सरकार के करीबी माने जाने वाले डैरेन जोन्स ने कहा कि डिजिटल आईडी कार्यक्रम के लिए अलग से धन आवंटित नहीं था, इसलिए सरकार को स्पष्ट करना चाहिए कि बिजली बिलों पर टैक्स राहत के लिए वास्तविक वित्तीय संसाधन कहां से आएंगे। विपक्षी दलों ने भी आरोप लगाया कि सरकार सार्वजनिक वित्त को लेकर स्पष्ट तस्वीर पेश नहीं कर रही है। हालांकि प्रधानमंत्री कार्यालय ने कहा कि विभिन्न विभागों में पहचानी गई बचत और प्राथमिकताओं में बदलाव के जरिए इस योजना को पूरी तरह वित्तपोषित किया जाएगा।

पहली कैबिनेट बैठक में महंगाई पर जोर

पहली कैबिनेट बैठक में एंडी बर्नहम ने सभी मंत्रियों से कहा कि वे अपने-अपने विभागों में ऐसे सुझाव तैयार करें, जिनसे आम नागरिकों के खर्च कम किए जा सकें। उन्होंने कहा कि कुछ बड़े और कुछ छोटे फैसले मिलकर लोगों की आर्थिक स्थिति में वास्तविक सुधार ला सकते हैं। साथ ही उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उनकी सरकार हर नई योजना के लिए पहले यह बताएगी कि उसका वित्तीय स्रोत क्या होगा।

बजट से पहले खर्चों की नई प्राथमिकताएं

प्रधानमंत्री ने स्वीकार किया कि आगामी राष्ट्रीय बजट से पहले सरकार को नई योजनाओं के लिए मौजूदा बजट में प्राथमिकताओं को बदलना होगा। उन्होंने कहा कि सभी मंत्रालयों को अपने खर्चों की समीक्षा करनी होगी और जहां संभव हो वहां बचत कर जनहित की योजनाओं के लिए संसाधन उपलब्ध कराने होंगे। सरकार पहले ही बेघर लोगों की सहायता के लिए अगले पांच वर्षों में 34 करोड़ पाउंड अतिरिक्त खर्च करने की घोषणा कर चुकी है, जिसे आवास विभाग के अप्रयुक्त बजट से पूरा किया जाएगा।

ब्रिटेन के नए प्रधानमंत्री एंडी बर्नहम का बड़ा ऐलान: महंगाई से राहत होगी सरकार की पहली प्राथमिकता

कैबिनेट में बड़े बदलाव

प्रधानमंत्री बनने के बाद एंडी बर्नहम ने अपनी कैबिनेट में कई महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं। नई सरकार में जॉन हीली को वित्त मंत्री (चांसलर) बनाया गया है। उन्होंने ट्रेजरी के कर्मचारियों को संबोधित करते हुए कहा कि कर और सार्वजनिक खर्च में अनुशासन उनकी पहली जिम्मेदारी होगी। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार सार्वजनिक निवेश के साथ-साथ निजी और अंतरराष्ट्रीय निवेश को भी अधिकतम स्तर तक आकर्षित करने का प्रयास करेगी।

अनस सरवर को मिल सकती है नई जिम्मेदारी

सूत्रों के अनुसार, स्कॉटिश लेबर नेता अनस सरवर को हाउस ऑफ लॉर्ड्स में भेजकर सरकार में शामिल किया जा सकता है। बताया जा रहा है कि उन्हें बिजनेस मंत्री की जिम्मेदारी दी जा सकती है। यदि ऐसा होता है तो उन्हें स्कॉटिश संसद की सदस्यता छोड़नी होगी। हालांकि इस संबंध में अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।

विदेश नीति में निरंतरता

सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि ब्रिटेन की विदेश और सुरक्षा नीति में तत्काल कोई बड़ा बदलाव नहीं किया जाएगा। प्रधानमंत्री एंडी बर्नहम ने अमेरिका को ईरान के खिलाफ केवल रक्षात्मक सैन्य अभियानों के लिए ब्रिटिश सैन्य ठिकानों के उपयोग की अनुमति देने का फैसला किया है। यह नीति पूर्व सरकार की रणनीति के अनुरूप बताई जा रही है। सरकारी सूत्रों के अनुसार, डिएगो गार्सिया और RAF फेयरफोर्ड जैसे सैन्य अड्डों का उपयोग केवल रक्षात्मक अभियानों तक सीमित रहेगा।

"No 10 North" परियोजना का ऐलान

सरकार ने प्रशासनिक विकेंद्रीकरण को बढ़ावा देने के लिए "No 10 North" नाम से मैनचेस्टर में प्रधानमंत्री कार्यालय की नई इकाई स्थापित करने की घोषणा की है। इस नई इकाई को स्थानीय आर्थिक विकास और विकेंद्रीकरण संबंधी कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां दी जाएंगी। इसके अलावा "ऑफिस फॉर द प्राइम मिनिस्टर एंड द कैबिनेट" नाम से एक नई संस्था भी बनाई जाएगी, जिसका उद्देश्य विभिन्न मंत्रालयों के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित करना होगा। सरकारी कर्मचारियों को लंदन से उत्तरी इंग्लैंड स्थानांतरित होने के लिए विशेष प्रोत्साहन पैकेज भी दिए जाएंगे।

आगे क्या?

नई सरकार के शुरुआती फैसलों से यह संकेत मिल रहा है कि एंडी बर्नहम महंगाई कम करने, ऊर्जा लागत घटाने और प्रशासनिक सुधारों को अपनी प्राथमिकता बनाना चाहते हैं। हालांकि विपक्ष फंडिंग और आर्थिक अनुशासन को लेकर लगातार सवाल उठा रहा है। ऐसे में आने वाला राष्ट्रीय बजट यह तय करेगा कि नई सरकार अपनी चुनावी और शुरुआती घोषणाओं को किस हद तक व्यवहार में उतार पाती है।

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