उत्तर प्रदेश में मानसून ने रफ्तार पकड़ ली है और राज्य के कई हिस्सों में लगातार हो रही बारिश से जनजीवन प्रभावित हुआ है। प्रदेश के 30 शहरों में तेज बारिश दर्ज की गई है, जबकि मौसम विभाग ने 27 शहरों में पहली बार इस मानसून सीजन का रेड अलर्ट जारी किया है। भारी वर्षा की आशंका को देखते हुए 5 जिलों में स्कूल बंद रखने का फैसला लिया गया है। बारिश से जुड़े अलग-अलग हादसों में तीन लोगों की मौत की भी सूचना है।
Uttar Pradesh के कई जिलों में रातभर और सुबह तक लगातार बारिश होती रही। राजधानी लखनऊ, कानपुर, आगरा, नोएडा, वाराणसी, प्रयागराज और गोरखपुर सहित अनेक शहरों में बादल छाए रहे और कई स्थानों पर तेज बारिश दर्ज की गई। निचले इलाकों में जलभराव के कारण लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ा।
Ghaziabad में भारी बारिश के बाद कई प्रमुख सड़कें पानी में डूब गईं। कई कॉलोनियों और अंडरपास में जलभराव होने से यातायात प्रभावित रहा। सुबह के समय दफ्तर और स्कूल जाने वाले लोगों को लंबा जाम झेलना पड़ा। नगर निगम की टीमें जलनिकासी में जुटी रहीं।
मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश के 27 शहरों में रेड अलर्ट जारी किया गया है। इसका अर्थ है कि कुछ स्थानों पर अत्यधिक भारी बारिश, तेज हवाएं और स्थानीय स्तर पर जलभराव जैसी स्थिति बन सकती है। लोगों को अनावश्यक यात्रा से बचने और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है।
भारी बारिश की चेतावनी को देखते हुए पांच जिलों में स्कूलों को एहतियातन बंद रखा गया है। जिला प्रशासन ने अभिभावकों से अपील की है कि वे मौसम सामान्य होने तक बच्चों को घर के अंदर ही रखें और किसी भी प्रकार की अफवाह पर ध्यान न दें।
बारिश से जुड़े अलग-अलग हादसों में तीन लोगों की मौत की सूचना मिली है। प्रशासन ने संबंधित घटनाओं की जानकारी जुटाने के साथ राहत एवं बचाव कार्य तेज कर दिए हैं। प्रभावित क्षेत्रों में पुलिस, आपदा प्रबंधन और स्थानीय प्रशासन की टीमें तैनात हैं।
लगातार हो रही बारिश का असर रेल और सड़क यातायात पर भी देखा जा रहा है। कई स्थानों पर वाहनों की गति धीमी रही, जबकि कुछ ग्रामीण संपर्क मार्गों पर पानी भरने से आवाजाही प्रभावित हुई। प्रशासन संवेदनशील इलाकों पर लगातार नजर बनाए हुए है।
कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि यह बारिश खरीफ फसलों के लिए लाभदायक हो सकती है, लेकिन अत्यधिक वर्षा होने पर खेतों में जलभराव से नुकसान की आशंका भी रहती है। किसानों को स्थानीय मौसम पूर्वानुमान के अनुसार खेती से जुड़े निर्णय लेने की सलाह दी गई है।
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि बारिश के दौरान बिजली के खंभों और खुले तारों से दूर रहें, जलभराव वाले रास्तों से बचें तथा किसी भी आपात स्थिति में स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग की हेल्पलाइन पर संपर्क करें। फिलहाल मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले 24 से 48 घंटों तक उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में मानसूनी गतिविधियां तेज बनी रहेंगी। ऐसे में लोगों को सतर्क रहने और प्रशासन द्वारा जारी सभी सुरक्षा निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है।










