LIVE: यूपी में सरयू नदी में समाया सरकारी प्राइमरी स्कूल नहर टूटी फसलें जलमग्न, 75 शहरों में भारी बारिश का अलर्ट

यूपी में लगातार बारिश से सरयू नदी में सरकारी प्राइमरी स्कूल समा गया। नहर टूटने से फसलें डूबीं, एक्सप्रेस-वे की सड़क धंसी और 75 शहरों में बारिश का अलर्ट जारी।
LIVE: यूपी में सरयू नदी में समाया सरकारी प्राइमरी स्कूल नहर टूटी फसलें जलमग्न, 75 शहरों में भारी बारिश का अलर्ट
Photo Credit / Attribution: Google

उत्तर प्रदेश में मानसून ने एक बार फिर कहर बरपाना शुरू कर दिया है। लगातार हो रही बारिश और नदियों के बढ़ते जलस्तर के कारण कई जिलों में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। सबसे चौंकाने वाली घटना सरयू नदी के किनारे सामने आई, जहां कटान के चलते एक सरकारी प्राइमरी स्कूल नदी में समा गया। देखते ही देखते स्कूल की इमारत नदी की तेज धारा में बह गई। घटना के समय स्कूल में पढ़ाई नहीं चल रही थी, जिससे बड़ा हादसा टल गया। प्रशासन ने क्षेत्र की घेराबंदी कर लोगों को नदी किनारे जाने से रोक दिया है।

बारिश का असर केवल नदी किनारे ही नहीं बल्कि ग्रामीण इलाकों में भी साफ दिखाई दे रहा है। कई स्थानों पर नहर टूटने से बड़ी मात्रा में पानी खेतों में फैल गया, जिससे धान, मक्का, गन्ना और अन्य फसलें जलमग्न हो गईं। किसानों का कहना है कि पानी कई दिनों तक खेतों में भरा रहा तो फसलों को भारी नुकसान हो सकता है। कृषि विभाग नुकसान का आकलन करने की तैयारी में जुट गया है।

लगातार बारिश के कारण एक एक्सप्रेस-वे पर भी सड़क धंसने की घटना सामने आई है। सड़क के एक हिस्से में दरारें आने और मिट्टी खिसकने के बाद प्रशासन ने तत्काल सुरक्षा के लिए बैरिकेडिंग कर दी। यातायात को नियंत्रित किया जा रहा है और मरम्मत कार्य शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों का कहना है कि विशेषज्ञों की टीम सड़क की तकनीकी जांच कर रही है ताकि आगे किसी बड़े हादसे से बचा जा सके।

मौसम विभाग ने प्रदेश के 75 शहरों और जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया है। कई स्थानों पर तेज बारिश के साथ गरज-चमक, बिजली गिरने और तेज हवा चलने की भी संभावना जताई गई है। निचले इलाकों में जलभराव और नदी किनारे बसे गांवों में सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। जिला प्रशासन को राहत और बचाव दलों को तैयार रखने तथा संवेदनशील क्षेत्रों की लगातार निगरानी करने को कहा गया है।

सरयू नदी सहित कई नदियों का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। नदी किनारे बसे गांवों में कटान तेज होने से लोगों में दहशत का माहौल है। प्रशासन ने संवेदनशील इलाकों में रहने वाले परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी है। कुछ स्थानों पर नावों और राहत टीमों को भी तैनात किया गया है ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत सहायता पहुंचाई जा सके।

बारिश के चलते कई ग्रामीण सड़कों पर जलभराव हो गया है। कुछ संपर्क मार्ग पूरी तरह बंद हो गए हैं, जिससे लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्कूल जाने वाले बच्चों, मरीजों और किसानों को सबसे अधिक दिक्कत हो रही है। कई गांवों में बिजली आपूर्ति भी प्रभावित हुई है और पेयजल व्यवस्था पर असर पड़ा है।

कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि लगातार बारिश और खेतों में पानी भरने से खरीफ फसलों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। यदि जल्द पानी की निकासी नहीं हुई तो उत्पादन में कमी आने की आशंका है। प्रशासन ने सिंचाई विभाग और कृषि विभाग की संयुक्त टीमों को प्रभावित क्षेत्रों का सर्वे करने के निर्देश दिए हैं।

आपदा प्रबंधन विभाग ने लोगों से अपील की है कि बारिश के दौरान अनावश्यक रूप से नदी, नहर और जलभराव वाले क्षेत्रों के पास न जाएं। खराब मौसम के दौरान पेड़ों के नीचे खड़े होने और बिजली गिरने की आशंका वाले खुले स्थानों से बचने की सलाह दी गई है। वाहन चालकों को भी जलभराव और क्षतिग्रस्त सड़कों पर विशेष सावधानी बरतने के निर्देश दिए गए हैं।

प्रदेश सरकार का कहना है कि सभी जिलों में प्रशासन को अलर्ट मोड पर रखा गया है। राहत एवं बचाव दलों, स्वास्थ्य विभाग, बिजली विभाग और सिंचाई विभाग को समन्वय के साथ काम करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रभावित क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखी जा रही है और जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त राहत सामग्री तथा बचाव दल भेजे जाएंगे। फिलहाल पूरे प्रदेश में मानसून की गतिविधियां तेज बनी हुई हैं और मौसम विभाग ने लोगों से अगले कुछ दिनों तक सतर्क रहने की अपील की है।

Leave a comment