उत्तराखंड कैबिनेट बैठक: 12 बड़े प्रस्तावों को मंजूरी, उपनल कर्मचारियों को बड़ी राहत

उत्तराखंड कैबिनेट बैठक में 12 बड़े प्रस्तावों को मंजूरी दी गई है। इनमें उपनल कर्मचारियों के लिए राहत से जुड़े अहम फैसले शामिल हैं। जानिए बैठक में लिए गए प्रमुख

Uttarakhand में मुख्यमंत्री Pushkar Singh Dhami की अध्यक्षता में गुरुवार को हुई कैबिनेट बैठक में कुल 12 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। इस बैठक में राज्य के प्रशासनिक और विकास से जुड़े कई अहम निर्णय लिए गए।

देहरादून: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में गुरुवार को हुई उत्तराखंड कैबिनेट बैठक में कुल 12 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। बैठक में शिक्षा, रोजगार, पर्यटन, कृषि, गृह और प्रशासनिक सुधारों से जुड़े कई अहम फैसले लिए गए। सरकार ने दावा किया है कि उत्तराखंड अब पूर्ण साक्षर राज्य बन गया है, जहां साक्षरता दर 98 प्रतिशत से अधिक पहुंच चुकी है।

बैठक की शुरुआत पूर्व मुख्यमंत्री मेजर जनरल भुवन चंद्र खंडूड़ी और पद्मश्री निशानेबाज जसपाल राणा के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए दो मिनट के मौन से हुई।

उत्तराखंड को मिला ‘पूर्ण साक्षर राज्य’ का दर्जा

कैबिनेट ने माध्यमिक शिक्षा विभाग के प्रस्ताव को मंजूरी देते हुए उत्तराखंड को पूर्ण साक्षर राज्य घोषित करने का निर्णय लिया। सरकार के अनुसार राज्य में साक्षरता दर 98 प्रतिशत से अधिक हो चुकी है, जो राष्ट्रीय औसत से काफी अधिक है। इस उपलब्धि को राज्य के शिक्षा सुधारों और साक्षरता अभियानों का परिणाम बताया जा रहा है।

उपनल कर्मचारियों को बड़ी राहत, कटऑफ डेट बढ़ाई गई

कैबिनेट का एक महत्वपूर्ण निर्णय उपनल (UPNL) कर्मचारियों से जुड़ा रहा। सरकार ने समान कार्य-समान वेतन के लिए कटऑफ तिथि को 12 नवंबर 2018 से बढ़ाकर 15 अगस्त 2024 कर दिया है। इस फैसले से बड़ी संख्या में संविदा और आउटसोर्स कर्मचारियों को लाभ मिलने की संभावना है, जो लंबे समय से वेतन समानता की मांग कर रहे थे।

संस्कृत शिक्षा नियमावली में संशोधन को मंजूरी

उत्तराखंड कैबिनेट बैठक: 12 बड़े प्रस्तावों को मंजूरी, उपनल कर्मचारियों को बड़ी राहत

उत्तराखंड संस्कृत शिक्षा संशोधन नियमावली-2026 को कैबिनेट की मंजूरी मिल गई है। इसके तहत—

  • संस्कृत विद्यालयों की मान्यता प्रक्रिया में बदलाव
  • पाठ्यक्रम निर्धारण में संशोधन
  • परीक्षा संचालन प्रणाली में सुधार

इन बदलावों का उद्देश्य संस्कृत शिक्षा को अधिक व्यवस्थित और आधुनिक बनाना बताया गया है।

बिटुमेन कीमतों पर नियंत्रण और बुनियादी ढांचे पर फोकस

लोक निर्माण विभाग से जुड़े प्रस्ताव के तहत मिडिल ईस्ट में युद्ध के कारण बढ़ी बिटुमेन (डामर) की कीमतों के प्रभाव को नियंत्रित करने के लिए नई व्यवस्था बनाने का निर्णय लिया गया है। इससे राज्य की सड़क निर्माण और मरम्मत परियोजनाओं पर लागत नियंत्रण में मदद मिलने की उम्मीद है।

कैबिनेट ने आबकारी विभाग में निर्णय लेते हुए कहा कि होलोग्राम दोहराव की स्थिति में अब दोहरा कर नहीं लगाया जाएगा, बल्कि केवल एक बार टैक्स लिया जाएगा। कृषि क्षेत्र में, सगंध एवं हर्बल उत्पादों के निर्यात को बढ़ावा देने के लिए सेलाकुई स्थित केंद्र में मिलावट जांच सुविधा विकसित करने को मंजूरी दी गई। इसके लिए पांच नए पद भी स्वीकृत किए गए हैं।

पर्यटन और अंतरराष्ट्रीय आयोजन को बढ़ावा

पर्यटन विभाग के तहत अंतरराष्ट्रीय हिमालयन कार रैली के आयोजन को मंजूरी दी गई है। इस आयोजन की जिम्मेदारी एक संस्था को सौंपी जाएगी और इसमें लगभग 50 अंतरराष्ट्रीय कारों के शामिल होने की संभावना है। सरकार का मानना है कि इस तरह के आयोजन उत्तराखंड को वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर मजबूत पहचान दिलाएंगे।

चारधाम यात्रा को और सुरक्षित बनाने के लिए घोड़ा-खच्चर सेवाओं पर सरकार 5 प्रतिशत बीमा सहायता प्रदान करेगी। वहीं पशुपालन विभाग के तहत एम्ब्रियो ट्रांसफर तकनीक के माध्यम से दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के लिए गौवंश आधारित पायलट परियोजना को मंजूरी दी गई है।

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