रुद्रप्रयाग में लगातार बारिश के कारण अलकनंदा और मंदाकिनी नदियां चेतावनी स्तर से ऊपर बह रही हैं। कई सड़कें बंद होने के बाद प्रशासन ने एहतियातन केदारनाथ यात्रा आंशिक रूप से रोक दी है और लोगों से नदी किनारों से दूर रहने की अपील की है।
रुद्रप्रयाग: उत्तराखंड में लगातार हो रही भारी बारिश का असर चारधाम यात्रा और सड़क यातायात पर पड़ने लगा है। रुद्रप्रयाग जिले में अलकनंदा और मंदाकिनी नदियों का जलस्तर चेतावनी स्तर से ऊपर पहुंच गया है। एनएच-107 सहित कई सड़कें बंद होने के बाद प्रशासन ने सुरक्षा के मद्देनजर केदारनाथ यात्रा को आंशिक रूप से रोक दिया है।
लगातार बारिश से बिगड़े हालात, नदियां चेतावनी स्तर से ऊपर
उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले में लगातार हो रही बारिश के कारण जनजीवन प्रभावित होने लगा है। जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र की मंगलवार सुबह जारी रिपोर्ट के अनुसार, जिले में बादल और घना कोहरा छाया हुआ है, जबकि अलकनंदा और मंदाकिनी नदियों का जलस्तर चेतावनी स्तर से ऊपर दर्ज किया गया है। बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन ने लोगों से नदी किनारों पर जाने से बचने और अनावश्यक आवाजाही न करने की अपील की है।

रिपोर्ट के मुताबिक बीते 24 घंटों में रुद्रप्रयाग में 12 मिमी, ऊखीमठ में 120 मिमी और जखोली में 58 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई। लगातार बारिश के चलते अलकनंदा नदी का जलस्तर 626.60 मीटर और मंदाकिनी नदी का जलस्तर 625.55 मीटर दर्ज किया गया, जो दोनों नदियों के चेतावनी स्तर से ऊपर है। हालांकि गंगानगर और गौरीकुंड क्षेत्र में नदी का जलस्तर अभी चेतावनी स्तर से नीचे बना हुआ है।
NH-107 बंद, केदारनाथ यात्रा पर असर
भारी बारिश और भूस्खलन के कारण जिले में सड़क संपर्क भी प्रभावित हुआ है। जिला प्रशासन के अनुसार राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-107) तीन स्थानों पर अवरुद्ध है। इसके अलावा दो राज्य मार्ग, लोक निर्माण विभाग (PWD) के 10 सड़क मार्ग, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) के आठ मार्ग और एनपीसीसी का एक मार्ग भी बंद है।
विशेष रूप से मुनकटिया क्षेत्र में NH-107 बंद होने के कारण केदारनाथ यात्रा को एहतियातन आंशिक रूप से रोक दिया गया है। प्रशासन का कहना है कि यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और मार्ग सुरक्षित होने के बाद ही यात्रा को पूरी तरह बहाल किया जाएगा।
प्रशासन ने जारी किया अलर्ट
जिला प्रशासन ने संभावित खतरे को देखते हुए सभी संबंधित विभागों को अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए हैं। नगर पालिका परिषदों और नगर पंचायतों के माध्यम से लाउडस्पीकर से लगातार घोषणाएं कर लोगों को नदी किनारों से दूर रहने और मौसम सामान्य होने तक सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है।
साथ ही अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि किसी भी प्राकृतिक आपदा, भूस्खलन या दुर्घटना की सूचना तत्काल जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र को उपलब्ध कराई जाए, ताकि राहत और बचाव कार्य में किसी प्रकार की देरी न हो।
यात्रियों और स्थानीय लोगों से सतर्क रहने की अपील
प्रशासन ने चारधाम यात्रा पर निकले श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों से अपील की है कि वे मौसम और सड़कों की ताजा जानकारी प्राप्त करने के बाद ही यात्रा करें। लगातार हो रही बारिश के कारण पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन और अचानक जलस्तर बढ़ने का खतरा बना हुआ है।
राहत एजेंसियां और संबंधित विभाग प्रभावित मार्गों से मलबा हटाने तथा यातायात बहाल करने के प्रयास में जुटे हैं। हालांकि मौसम की स्थिति सामान्य होने तक लोगों को अनावश्यक यात्रा से बचने और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है। इससे किसी भी संभावित दुर्घटना से बचा जा सकता है और राहत कार्यों को भी सुचारु रूप से संचालित किया जा सकेगा।












