उत्तराखंड में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान के तहत 92 प्रतिशत से अधिक मतदाता फॉर्म का डिजिटाइजेशन पूरा हो चुका है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने 'अन-कलेक्टेबल' मतदाताओं के दोबारा सत्यापन और शेष कार्य जल्द पूरा करने के निर्देश दिए हैं।
देहरादून: उत्तराखंड में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान तेजी से आगे बढ़ रहा है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. बीवीआरसी पुरुषोत्तम ने समीक्षा बैठक में बताया कि राज्य में 92 प्रतिशत से अधिक फॉर्म का डिजिटाइजेशन पूरा हो चुका है। उन्होंने सभी जिलों को शेष कार्य जल्द पूरा करने और 'अन-कलेक्टेबल' श्रेणी में शामिल मतदाताओं का दोबारा सत्यापन करने के निर्देश दिए।
विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान की हुई समीक्षा
मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. बीवीआरसी पुरुषोत्तम ने सोमवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी जिलाधिकारियों और निर्वाचन अधिकारियों के साथ विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान की प्रगति की समीक्षा की। बैठक में मतदाता सूची को अधिक सटीक और अद्यतन बनाने के लिए चल रहे कार्यों की विस्तार से समीक्षा की गई।

उन्होंने अधिकारियों से कहा कि जिन जिलों में फॉर्म डिजिटाइजेशन का कार्य अभी पूरा नहीं हुआ है, वहां इसे प्राथमिकता के आधार पर जल्द से जल्द पूरा किया जाए। साथ ही जिन मतदाताओं को 'अन-कलेक्टेबल' श्रेणी में रखा गया है, उनका दोबारा सत्यापन सुनिश्चित किया जाए, ताकि किसी भी पात्र मतदाता का नाम अनावश्यक रूप से प्रभावित न हो।
92 प्रतिशत से अधिक डिजिटाइजेशन पूरा
बैठक में बताया गया कि राज्यभर में मतदाता गणना फॉर्म के वितरण का कार्य लगभग पूरा हो चुका है। अब तक 99 प्रतिशत से अधिक गणना फॉर्म वितरित किए जा चुके हैं, जबकि 92 प्रतिशत से अधिक फॉर्म का डिजिटाइजेशन भी पूरा हो गया है।
निर्वाचन आयोग के अनुसार कई जिलों ने इस कार्य में उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की है। अल्मोड़ा और चंपावत में डिजिटाइजेशन का कार्य पूरी तरह पूरा हो चुका है। वहीं बागेश्वर और पिथौरागढ़ में 97 प्रतिशत, टिहरी गढ़वाल में 96 प्रतिशत, उत्तरकाशी में 95 प्रतिशत तथा चमोली और पौड़ी गढ़वाल में 94 प्रतिशत कार्य पूरा किया जा चुका है। रुद्रप्रयाग, नैनीताल, ऊधम सिंह नगर, देहरादून और हरिद्वार सहित अन्य जिलों में भी तेजी से कार्य जारी है।
मतदान केंद्रों के पुनर्गठन की तैयारी शुरू
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने निर्देश दिए कि जिन जिलों में डिजिटाइजेशन लगभग पूरा हो चुका है, वे मतदान केंद्रों के पुनर्गठन की प्रक्रिया भी शुरू कर दें। इसके अलावा जिला निर्वाचन अधिकारी (DEO) और निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (ERO) को बूथवार एसएसडी सूची की स्वयं समीक्षा करने के निर्देश भी दिए गए हैं, ताकि मतदाता सूची में किसी प्रकार की त्रुटि न रहे।
बैठक के दौरान अधिकारियों ने विभिन्न जिलों में चल रहे कार्यों की प्रगति रिपोर्ट भी प्रस्तुत की। निर्वाचन विभाग का उद्देश्य समयबद्ध तरीके से पुनरीक्षण अभियान पूरा कर मतदाता सूची को अधिक पारदर्शी और सटीक बनाना है।
अधिकारियों ने जताया संतोष
समीक्षा बैठक के अंत में मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. बीवीआरसी पुरुषोत्तम ने अब तक हुई प्रगति पर संतोष व्यक्त किया और सभी जिलों के अधिकारियों को बेहतर कार्य के लिए बधाई दी। उन्होंने कहा कि शेष कार्य भी तय समयसीमा के भीतर पूरा किया जाए, ताकि आगामी चुनावों के लिए अद्यतन और त्रुटिरहित मतदाता सूची तैयार की जा सके।
बैठक में संयुक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारी, उप मुख्य निर्वाचन अधिकारी, सहायक मुख्य निर्वाचन अधिकारी, सभी जिलाधिकारी तथा निर्वाचन से जुड़े अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे।












