उत्तर कोरिया ने परमाणु क्षमता वाले MRLS रॉकेट सिस्टम का परीक्षण किया, जिसकी निगरानी किम जोंग उन ने की। दक्षिण कोरिया ने इसे क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए खतरा बताते हुए कड़ी निंदा की। अमेरिका-दक्षिण कोरिया सैन्य अभ्यास के बीच तनाव बढ़ा है।
North Korea: उत्तर कोरिया ने एक बार फिर अपने सैन्य शक्ति प्रदर्शन से दुनिया का ध्यान खींच लिया है। देश ने परमाणु क्षमता वाले मल्टीपल रॉकेट लॉन्चर सिस्टम यानी MRLS का सफल परीक्षण किया है। इस परीक्षण के बाद क्षेत्र में तनाव बढ़ गया है और दक्षिण कोरिया ने इसकी कड़ी निंदा की है। उत्तर कोरिया की सरकारी मीडिया ने इस सैन्य अभ्यास की जानकारी देते हुए बताया कि यह परीक्षण देश की रक्षा क्षमता को मजबूत करने के उद्देश्य से किया गया।
कोरियन सेंट्रल न्यूज एजेंसी यानी KCNA के अनुसार इस परीक्षण को उत्तर कोरिया के सर्वोच्च नेता किम जोंग उन ने खुद देखा। उनके साथ उनकी बेटी जू ए भी मौजूद थीं। इस दौरान कई अत्याधुनिक रॉकेट सिस्टम का इस्तेमाल किया गया और उनकी सटीकता तथा मारक क्षमता का प्रदर्शन किया गया।
किम जोंग उन ने खुद देखा मिसाइल परीक्षण
सरकारी मीडिया के मुताबिक इस सैन्य अभ्यास के दौरान किम जोंग उन ने पूरे परीक्षण की निगरानी की। उनके साथ उनकी बेटी जू ए भी मौजूद थीं, जो पिछले कुछ समय से कई महत्वपूर्ण सैन्य कार्यक्रमों में नजर आ रही हैं। इस कारण अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी इस बात की चर्चा हो रही है कि उत्तर कोरिया के भविष्य की राजनीति में उनकी भूमिका क्या हो सकती है।

रिपोर्ट के अनुसार परीक्षण के दौरान किम जोंग उन ने सेना की तैयारियों और रॉकेट सिस्टम की क्षमता की समीक्षा की। उन्होंने इस अभ्यास को देश की रक्षा शक्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण बताया और कहा कि यह दुश्मनों को स्पष्ट संदेश देने के लिए किया गया है।
परमाणु क्षमता वाला MRLS सिस्टम
उत्तर कोरिया ने जिस हथियार का परीक्षण किया है वह मल्टीपल रॉकेट लॉन्चर सिस्टम यानी MRLS है। यह एक ऐसा सिस्टम है जो एक साथ कई रॉकेट दागने की क्षमता रखता है। उत्तर कोरिया का दावा है कि यह सिस्टम परमाणु हथियार ले जाने में सक्षम है।
KCNA के अनुसार इस अभ्यास में 600 mm कैलिबर के एक दर्जन सटीक मल्टीपल रॉकेट लॉन्चर का इस्तेमाल किया गया। इसके अलावा दो तोपखाना कंपनियों ने भी इस सैन्य अभ्यास में भाग लिया। उत्तर कोरिया ने इसे अपनी सेना का बेहद घातक और आधुनिक हथियार बताया है।
इस सिस्टम की खासियत यह है कि यह कम समय में कई रॉकेट दाग सकता है और दुश्मन के बड़े इलाकों को निशाना बना सकता है। यही कारण है कि इसे आधुनिक युद्ध में बेहद प्रभावी हथियार माना जाता है।
420 किलोमीटर तक मार करने की क्षमता
KCNA की रिपोर्ट के मुताबिक इस सैन्य अभ्यास के दौरान दागे गए रॉकेटों ने 360 किलोमीटर से अधिक दूरी तय की और पूर्वी सागर में स्थित एक द्वीप को लक्ष्य बनाकर सटीक निशाना लगाया। उत्तर कोरिया का कहना है कि इस सिस्टम की मारक क्षमता लगभग 420 किलोमीटर तक है।
किम जोंग उन ने इस परीक्षण के बाद कहा कि यह अभ्यास उनके दुश्मनों को स्पष्ट संदेश देने के लिए किया गया है। उन्होंने कहा कि जो देश प्योंगयांग के खिलाफ खड़े हैं, उन्हें इस हथियार की विनाशकारी शक्ति का अंदाजा होना चाहिए।

उत्तर कोरिया का दावा है कि यह हथियार उसके रक्षा तंत्र को और मजबूत करेगा और किसी भी संभावित खतरे का जवाब देने में सक्षम होगा।
दक्षिण कोरिया ने की कड़ी निंदा
उत्तर कोरिया के इस मिसाइल परीक्षण के बाद दक्षिण कोरिया ने तुरंत प्रतिक्रिया दी। दक्षिण कोरिया की सेना ने जानकारी दी कि उत्तर कोरिया ने करीब 10 बैलेस्टिक मिसाइल दागी हैं।
दक्षिण कोरिया ने इस कदम को क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए खतरा बताया और कहा कि इस तरह के परीक्षण से कोरियाई प्रायद्वीप में तनाव बढ़ सकता है। दक्षिण कोरिया की सरकार ने कहा कि वह स्थिति पर नजर बनाए हुए है और जरूरत पड़ने पर अपने सहयोगियों के साथ मिलकर जवाबी कदम उठाएगी।
अमेरिका और दक्षिण कोरिया का सैन्य अभ्यास
उत्तर कोरिया ने यह मिसाइल परीक्षण ऐसे समय में किया है जब दक्षिण कोरिया और अमेरिका की सेनाएं संयुक्त सैन्य अभ्यास कर रही हैं। यह सैन्य अभ्यास इस सप्ताह शुरू हुआ है और 19 मार्च तक जारी रहेगा।
इस अभ्यास में दोनों देशों की सेनाएं संयुक्त युद्ध रणनीति और सुरक्षा तैयारियों का अभ्यास कर रही हैं। उत्तर कोरिया लंबे समय से इन सैन्य अभ्यासों का विरोध करता रहा है और इसे अपनी सुरक्षा के लिए खतरा मानता है।
किम यो जोंग की अमेरिका और दक्षिण कोरिया को चेतावनी

उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन की बहन किम यो जोंग ने भी इस मुद्दे पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने अमेरिका और दक्षिण कोरिया के संयुक्त सैन्य अभ्यास की आलोचना करते हुए कहा कि यह कदम बेहद खतरनाक परिणाम ला सकता है।
उन्होंने कहा कि ऐसे समय में जब दुनिया के कई हिस्सों में युद्ध चल रहे हैं और वैश्विक सुरक्षा व्यवस्था कमजोर हो रही है, तब इस तरह के सैन्य अभ्यास स्थिति को और गंभीर बना सकते हैं। किम यो जोंग ने चेतावनी दी कि अगर यह सैन्य गतिविधियां जारी रहती हैं तो इसके परिणाम अकल्पनीय रूप से भयानक हो सकते हैं।
क्षेत्र में बढ़ सकता है तनाव
उत्तर कोरिया के इस मिसाइल परीक्षण के बाद कोरियाई प्रायद्वीप में तनाव बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि लगातार हो रहे मिसाइल परीक्षण और सैन्य अभ्यास क्षेत्रीय स्थिरता के लिए चुनौती बन सकते हैं।
अंतरराष्ट्रीय समुदाय पहले भी उत्तर कोरिया के परमाणु और मिसाइल कार्यक्रम को लेकर चिंता जता चुका है। कई देशों का मानना है कि इस तरह के परीक्षण से सुरक्षा जोखिम बढ़ सकता है।











