उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को लेकर नगीना लोकसभा सीट से सांसद Chandrashekhar Azad की पार्टी Azad Samaj Party (Kanshi Ram) ने बड़ा राजनीतिक ऐलान किया है।
लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बड़ा सियासी घटनाक्रम सामने आया है। नगीना से सांसद Chandrashekhar Azad की पार्टी आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) ने घोषणा की है कि वह आगामी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 में किसी भी राजनीतिक दल के साथ गठबंधन नहीं करेगी और अकेले अपने दम पर चुनाव मैदान में उतरेगी। पार्टी के इस फैसले को राज्य की चुनावी राजनीति में एक महत्वपूर्ण रणनीतिक बदलाव के रूप में देखा जा रहा है।
प्रत्याशी चयन के लिए इंटरव्यू प्रक्रिया शुरू
पार्टी ने उम्मीदवारों के चयन की प्रक्रिया तेज कर दी है। इसके तहत 13 जून से 16 जून 2026 तक लखनऊ में दावेदारों के इंटरव्यू आयोजित किए जा रहे हैं। पार्टी प्रमुख खुद उम्मीदवारों से सीधे संवाद कर उनकी योग्यता और संगठन के प्रति उनकी प्रतिबद्धता का मूल्यांकन करेंगे। सूत्रों के अनुसार, यह इंटरव्यू प्रक्रिया केवल औपचारिकता नहीं होगी, बल्कि इसे प्रत्याशी चयन का महत्वपूर्ण आधार माना जाएगा। केवल उन्हीं उम्मीदवारों पर विचार किया जाएगा जो पार्टी की कसौटी पर खरे उतरेंगे।
चंद्रशेखर आजाद की निगरानी में चयन प्रक्रिया
पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष के अनुसार, चंद्रशेखर आजाद 13 से 18 जून तक लखनऊ में रहकर पूरी चयन प्रक्रिया की निगरानी करेंगे। इस दौरान उम्मीदवारों से व्यक्तिगत बातचीत की जाएगी और उनके राजनीतिक दृष्टिकोण, सामाजिक जुड़ाव और क्षेत्रीय सक्रियता का आकलन किया जाएगा। इस प्रक्रिया में संबंधित जोन प्रभारी, मंडल प्रभारी, जिला अध्यक्ष और संगठन के अन्य वरिष्ठ पदाधिकारी भी शामिल रहेंगे, जो उम्मीदवारों पर विस्तृत रिपोर्ट तैयार करेंगे।
मंडलवार इंटरव्यू का पूरा शेड्यूल
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पार्टी ने इंटरव्यू प्रक्रिया को मंडलवार विभाजित किया है ताकि सभी क्षेत्रों के दावेदारों को समान अवसर मिल सके।
- 13 जून: सहारनपुर, मेरठ और मुरादाबाद मंडल (जोन-1)
- 14 जून: बरेली, आगरा और अलीगढ़ मंडल (जोन-2) तथा कानपुर, चित्रकूट और झांसी मंडल (जोन-3)
- 15 जून: लखनऊ, अयोध्या और देवीपाटन मंडल (जोन-4), गोरखपुर, बस्ती और आजमगढ़ मंडल (जोन-5)
- 16 जून: वाराणसी, मिर्जापुर और प्रयागराज मंडल (जोन-6)
इस चरणबद्ध प्रक्रिया का उद्देश्य राज्यभर से योग्य और सक्रिय कार्यकर्ताओं का चयन करना है, जो पार्टी की विचारधारा को मजबूत कर सकें। आजाद समाज पार्टी ने स्पष्ट किया है कि उसका मुख्य चुनावी एजेंडा शिक्षा, रोजगार और सामाजिक न्याय पर केंद्रित रहेगा। पार्टी का दावा है कि वह युवाओं के लिए बेहतर अवसर, न्यूनतम मजदूरी में सुधार और सामाजिक समानता जैसे मुद्दों को प्राथमिकता देगी।










