वाराणसी। गर्मी की लंबी छुट्टियों के बाद सोमवार को वाराणसी के स्कूलों में एक बार फिर रौनक लौट आई। सुबह से ही स्कूल परिसरों में बच्चों की चहल-पहल देखने को मिली। कई स्कूलों में शिक्षिकाओं ने बच्चों का तिलक लगाकर और फूल देकर स्वागत किया। छुट्टियों के बाद अपने दोस्तों और शिक्षकों से मिलकर बच्चे भी काफी उत्साहित नजर आए।
सुबह जैसे ही बच्चे स्कूल पहुंचे, प्रवेश द्वार पर शिक्षिकाएं उनका इंतजार करती मिलीं। कई जगह बच्चों के माथे पर तिलक लगाया गया और उन्हें शुभकामनाएं दी गईं। कुछ स्कूलों में विशेष स्वागत कार्यक्रम भी आयोजित किए गए, जहां बच्चों को मिठाई और चॉकलेट बांटी गईं। इस दौरान बच्चों के चेहरे पर खुशी साफ झलक रही थी।
करीब डेढ़ महीने की छुट्टियों के बाद स्कूल खुलने से अभिभावकों में भी उत्साह देखा गया। कई माता-पिता अपने बच्चों को खुद स्कूल छोड़ने पहुंचे। उन्होंने कहा कि छुट्टियों के दौरान बच्चे घर पर थे, लेकिन अब नियमित पढ़ाई शुरू होने से उनकी दिनचर्या फिर सामान्य हो जाएगी।
स्कूल प्रशासन ने बताया कि नए सत्र की पढ़ाई को लेकर पूरी तैयारी कर ली गई है। बच्चों की पढ़ाई में किसी तरह की बाधा न आए, इसके लिए शिक्षकों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं। साथ ही मौसम को देखते हुए स्कूलों में पीने के पानी, पंखों और अन्य जरूरी सुविधाओं की व्यवस्था भी सुनिश्चित की गई है।
छुट्टियों के बाद पहले दिन कक्षाओं में पढ़ाई के साथ-साथ बच्चों के अनुभव भी साझा कराए गए। शिक्षकों ने बच्चों से पूछा कि उन्होंने छुट्टियां कैसे बिताईं और इस दौरान क्या नया सीखा। इससे बच्चों में उत्साह और बढ़ गया। कई बच्चों ने घूमने-फिरने और परिवार के साथ बिताए पलों के बारे में बताया।
स्कूलों के गलियारे, खेल मैदान और कक्षाएं फिर से बच्चों की आवाजों से गूंजने लगीं। लंबे समय बाद दोस्तों से मिलने पर बच्चे एक-दूसरे से गले मिलते और छुट्टियों की बातें करते नजर आए। शिक्षकों का कहना है कि बच्चों का यह उत्साह पढ़ाई के माहौल को और बेहतर बनाएगा।
शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने भी उम्मीद जताई है कि नए सत्र में बच्चों की उपस्थिति अच्छी रहेगी और पढ़ाई सुचारु रूप से चलेगी। स्कूल खुलने के साथ ही वाराणसी के शैक्षणिक माहौल में फिर से नई ऊर्जा और उत्साह देखने को मिल रहा है।
फिलहाल शहर के अधिकांश स्कूलों में पहले दिन का माहौल उत्सव जैसा रहा। तिलक और स्वागत के बीच बच्चों की मुस्कान ने यह साफ कर दिया कि छुट्टियों के बाद स्कूल लौटने की खुशी उनके लिए किसी त्योहार से कम नहीं है।