पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने झुंझुनूं के सीतसर गांव पहुंचकर IPS अमित बुडानिया के पिता को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने परिवार को सांत्वना दी। इस दौरान यूडीएच मंत्री झाबर सिंह खर्रा सहित कई जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे। खर्रा ने निकाय चुनाव तैयारियों की जानकारी दी।
झुंझुनूं: राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे गुरुवार दोपहर झुंझुनूं जिले के सीतसर गांव पहुंचीं। यहां उन्होंने झालावाड़ के पुलिस अधीक्षक (SP) IPS अमित बुडानिया के पिता के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि दी। राजे ने दिवंगत के चित्र पर पुष्प अर्पित किए और परिवार के सदस्यों से मुलाकात कर उन्हें इस कठिन समय में धैर्य रखने का संबल दिया। इस दौरान राजस्थान सरकार के यूडीएच मंत्री झाबर सिंह खर्रा भी उनके साथ मौजूद रहे। झुंझुनूं विधायक राजेंद्र भांबू, भाजपा नेता शुभकरण चौधरी समेत कई जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी भी श्रद्धांजलि देने के लिए सीतसर पहुंचे।
अमित बुडानिया से मुलाकात कर जाना हालचाल
सीतसर पहुंचने के बाद वसुंधरा राजे ने IPS अमित बुडानिया से बातचीत की और उनका हालचाल जाना। इसके बाद वह परिवार के घर के अंदर गईं और परिवार की महिलाओं से भी मुलाकात की।
राजे ने परिवार को इस दुख की घड़ी में हिम्मत बनाए रखने और धैर्य रखने के लिए कहा। उन्होंने शोकाकुल परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की और दिवंगत की तस्वीर पर फूल चढ़ाकर श्रद्धांजलि अर्पित की।
श्रद्धांजलि कार्यक्रम के दौरान स्थानीय स्तर के कई भाजपा नेता, जनप्रतिनिधि और प्रशासन से जुड़े अधिकारी मौजूद रहे। राजे की सीतसर यात्रा का मुख्य उद्देश्य शोक संतप्त परिवार से मिलकर संवेदना व्यक्त करना था।
यूडीएच मंत्री झाबर सिंह खर्रा भी रहे मौजूद
पूर्व मुख्यमंत्री के साथ यूडीएच मंत्री झाबर सिंह खर्रा भी सीतसर पहुंचे। उन्होंने भी शोकाकुल परिवार से मुलाकात की और अपनी संवेदना व्यक्त की।
इस दौरान झुंझुनूं विधायक राजेंद्र भांबू और भाजपा नेता शुभकरण चौधरी समेत अन्य जनप्रतिनिधि भी मौजूद रहे। कार्यक्रम में प्रशासनिक अधिकारियों की भी मौजूदगी रही।
श्रद्धांजलि कार्यक्रम के बाद मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने प्रदेश में होने वाले निकाय चुनाव को लेकर भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी ने चुनाव के लिए अपनी तैयारियां पूरी कर ली हैं।
निकाय चुनाव की तैयारियों पर खर्रा का बयान
श्रद्धांजलि कार्यक्रम के बाद मीडिया से बातचीत में खर्रा ने कहा कि भाजपा की निकाय चुनाव को लेकर तैयारियां पूरी हैं। उन्होंने कहा कि नामांकन वापसी की प्रक्रिया पूरी होने के बाद गुरुवार शाम तक सभी वार्डों में चुनावी तस्वीर साफ हो जाएगी।
उनके मुताबिक, नामांकन वापसी के बाद यह स्पष्ट हो जाएगा कि किन वार्डों में कितने उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं और पार्टी के सामने मुख्य मुकाबला किन प्रत्याशियों के बीच होगा।
खर्रा ने कहा कि भाजपा निकाय चुनाव को लेकर संगठनात्मक स्तर पर पूरी तरह तैयार है और पार्टी अपनी सरकार के कामकाज के आधार पर जनता के बीच जाएगी।
31 महीने के शासन का कामकाज बना चुनावी आधार
यूडीएच मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने पिछले 31 महीनों में सुशासन और जनकल्याण को प्राथमिकता देते हुए कई महत्वपूर्ण कार्य किए हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा इन्हीं कामों को आधार बनाकर निकाय चुनाव में जनता के बीच जा रही है।
खर्रा के अनुसार, सरकार ने शहरों की मूलभूत समस्याओं और विकास से जुड़े मुद्दों पर काम किया है। भाजपा ने बुधवार को निकाय चुनाव के लिए अपना घोषणा पत्र भी जारी किया है।
इस घोषणा पत्र में शहरी क्षेत्रों की मूलभूत सुविधाओं से जुड़ी समस्याओं के समाधान और विकास को लेकर कई महत्वपूर्ण वादे किए गए हैं। पार्टी इन मुद्दों को चुनाव प्रचार के दौरान जनता के सामने रखेगी।
घोषणा पत्र में शहरी विकास पर जोर
भाजपा के निकाय चुनाव घोषणा पत्र में शहरों की मूलभूत जरूरतों और विकास से संबंधित मुद्दों को प्रमुखता दी गई है। पार्टी का कहना है कि स्थानीय निकायों के स्तर पर नागरिक सुविधाओं को बेहतर बनाना और शहरों के विकास को गति देना उसकी प्राथमिकताओं में शामिल है।
खर्रा ने कहा कि राज्य सरकार के पिछले 31 महीनों के कामकाज और निकाय चुनाव के लिए जारी घोषणा पत्र के आधार पर भाजपा जनता के बीच जाएगी।
निकाय चुनाव में स्थानीय मुद्दे प्रमुख रहने की संभावना है। ऐसे में पार्टी ने अपने घोषणा पत्र के जरिए शहरी विकास और बुनियादी सुविधाओं से जुड़े विषयों को चुनावी एजेंडे में प्रमुख स्थान दिया है।
विधानसभा संकल्प पत्र के वादों पर भी सरकार का दावा
खर्रा ने विधानसभा चुनाव के दौरान भाजपा की ओर से जारी संकल्प पत्र का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि विधानसभा चुनाव में पार्टी ने जो संकल्प पत्र जारी किया था, उसके अधिकांश वादों पर सरकार काम पूरा कर चुकी है।
उन्होंने कहा कि जिन वादों पर अभी काम पूरा नहीं हुआ है, उन पर भी तेजी से काम किया जा रहा है। मंत्री के मुताबिक, सरकार अपने चुनावी संकल्पों को पूरा करने की दिशा में लगातार आगे बढ़ रही है।
भाजपा निकाय चुनाव में राज्य सरकार के कामकाज और विधानसभा चुनाव के दौरान किए गए वादों की प्रगति को भी मतदाताओं के सामने रखने की तैयारी में है।
बागी उम्मीदवारों को मनाने की कोशिश जारी
निकाय चुनाव में पार्टी से अलग होकर निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ रहे कार्यकर्ताओं को लेकर भी खर्रा से सवाल किया गया। इस पर उन्होंने कहा कि ऐसे कार्यकर्ताओं को पार्टी के साथ वापस जोड़ने के लिए समझाइश का प्रयास जारी रहेगा।
खर्रा ने कहा कि निर्दलीय चुनाव लड़ रहे कार्यकर्ताओं को 9 सितंबर तक समझाने और पार्टी के साथ जोड़ने की कोशिश की जाएगी। भाजपा की कोशिश है कि चुनाव से पहले संगठन में अधिक से अधिक एकजुटता कायम रहे।
पार्टी के सामने उन उम्मीदवारों और कार्यकर्ताओं को साथ लाने की चुनौती है, जिन्होंने टिकट नहीं मिलने या अन्य कारणों से निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव मैदान में उतरने का फैसला किया है।
एकजुट होकर चुनाव लड़ने का दावा
यूडीएच मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने विश्वास जताया कि भाजपा निकाय चुनाव में पूरी मजबूती और एकजुटता के साथ मैदान में उतरेगी। उन्होंने कहा कि पार्टी संगठन चुनाव को लेकर तैयार है और नामांकन वापसी के बाद चुनावी स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो जाएगी।
निकाय चुनाव में पार्टी के अधिकृत उम्मीदवारों के साथ-साथ निर्दलीय उम्मीदवारों की मौजूदगी भी मुकाबले को प्रभावित कर सकती है। ऐसे में भाजपा के लिए बागी कार्यकर्ताओं को मनाने और संगठन में एकजुटता बनाए रखना महत्वपूर्ण होगा।
सीतसर दौरे में श्रद्धांजलि और चुनावी चर्चा
वसुंधरा राजे का सीतसर दौरा मुख्य रूप से IPS अमित बुडानिया के पिता को श्रद्धांजलि देने के लिए था। उन्होंने शोकाकुल परिवार से मुलाकात कर संवेदना व्यक्त की और अमित बुडानिया समेत परिवार के अन्य सदस्यों का हालचाल जाना।
कार्यक्रम के बाद यूडीएच मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने निकाय चुनाव की तैयारियों और पार्टी की रणनीति को लेकर बयान दिया। उन्होंने सरकार के 31 महीने के कामकाज, निकाय चुनाव घोषणा पत्र और विधानसभा संकल्प पत्र के वादों को भाजपा के चुनावी आधार के रूप में सामने रखा।
साथ ही, उन्होंने निर्दलीय चुनाव लड़ रहे पार्टी कार्यकर्ताओं को 9 सितंबर तक समझाने की कोशिश जारी रखने की बात कही। भाजपा अब नामांकन वापसी के बाद वार्डवार चुनावी स्थिति स्पष्ट होने के साथ निकाय चुनाव अभियान को और तेज करने की तैयारी में है।










