महिलाओं में विटामिन डी की कमी तेजी से बढ़ रही है, जिससे थकान, हड्डियों और मांसपेशियों में दर्द, बाल झड़ना और इम्यूनिटी कमजोर होने जैसी समस्याएं सामने आ रही हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि धूप में कम समय बिताना, पोषण की कमी और बदलती लाइफस्टाइल इस कमी के मुख्य कारण हैं। समय पर जांच और संतुलित आहार से इसे रोका जा सकता है।
महिलाओं में विटामिन डी की कमी: महिलाओं में विटामिन डी की कमी एक गंभीर स्वास्थ्य चिंता बनती जा रही है। भारत में यह समस्या खासकर शहरी महिलाओं में देखी जा रही है, जहां लंबे समय तक घर या ऑफिस में रहना, धूप में कम निकलना और पोषण की कमी इसकी मुख्य वजह मानी जाती है। डॉ. सलोनी चड्ढा के अनुसार, प्रेग्नेंट और ब्रेस्टफीडिंग कराने वाली महिलाएं, मोटापे से ग्रस्त और 40 वर्ष से अधिक उम्र की महिलाएं ज्यादा प्रभावित होती हैं। नियमित धूप, संतुलित आहार और जरूरत पड़ने पर सप्लीमेंट्स लेने से इस कमी को रोका जा सकता है।
महिलाओं में बढ़ रही विटामिन डी की कमी
वर्तमान समय में महिलाओं में विटामिन डी की कमी तेजी से बढ़ रही है, जिससे थकान, हड्डियों और मांसपेशियों में दर्द जैसी समस्याएं सामने आ रही हैं। विशेषज्ञ डॉ. सलोनी चड्ढा के अनुसार, लाइफस्टाइल में बदलाव, धूप में कम समय बिताना और पोषण की कमी इस समस्या के मुख्य कारण हैं। नियमित जांच और सही आहार के जरिए इसे समय रहते रोका जा सकता है।

विटामिन डी की कमी के प्रमुख लक्षण
विटामिन डी की कमी होने पर महिलाएं अक्सर लगातार थकान और कमजोरी महसूस करती हैं। हड्डियों और जोड़ों में दर्द, खासकर कमर और पैरों में असुविधा, मांसपेशियों में खिंचाव या दर्द आम संकेत हैं।
इसके अलावा बार-बार सर्दी-जुकाम या संक्रमण होना, बाल झड़ना, मूड में बदलाव, नींद की कमी और उदासी भी इस कमी के संकेत माने जाते हैं। लंबे समय तक ये लक्षण बने रहें तो डॉक्टर से परामर्श लेना जरूरी है।
कौन महिलाओं में खतरा अधिक
धूप में कम समय बिताने वाली महिलाएं, प्रेगनेंट और ब्रेस्ट फीडिंग कराने वाली महिलाएं, मोटापे से ग्रस्त और 40 वर्ष से अधिक उम्र की महिलाएं अधिक प्रभावित होती हैं। इसके अलावा संतुलित आहार न लेने वाली और हॉर्मोनल बदलाव से गुजर रही महिलाओं को भी सतर्क रहना चाहिए।
बचाव के आसान उपाय
विटामिन डी की कमी को रोकने के लिए रोज़ाना सुबह 15-20 मिनट धूप लेना जरूरी है। आहार में दूध, दही, पनीर, अंडा और फोर्टिफाइड उत्पाद शामिल करें। नियमित व्यायाम हड्डियों और मांसपेशियों को मजबूत बनाए रखता है। जरूरत पड़ने पर डॉक्टर की सलाह से विटामिन डी सप्लीमेंट्स का सेवन किया जा सकता है।













