सुविधा की उम्मीद जगाकर रास्ते कर दिए छलनी वार्ड-14 में मेट्रो निर्माण से सड़कें बदहाल, पेयजल संकट से लोग परेशान

वार्ड-14 में मेट्रो निर्माण के कारण सड़कें खोदकर छोड़ दी गई हैं। स्थानीय लोग टूटी सड़कों, धूल और पेयजल संकट से परेशान हैं तथा जल्द समाधान की मांग कर रहे हैं।

वार्ड-14 के निवासियों को बेहतर यातायात सुविधा देने के उद्देश्य से शुरू किया गया मेट्रो निर्माण कार्य अब स्थानीय लोगों के लिए बड़ी परेशानी का कारण बन गया है। लोगों का आरोप है कि निर्माण एजेंसी ने कई स्थानों पर सड़कें खोदने के बाद उन्हें लंबे समय तक अधूरा छोड़ दिया है। इससे पूरे इलाके की सड़कें गड्ढों में तब्दील हो गई हैं। इसके साथ ही क्षेत्र में पेयजल संकट भी गहरा गया है, जिससे लोगों का दैनिक जीवन प्रभावित हो रहा है।

स्थानीय निवासियों का कहना है कि सड़कें खोदे जाने के बाद उनकी मरम्मत समय पर नहीं की गई। नतीजतन वाहन चालकों, पैदल राहगीरों, बुजुर्गों और स्कूली बच्चों को रोजाना भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बारिश होने पर इन गड्ढों में पानी भर जाता है, जिससे दुर्घटना का खतरा और बढ़ जाता है। वहीं सूखे मौसम में उड़ने वाली धूल लोगों के स्वास्थ्य पर भी असर डाल रही है।

इलाके के लोगों का आरोप है कि निर्माण कार्य के दौरान कई स्थानों पर पानी की पाइपलाइन भी प्रभावित हुई है। इसके कारण कई मोहल्लों में नियमित जलापूर्ति बाधित हो गई है। लोगों को पीने के पानी के लिए दूर-दूर तक जाना पड़ रहा है या निजी टैंकरों पर निर्भर रहना पड़ रहा है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद अब तक स्थायी समाधान नहीं किया गया है।

व्यापारियों का भी कहना है कि टूटी सड़कों और धूल के कारण ग्राहकों की संख्या कम हो गई है। सड़क पर लगातार जाम की स्थिति बनने से छोटे कारोबारियों की आय पर भी असर पड़ रहा है। कई दुकानदारों ने प्रशासन और संबंधित एजेंसियों से जल्द सड़क निर्माण पूरा कराने की मांग की है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि वे मेट्रो परियोजना का विरोध नहीं कर रहे हैं, क्योंकि इससे भविष्य में शहर को बेहतर परिवहन सुविधा मिलेगी। लेकिन उनका कहना है कि निर्माण कार्य तय समय में पूरा होना चाहिए और जिन सड़कों की खुदाई की गई है, उनकी तत्काल मरम्मत कराई जानी चाहिए ताकि आम लोगों को अनावश्यक परेशानियों का सामना न करना पड़े।

नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि पेयजल आपूर्ति जल्द बहाल की जाए, क्षतिग्रस्त पाइपलाइनों की मरम्मत कराई जाए और निर्माण एजेंसी को सड़कें जल्द दुरुस्त करने के निर्देश दिए जाएं। साथ ही निर्माण स्थल पर सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम और चेतावनी संकेत लगाने की भी मांग की गई है, ताकि दुर्घटनाओं से बचा जा सके।

स्थानीय प्रशासन का कहना है कि निर्माण कार्य की प्रगति पर लगातार नजर रखी जा रही है। यदि कहीं सड़क या जलापूर्ति से जुड़ी समस्या है तो संबंधित विभागों को उसका समाधान करने के निर्देश दिए जाएंगे। अधिकारियों ने लोगों को भरोसा दिलाया है कि निर्माण कार्य पूरा होने के साथ ही सड़कें दुरुस्त की जाएंगी और मूलभूत सुविधाओं को सामान्य करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।

फिलहाल वार्ड-14 के लोग टूटी सड़कों, धूल, जाम और पेयजल संकट जैसी समस्याओं से जूझ रहे हैं। स्थानीय निवासियों की मांग है कि विकास कार्यों के साथ-साथ आम नागरिकों की बुनियादी सुविधाओं का भी पूरा ध्यान रखा जाए, ताकि विकास की कीमत लोगों को रोजमर्रा की परेशानियों के रूप में न चुकानी पड़े।

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