उत्तर प्रदेश में एडेड स्कूलों के 61,000 शिक्षकों और कर्मचारियों के लिए खुशखबरी है। योगी सरकार ने सेवानिवृत्ति पर मिलने वाली ग्रेच्युटी की अधिकतम सीमा 20 लाख से बढ़ाकर 25 लाख रुपये कर दी है।
UP News: उत्तर प्रदेश में अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों (एडेड) में कार्यरत शिक्षकों और कर्मचारियों के लिए खुशखबरी है। योगी सरकार ने सेवानिवृत्ति पर मिलने वाली ग्रेच्युटी (उपादान) की अधिकतम सीमा 20 लाख रुपये से बढ़ाकर 25 लाख रुपये कर दी है। इस निर्णय से करीब 61,000 शिक्षक और कर्मचारी लाभान्वित होंगे। माध्यमिक शिक्षा विभाग ने इस संबंध में शासनादेश जारी कर दिया है।
नई सीमा कब लागू होगी
सरकार ने स्पष्ट किया है कि बढ़ी हुई ग्रेच्युटी की सीमा उस स्थिति में लागू होगी जब महंगाई भत्ता (Dearness Allowance - DA) मूल वेतन का 50 प्रतिशत हो जाएगा। इसका मतलब यह है कि शिक्षक और कर्मचारी अपनी सेवानिवृत्ति के समय अब अधिक आर्थिक सुरक्षा पा सकेंगे। इससे उनकी सेवा का पूरा लाभ सुनिश्चित होगा और उन्हें वित्तीय स्थिरता प्राप्त होगी।
पिछला शासनादेश और संशोधन
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वर्ष 2017 में जारी शासनादेश के तहत वेतन समिति उत्तर प्रदेश-2016 की सिफारिशों के अनुसार एडेड विद्यालयों के शिक्षकों और कर्मचारियों के पेंशन, ग्रेच्युटी और पारिवारिक पेंशन से जुड़े प्रविधानों में संशोधन किया गया था। उस समय यह तय किया गया था कि 60 वर्ष की आयु तक सेवा पूरी करने वाले शिक्षकों और कर्मचारियों को मिलने वाली ग्रेच्युटी की अधिकतम सीमा 20 लाख रुपये होगी।
योगी सरकार द्वारा अब यह सीमा बढ़ाने का निर्णय शिक्षा क्षेत्र में काम कर रहे कर्मचारियों और शिक्षकों के लिए वित्तीय राहत का प्रतीक है। इससे शिक्षक वर्ग को अपने भविष्य की योजना बनाने में मदद मिलेगी और उनकी सेवा का महत्व और सम्मान भी बढ़ेगा।
शिक्षा क्षेत्र में सकारात्मक कदम
इस कदम से एडेड विद्यालयों में कार्यरत कर्मचारियों और शिक्षकों की कार्य प्रेरणा भी बढ़ेगी। शिक्षा विभाग ने इस वृद्धि को शिक्षकों के सेवा मूल्य और योगदान को सम्मान देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण निर्णय बताया है। सरकार का यह कदम शिक्षक समुदाय के लिए स्थायी आर्थिक लाभ सुनिश्चित करेगा।








