अडानी समूह की वार्षिक आम बैठक (AGM) में समूह के चेयरमैन Gautam Adani ने शेयरधारकों को संबोधित करते हुए कहा कि बीता वर्ष समूह के लिए चुनौतियों से भरा रहा, लेकिन कठिन परिस्थितियों के बावजूद कंपनी अपने लक्ष्यों से पीछे नहीं हटी और विकास की रफ्तार बनाए रखी।
बिजनेस न्यूज़: अडानी समूह के चेयरमैन Gautam Adani ने वार्षिक आम बैठक (AGM) 2026 में शेयरधारकों को संबोधित करते हुए समूह की उपलब्धियों, चुनौतियों और भविष्य की रणनीति पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि बीता वर्ष समूह के लिए कई मायनों में चुनौतीपूर्ण रहा, लेकिन कठिन परिस्थितियों के बावजूद कंपनी ने अपने विकास कार्यक्रमों की गति को धीमा नहीं होने दिया। अडानी ने निवेशकों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनका भरोसा ही समूह की सबसे बड़ी ताकत है।
वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं, भू-राजनीतिक तनाव, ऊर्जा सुरक्षा से जुड़ी चुनौतियों और बाजार में बढ़ती प्रतिस्पर्धा के बीच अडानी समूह ने इंफ्रास्ट्रक्चर, ऊर्जा, लॉजिस्टिक्स, परिवहन और विनिर्माण क्षेत्रों में अपनी मौजूदगी को मजबूत करने पर ध्यान केंद्रित किया। AGM के दौरान कंपनी ने स्पष्ट संकेत दिए कि आने वाले वर्षों में उसका मुख्य फोकस भारत की विकास यात्रा में अहम भूमिका निभाने वाले बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर और तकनीकी प्रोजेक्ट्स पर रहेगा।
भारत की विकास यात्रा में इंफ्रास्ट्रक्चर की अहम भूमिका
गौतम अडानी ने अपने संबोधन में कहा कि भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है और ऐसे समय में मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर देश की आर्थिक प्रगति का आधार बन सकता है। उन्होंने कहा कि बंदरगाह, हवाई अड्डे, ऊर्जा परियोजनाएं, लॉजिस्टिक्स नेटवर्क और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर भविष्य की अर्थव्यवस्था को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
उनके अनुसार, आधुनिक तकनीक और इंफ्रास्ट्रक्चर का संयोजन किसी भी राष्ट्र को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने में मदद करता है। इसी सोच के तहत अडानी समूह विभिन्न क्षेत्रों में दीर्घकालिक निवेश की रणनीति पर काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि समूह का लक्ष्य केवल व्यवसायिक विस्तार नहीं, बल्कि भारत के आर्थिक विकास में योगदान देना भी है।
चुनौतियों के बीच विकास की राह
AGM के दौरान गौतम अडानी ने स्वीकार किया कि पिछले कुछ वर्षों में समूह को कई तरह की आलोचनाओं, जांचों और बाजार संबंधी दबावों का सामना करना पड़ा। हालांकि उन्होंने कहा कि किसी भी संगठन की वास्तविक पहचान संकट के समय उसके प्रदर्शन से होती है। उन्होंने कहा कि अडानी समूह ने कठिन परिस्थितियों को अवसर में बदलने की कोशिश की और अपने प्रमुख प्रोजेक्ट्स पर काम जारी रखा। उनके मुताबिक, कंपनी का दृष्टिकोण हमेशा दीर्घकालिक रहा है और वह अल्पकालिक चुनौतियों से प्रभावित होकर अपने लक्ष्यों से पीछे नहीं हटती।
अडानी ने यह भी कहा कि समूह ने अपनी संचालन क्षमता, वित्तीय अनुशासन और परियोजनाओं के निष्पादन पर विशेष ध्यान दिया, जिससे निवेशकों का विश्वास बनाए रखने में मदद मिली।

25,000 करोड़ रुपये के राइट्स इश्यू का किया उल्लेख
अपने भाषण में गौतम अडानी ने 25,000 करोड़ रुपये के राइट्स इश्यू का भी विशेष उल्लेख किया। उन्होंने इसे केवल पूंजी जुटाने की प्रक्रिया नहीं, बल्कि निवेशकों के विश्वास का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि ऐसे समय में जब बाजार में समूह को लेकर कई तरह की चर्चाएं चल रही थीं, तब शेयरधारकों ने कंपनी पर भरोसा जताया।
अडानी के अनुसार, राइट्स इश्यू की सफलता यह दर्शाती है कि निवेशक समूह की दीर्घकालिक रणनीति और विकास क्षमता पर विश्वास रखते हैं। उन्होंने निवेशकों का धन्यवाद करते हुए कहा कि उनका समर्थन समूह को भविष्य की योजनाओं को तेजी से आगे बढ़ाने के लिए प्रेरित करता है।
टेक्नोलॉजी और नवाचार पर रहेगा जोर
AGM में समूह ने यह भी संकेत दिया कि भविष्य की रणनीति में तकनीक और नवाचार की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। ऊर्जा परिवर्तन, डिजिटल समाधान, डेटा इंफ्रास्ट्रक्चर और उन्नत तकनीकी प्लेटफॉर्म्स पर निवेश बढ़ाने की योजना बनाई जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि भारत में बढ़ती डिजिटल मांग और औद्योगिक विस्तार को देखते हुए टेक्नोलॉजी आधारित इंफ्रास्ट्रक्चर आने वाले वर्षों में आर्थिक विकास का प्रमुख आधार बन सकता है। अडानी समूह इसी दिशा में अपनी उपस्थिति मजबूत करने का प्रयास कर रहा है।











