AI के दौर में बढ़ी टेक्नीशियन और इलेक्ट्रिशियन की मांग, डेस्क जॉब्स पर बढ़ा दबाव

AI और ऑटोमेशन के बीच भारत में इलेक्ट्रिशियन, मैकेनिक और रोबोटिक्स टेक्नीशियन की मांग तेजी से बढ़ी। सैलरी और रोजगार के अवसर भी बढ़े।

भारत में AI और ऑटोमेशन के बढ़ते इस्तेमाल के बीच इलेक्ट्रिशियन, मैकेनिक और रोबोटिक्स टेक्नीशियन की मांग तेजी से बढ़ी है। रैंडस्टैड की रिपोर्ट के अनुसार, तकनीकी कौशल वाले कर्मचारियों की सैलरी और रोजगार के अवसर डेस्क जॉब्स की तुलना में अधिक तेजी से बढ़ रहे हैं।

Tech: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के विस्तार ने नौकरी बाजार में बड़ा बदलाव शुरू कर दिया है। जहां एक ओर कई पारंपरिक डेस्क जॉब्स पर ऑटोमेशन का असर दिख रहा है, वहीं तकनीकी कौशल रखने वाले इलेक्ट्रिशियन, मैकेनिक और रोबोटिक्स विशेषज्ञों की मांग लगातार बढ़ रही है। नई रिपोर्ट बताती है कि आने वाले वर्षों में स्किल-बेस्ड प्रोफेशनल्स के लिए रोजगार के अवसर और कमाई दोनों में वृद्धि हो सकती है।

AI के दौर में बढ़ी स्किल्ड वर्कर्स की अहमियत

AI के दौर में बढ़ी टेक्नीशियन और इलेक्ट्रिशियन की मांग, डेस्क जॉब्स पर बढ़ा दबाव

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और ऑटोमेशन के बढ़ते प्रभाव ने वैश्विक जॉब मार्केट का स्वरूप बदलना शुरू कर दिया है। लंबे समय से यह चर्चा होती रही है कि AI कई पारंपरिक नौकरियों को प्रभावित कर सकता है, लेकिन हालिया आंकड़े एक अलग तस्वीर पेश कर रहे हैं। अब तकनीकी और हाथ के हुनर वाले पेशों की मांग तेजी से बढ़ रही है। इलेक्ट्रिशियन, मैकेनिक, रोबोटिक्स टेक्नीशियन और मशीन ऑपरेटर जैसे प्रोफेशन पहले की तुलना में अधिक महत्वपूर्ण होते जा रहे हैं।

भारत में टेक्निकल एक्सपर्ट्स की मांग में तेज उछाल

टैलेंट फर्म रैंडस्टैड द्वारा 5 करोड़ से अधिक जॉब पोस्टिंग्स के विश्लेषण में सामने आया है कि भारत में प्रशिक्षित तकनीकी विशेषज्ञों की मांग तेजी से बढ़ी है। पिछले चार वर्षों में इलेक्ट्रिशियन की मांग में 242 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। वहीं डेटा सेंटर और औद्योगिक इकाइयों में काम करने वाले कूलिंग तथा एसी टेक्नीशियन्स की भर्ती लगभग 200 प्रतिशत बढ़ी है।

सबसे अधिक वृद्धि रोबोटिक्स टेक्नीशियन्स की मांग में देखी गई है। रिपोर्ट के अनुसार, इस क्षेत्र में नौकरी के अवसरों में करीब 500 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। उद्योगों में ऑटोमेशन और स्मार्ट मशीनों के बढ़ते उपयोग ने इन विशेषज्ञों की आवश्यकता को और बढ़ा दिया है।

कमाई के मामले में भी आगे निकल रहे तकनीकी कर्मचारी

रिपोर्ट बताती है कि तकनीकी पेशों में कार्यरत कर्मचारियों की आय में भी लगातार सुधार हो रहा है। टेक्नीशियन और मैकेनिक की सैलरी में औसतन 5.7 प्रतिशत सालाना वृद्धि दर्ज की गई है, जबकि कई एंट्री-लेवल ऑफिस जॉब्स में वेतन वृद्धि की दर लगभग 4 प्रतिशत रही है।

आंकड़ों के अनुसार, मशीन ऑपरेटर औसतन 6.5 लाख रुपये सालाना तक कमा रहे हैं। वहीं इलेक्ट्रिशियन की औसत वार्षिक आय भी कई पारंपरिक डेस्क जॉब्स के बराबर या उससे अधिक देखी जा रही है। दूसरी ओर, डेटा एंट्री ऑपरेटर और जूनियर अकाउंटेंट जैसे पदों पर वेतन वृद्धि अपेक्षाकृत सीमित बनी हुई है।

डेस्क जॉब्स पर बढ़ रहा ऑटोमेशन का असर

विशेषज्ञों का मानना है कि AI दोहराए जाने वाले और नियम आधारित कार्यों को तेजी से ऑटोमेट कर रहा है। इसका असर खासकर उन नौकरियों पर पड़ सकता है जिनमें कंप्यूटर आधारित रूटीन कार्य अधिक होते हैं। इसके विपरीत, इलेक्ट्रिशियन, प्लंबर, मैकेनिक और फील्ड टेक्नीशियन जैसे पेशों में मानवीय कौशल, अनुभव और समस्या समाधान क्षमता की आवश्यकता बनी रहती है, जिससे इनकी मांग मजबूत बनी हुई है।

रिपोर्ट संकेत देती है कि भविष्य के जॉब मार्केट में केवल डिग्री ही नहीं, बल्कि व्यावहारिक तकनीकी कौशल भी सफलता का महत्वपूर्ण आधार बनने वाला है। ऐसे में स्किल डेवलपमेंट और तकनीकी प्रशिक्षण युवाओं के लिए रोजगार और बेहतर आय के नए अवसर खोल सकते हैं।

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