AI Impact Summit 2026: 70 से अधिक देशों ने साझा घोषणापत्र पर किए हस्ताक्षर, आज होगा सम्मेलन का औपचारिक समापन

AI Impact Summit 2026 में 70 से अधिक देशों ने साझा घोषणापत्र पर हस्ताक्षर किए। आज सम्मेलन का औपचारिक समापन होगा, जिसमें वैश्विक एआई रणनीतियों और सहयोग पर चर्चा

केंद्रीय सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री Ashwini Vaishnaw ने बताया कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के क्षेत्र में अहम भूमिका निभाने वाले सभी प्रमुख देशों ने India AI Impact Summit 2026 के साझा घोषणापत्र पर हस्ताक्षर कर दिए हैं।

नई दिल्ली: भारत में आयोजित AI Impact Summit 2026 ने वैश्विक स्तर पर कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के क्षेत्र में सहयोग और नवाचार को नई दिशा दी है। शिखर सम्मेलन में अमेरिका ने एआई तकनीक निर्यात और वैश्विक साझेदारियों को मजबूत करने की अपनी रणनीति पेश की। अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व माइकल क्रैट्सियोस, व्हाइट हाउस के साइंस एंड टेक्नोलॉजी पॉलिसी विभाग के निदेशक ने किया। उनके साथ जैकब हेलबर्ग, विलियम किमिट और सर्जियो गोर भी मौजूद रहे।

केंद्रीय सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि एआई क्षेत्र में अहम भूमिका निभाने वाले सभी प्रमुख देशों ने साझा घोषणापत्र पर हस्ताक्षर किए हैं। उन्होंने बताया कि 70 से अधिक देशों ने पहले ही इसे स्वीकार किया है और यह संख्या 80 के पार जाने की उम्मीद है। वैष्णव ने कहा, "दुनिया भारत को सेमीकंडक्टर और एआई तकनीक का विश्वसनीय भागीदार मानती है।"

भारत एआई और सेमीकंडक्टर क्षेत्र में वैश्विक नेता

वैष्णव ने कहा कि भारत में सेमीकंडक्टर क्षेत्र तेजी से विकसित हो रहा है और एआई नवाचार इसे और सशक्त बनाएगा। उन्होंने बताया कि उद्योग में हो रहे नवाचारों के चलते बिजली और चिप निर्माण की लागत में 50 प्रतिशत तक कटौती संभव है। यह पहल भारत को एआई और तकनीकी उत्पादन में वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाएगी।

AI Impact Summit में भारतीय सेना और नौसेना ने एआई-संचालित कई उपकरण प्रदर्शित किए। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शुक्रवार को सेना के पवेलियन का दौरा किया और प्रदर्शनी में प्रदर्शनित तकनीकों की सराहना की। प्रदर्शनी में जलवायु विज्ञान, आपदा पूर्वानुमान, चालक थकान पहचान उपकरण और अन्य एआई आधारित अनुप्रयोग शामिल थे।

राजनाथ सिंह ने सोशल मीडिया पर लिखा, "आज भारत मंडपम में आयोजित एआई इम्पैक्ट समिट में भाग लेकर बेहद प्रसन्न हूं। पीएम मोदी के विजन के तहत भारत का एआई दृष्टिकोण मानवता और सुरक्षित भविष्य की दिशा में अग्रसर है।

AI Impact Summit 2026: 70 से अधिक देशों ने साझा घोषणापत्र पर किए हस्ताक्षर, आज होगा सम्मेलन का औपचारिक समापन

एजेंटिक एआई और वैश्विक सहयोग

गोलमेज पैनल में तकनीकी उद्योग, नीति और कानूनी विशेषज्ञों ने चर्चा की कि एजेंटिक एआई किस तरह सुरक्षा, जवाबदेही, साइबर सुरक्षा और जनविश्वास को पुनर्परिभाषित कर रहा है। यूएसपीटीओ के निदेशक ऑस्टिन मेयरोन ने जिम्मेदार नवाचार में मानक आधारित सहयोग की भूमिका पर प्रकाश डाला। व्हाइट हाउस के क्रैट्सियोस ने कहा कि पूरी तकनीकी आत्मनिर्भरता के बजाय देशों को संवेदनशील डेटा सुरक्षित रखते हुए अमेरिका के साथ साझेदारी करनी चाहिए। उन्होंने केंद्रीय अंतरराष्ट्रीय नियामक ढांचे की आलोचना करते हुए राष्ट्रीय संप्रभुता आधारित मॉडल का समर्थन किया।

अमेरिका ने नेशनल चैंपियन्स इनिशिएटिव के तहत पार्टनर देशों की एआई कंपनियों को अमेरिकी AI स्टैक से जोड़ने की योजना बनाई है। इसके अलावा, यूएस इंटरनेशनल डेवलपमेंट फाइनेंस कॉरपोरेशन और एक्सपोर्ट-इम्पोर्ट बैंक जैसी एजेंसियां भी सहयोग करेंगी।

स्वास्थ्य, शिक्षा, ऊर्जा और कृषि में एआई

क्रैट्सियोस ने कहा कि हेल्थकेयर, शिक्षा, ऊर्जा, कृषि और सरकारी सेवाओं में एआई अपनाना तेज करना जरूरी है। सुनदर पिचाई, CEO गूगल और अल्फाबेट इंक ने बताया कि भारत-अमेरिका साझेदारी से सभी तक एआई लाभ पहुंचाना संभव होगा। उन्होंने भारत की डिजिटल नीतियों और आधार, यूपीआई, डिजीलॉकर जैसी पहलों की वैश्विक सराहना की।

पिचाई ने कहा कि एआई रोजगार के नए अवसर पैदा करेगा। युवाओं को भविष्य के कौशल से लैस करना आवश्यक है। भारत सरकार और निजी क्षेत्र मिलकर स्किल डेवलपमेंट पर ध्यान दे रहे हैं। सर्वम एआई के सह-संस्थापक विवेक राघवन ने कहा कि स्वदेशी एआई विकसित करना जरूरी है, ताकि भारत डिजिटल उपनिवेश न बने।

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