Anthropic के वैश्विक सर्वे में सामने आया है कि दुनिया भर के लोग आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को पेशेवर और रोजमर्रा के कामों में मददगार मानते हैं। अधिकांश लोग AI से सुविधा और समय की बचत की उम्मीद रखते हैं, लेकिन भरोसा, नौकरी और प्राइवेसी को लेकर चिंता भी बनी हुई है। रचनात्मक कार्यों में AI का सीमित इस्तेमाल देखा गया।
AI Uses and Expectations: हाल ही में Anthropic ने 159 देशों के 81,000 से अधिक लोगों के बीच सर्वे किया, जिसमें यह पता चला कि लोग AI को अपने पेशेवर और दैनिक कामों में मददगार मानते हैं। सर्वे में शामिल प्रतिभागियों ने बताया कि AI छोटे-मोटे काम जल्दी निपटाने में मदद करता है, जिससे वे जटिल कार्यों पर ध्यान केंद्रित कर सकते हैं। इसके साथ ही, लोग भरोसा, रोजगार और प्राइवेसी को लेकर सतर्क भी हैं, जबकि रचनात्मक कामों में AI का प्रयोग अभी सीमित है।
AI से लोगों की उम्मीद और खौफ
दुनिया भर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को लेकर लोगों की सोच तेजी से बदल रही है। हाल ही में Anthropic ने 159 देशों के 81,000 से अधिक लोगों के बीच एक वैश्विक सर्वे कर यह पता लगाया कि आम लोग AI से क्या उम्मीद रखते हैं और इसके प्रति उनकी प्रमुख चिंताएँ क्या हैं। सर्वे में सामने आया कि अधिकांश लोग AI को अपने पेशेवर और रोजमर्रा के काम में मददगार मानते हैं। छोटे-मोटे कार्यों में तेजी आने से लोग जटिल और महत्वपूर्ण कामों पर अधिक ध्यान केंद्रित कर सकते हैं।
सर्वे में यह भी खुलासा हुआ कि हालांकि AI को काम आसान बनाने के लिए खूब अपनाया जा रहा है, लेकिन रचनात्मक कार्यों और क्रिएटिव एक्सप्रेशन के लिए इसका इस्तेमाल अभी बहुत सीमित है। लोगों को AI पर भरोसा करने में संदेह है, और वे इसके रोजगार और अर्थव्यवस्था पर असर को लेकर चिंतित हैं। प्राइवेसी, गलत जानकारी फैलने और AI के गलत उपयोग की भी चिंताएँ प्रमुख रूप से सामने आईं।

पेशेवर और रोजमर्रा के काम में AI
सर्वे में शामिल लोगों ने बताया कि AI उनके पेशेवर जीवन को आसान बनाने में मदद कर सकता है। ईमेल, डेटा एनालिसिस, रिपोर्टिंग और अन्य नियमित कार्यों में AI का उपयोग कार्य की गति बढ़ा सकता है।
इसके अलावा, कुछ लोग AI को अपनी रोजमर्रा की जीवनशैली को बेहतर बनाने का माध्यम मानते हैं। टाइम मैनेजमेंट, शॉपिंग, स्वास्थ्य संबंधी जानकारी और सीखने के कामों में AI का इस्तेमाल बढ़ रहा है।
भरोसा, रोजगार और रचनात्मकता पर चिंता
AI को लेकर लोगों की प्रमुख चिंताएँ भरोसे, रोजगार और व्यक्तिगत स्वतंत्रता से जुड़ी हैं। कई लोग सोचते हैं कि AI के तेजी से विकास से नौकरी के अवसरों पर असर पड़ सकता है। इसके अलावा, AI के गलत इस्तेमाल और निजी डेटा की सुरक्षा को लेकर भी सतर्कता की जरूरत है।
रचनात्मक कार्यों में AI का प्रयोग अभी सीमित है। अधिकांश लोगों ने इसे क्रिएटिव एक्सप्रेशन के लिए भरोसेमंद नहीं माना। वहीं, भारत, ब्राजील और इज़राइल में लोग AI के प्रति अपेक्षाकृत सकारात्मक नजरिए के साथ आगे बढ़ रहे हैं, जबकि जर्मनी, दक्षिण कोरिया और यूके में इसका इस्तेमाल लेकर अधिक सावधानी देखने को मिली।











