UP Politics: BJP कार्यसमिति सूची जारी होने के बाद जिला मंत्री दीपाली तिवारी ने दिया इस्तीफा, कार्यकर्ताओं की नाराजगी खुलकर आई सामने

उत्तर प्रदेश में BJP कार्यसमिति सूची जारी होने के बाद जिला मंत्री दीपाली तिवारी ने इस्तीफा दे दिया। सूची को लेकर कार्यकर्ताओं की नाराजगी खुलकर सामने आ रही है।

भारतीय जनता पार्टी की जिला कार्यसमिति के पदाधिकारियों की सूची जारी होने के बाद संगठन के अंदर नाराजगी की तस्वीर सामने आई है। अब तक जिला मंत्री रहीं दीपाली तिवारी ने दोबारा वही पद दिए जाने से असंतोष जताते हुए पद और पार्टी दोनों से इस्तीफा दे दिया।

लखनऊ: उत्तर प्रदेश के महोबा जिले में भारतीय जनता पार्टी की नई जिला कार्यसमिति की घोषणा के बाद पार्टी के अंदर असंतोष की स्थिति देखने को मिल रही है। सूची जारी होते ही जिला मंत्री रहीं दीपाली तिवारी ने अपने पद के साथ-साथ पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से भी इस्तीफा देने का ऐलान कर दिया। उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए कहा कि उन्हें दी गई जिम्मेदारी बहुत बड़ी है और उनके कंधे इसे संभाल नहीं पा रहे हैं।

यह घटनाक्रम सामने आने के बाद स्थानीय स्तर पर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है और कई अन्य कार्यकर्ताओं ने भी संगठन में उपेक्षा का आरोप लगाते हुए नाराजगी जाहिर की है।

फेसबुक पोस्ट में लिखा – जिम्मेदारी बहुत बड़ी है

दीपाली तिवारी ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा कि वह जिला अध्यक्ष और संगठन के वरिष्ठ नेताओं की आभारी हैं, जिन्होंने उन्हें जिम्मेदारी दी, लेकिन वह खुद को इस पद के योग्य नहीं मानतीं। उन्होंने लिखा,

'मैं अपने जिला अध्यक्ष, जनप्रतिनिधियों और संगठन के वरिष्ठ नेताओं का धन्यवाद करती हूं कि उन्होंने मुझे इतनी बड़ी जिम्मेदारी दी। लेकिन मेरे कंधे इसे सह नहीं पा रहे हैं, इसलिए मैं अपने पद और भाजपा से इस्तीफा देती हूं।'

उनके इस बयान को कई लोग संगठन के अंदर असंतोष का संकेत मान रहे हैं, जबकि कुछ इसे व्यक्तिगत निर्णय बता रहे हैं।

अन्य नेताओं ने भी जताई नाराजगी

नई कार्यसमिति की सूची आने के बाद केवल दीपाली तिवारी ही नहीं, बल्कि कई अन्य कार्यकर्ताओं ने भी अपनी नाराजगी जाहिर की। पूर्व मंडल अध्यक्ष और नामदेव समाज के जिलाध्यक्ष मनीष नामदेव ने भी सोशल मीडिया पर पोस्ट लिखकर कहा कि पार्टी में लंबे समय से काम करने वाले कार्यकर्ताओं को नजरअंदाज किया जा रहा है।

उन्होंने लिखा कि जो लोग वर्षों से संगठन के लिए काम कर रहे हैं, उन्हें उचित जिम्मेदारी नहीं दी गई, जबकि नए लोगों को बड़े पद दिए जा रहे हैं। उनके अनुसार, यह स्थिति कार्यकर्ताओं के मनोबल को प्रभावित कर सकती है।

सोशल मीडिया पर शुरू हुआ सियासी विवाद

कार्यसमिति सूची जारी होने के बाद सोशल मीडिया पर भी राजनीतिक बयानबाजी शुरू हो गई। विपक्षी दल के कुछ नेताओं ने सूची को लेकर जातीय संतुलन पर सवाल उठाए। हालांकि भाजपा कार्यकर्ताओं ने इन आरोपों का जवाब देते हुए कहा कि संगठन में सभी वर्गों को प्रतिनिधित्व दिया जाता है और किसी भी तरह की टिप्पणी केवल राजनीतिक लाभ के लिए की जा रही है।

कुछ कार्यकर्ताओं ने यह भी लिखा कि पार्टी में नए आए लोगों को उपाध्यक्ष या मंत्री जैसे पद मिल रहे हैं, जबकि पुराने और समर्पित कार्यकर्ताओं को नजरअंदाज किया जा रहा है।

जिला अध्यक्ष ने दिया सफाई भरा बयान

इस पूरे मामले पर भाजपा के जिला अध्यक्ष मोहनलाल कुशवाहा ने कहा कि नई कार्यसमिति का गठन संगठन की प्रक्रिया के अनुसार किया गया है और सभी को साथ लेकर काम किया जाएगा। उन्होंने कहा कि हर कार्यकर्ता को पद देना संभव नहीं होता, लेकिन आगे विभिन्न मोर्चों और प्रकोष्ठों में पदाधिकारियों की घोषणा की जाएगी, जिसमें कई लोगों को मौका मिल सकता है।

उन्होंने यह भी बताया कि दीपाली तिवारी के इस्तीफे की जानकारी उन्हें सोशल मीडिया के माध्यम से मिली है। यदि वह लिखित रूप में इस्तीफा देती हैं तो उसे प्रदेश नेतृत्व को भेजा जाएगा और बातचीत के जरिए समाधान निकालने की कोशिश की जाएगी।

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