अमेरिका-ईरान तनाव के बीच भारत पहुंचा तेल टैंकर ‘देश गरिमा’, ऊर्जा आपूर्ति को मिली बड़ी राहत

अमेरिका-ईरान तनाव के बीच ‘देश गरिमा’ तेल टैंकर के भारत पहुंचने से ऊर्जा आपूर्ति को बड़ी राहत मिली है। इस कदम से तेल संकट की आशंकाएं कम हुई हैं। जानें पूरी खबर

भारतीय तेल वाहक जहाज Desh Garima oil tanker सुरक्षित रूप से स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पार कर भारत पहुंच गया है। यह क्रूड ऑयल टैंकर बड़ी मात्रा में तेल लेकर आया है और फिलहाल मुंबई तट से कुछ नॉटिकल माइल दूर समुद्र में एंकर पर खड़ा है।

नई दिल्ली: अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच भारत के लिए एक राहत भरी खबर सामने आई है। भारतीय क्रूड ऑयल टैंकर Desh Garima सफलतापूर्वक दुनिया के सबसे संवेदनशील समुद्री मार्गों में से एक Strait of Hormuz को पार कर भारत पहुंच गया है। यह टैंकर भारी मात्रा में कच्चा तेल लेकर मुंबई के पास समुद्री क्षेत्र में सुरक्षित रूप से पहुंचा, हालांकि फिलहाल यह समुद्र में एंकर पर खड़ा है।

सूत्रों के अनुसार, यह जहाज 18 अप्रैल को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से निकला था और कठिन हालातों के बावजूद अपनी यात्रा जारी रखते हुए भारत तक पहुंचने में सफल रहा।

31 भारतीय नाविकों की सुरक्षा भी रही प्राथमिकता

इस टैंकर पर 31 भारतीय नाविक सवार थे। सबसे बड़ी राहत की बात यह है कि पूरी यात्रा के दौरान चालक दल पूरी तरह सुरक्षित रहा। क्षेत्र में बढ़ते तनाव और संभावित खतरे के बावजूद जहाज ने अपनी यात्रा पूरी की, जिससे भारत की ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखला को मजबूती मिली है। Strait of Hormuz दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल परिवहन मार्गों में से एक माना जाता है। 

वैश्विक तेल आपूर्ति का बड़ा हिस्सा इसी रास्ते से गुजरता है। अमेरिका-ईरान तनाव के चलते इस क्षेत्र में सुरक्षा जोखिम बढ़ गया है, जिससे कई देशों की ऊर्जा आपूर्ति प्रभावित हो सकती है। हाल के महीनों में यह समुद्री मार्ग और अधिक संवेदनशील हो गया है, जहां व्यापारिक जहाजों की सुरक्षा एक बड़ा मुद्दा बनकर उभरी है।

अमेरिका-ईरान तनाव के बीच भारत पहुंचा तेल टैंकर ‘देश गरिमा’, ऊर्जा आपूर्ति को मिली बड़ी राहत

IRGC की गतिविधियों से बढ़ी चिंता

रिपोर्ट्स के अनुसार, इस क्षेत्र में ईरान की सैन्य इकाई Islamic Revolutionary Guard Corps (IRGC) की गतिविधियों के चलते समुद्री सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ी है। इससे पहले भी कई जहाजों को जोखिमपूर्ण परिस्थितियों का सामना करना पड़ा है, जिससे वैश्विक व्यापार मार्गों पर दबाव बढ़ा है। हाल ही में दो अन्य भारतीय जहाजों—वीएलसीसी सन्मार हेराल्ड और बल्क कैरियर जग अर्णव—को भी इसी क्षेत्र में मुश्किल हालात का सामना करना पड़ा था। रिपोर्ट्स के मुताबिक, उन्हें फायरिंग जैसी घटनाओं के बाद वापस लौटना पड़ा, हालांकि किसी भी क्रू मेंबर को चोट नहीं आई।

इन घटनाओं ने भारत को इस क्षेत्र में अपने जहाजों की सुरक्षा नीति को और मजबूत करने के लिए प्रेरित किया है। भारत और ईरान के बीच ऊर्जा और व्यापारिक संबंध लंबे समय से महत्वपूर्ण रहे हैं। तनावपूर्ण परिस्थितियों के बावजूद दोनों देशों ने अब तक संवाद और सहयोग का रास्ता बनाए रखा है। भारत लगातार यह सुनिश्चित करने की कोशिश करता रहा है कि उसकी ऊर्जा जरूरतें बाधित न हों और आपूर्ति सुरक्षित रहे।

Leave a comment