अमेरिका में राष्ट्रपति ट्रम्प की लोकप्रियता में बड़ी गिरावट, महंगाई और ईरान संघर्ष बना प्रमुख कारण

महंगाई और ईरान युद्ध के असर से अमेरिका में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की लोकप्रियता घट गई है। रॉयटर्स-इप्सोस सर्वे में सिर्फ 34% लोग उनके काम से खुश दिखे।

अमेरिका में बढ़ती महंगाई और ईरान के साथ तनाव का असर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की लोकप्रियता पर पड़ा है। ताजा सर्वे के अनुसार केवल 34% अमेरिकी उनके कामकाज से संतुष्ट हैं, जबकि पेट्रोल और रोजमर्रा की चीजों की कीमतों ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है।

वाशिंगटन; donald_trump की लोकप्रियता में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है। हाल ही में सामने आए एक राष्ट्रीय सर्वे के अनुसार, अमेरिका में केवल 34% लोग ही राष्ट्रपति के कामकाज से संतुष्ट हैं। यह उनके मौजूदा कार्यकाल का अब तक का सबसे कम समर्थन स्तर माना जा रहा है।

reuters और ipsos द्वारा किए गए सर्वे में यह भी सामने आया कि अमेरिकी नागरिकों के बीच महंगाई, ईंधन की कीमतें और ईरान के साथ जारी तनाव सबसे बड़ी चिंताओं में शामिल हैं।

जनवरी से लगातार गिर रही लोकप्रियता

जनवरी 2025 में पद संभालने के दौरान ट्रम्प को लगभग 47% लोगों का समर्थन प्राप्त था। हालांकि इसके बाद से उनकी लोकप्रियता में लगातार गिरावट देखी गई।

विश्लेषकों का कहना है कि आम नागरिकों पर बढ़ती महंगाई का असर सीधे तौर पर राजनीतिक नेतृत्व की छवि पर पड़ रहा है। खासतौर पर मध्यम वर्ग और कामकाजी परिवारों में आर्थिक दबाव बढ़ने से असंतोष बढ़ा है।

महंगाई बनी सबसे बड़ी चुनौती

सर्वे में शामिल लोगों में से केवल 22% ने कहा कि वे सरकार के महंगाई नियंत्रण के प्रयासों से संतुष्ट हैं।

अमेरिका में पिछले कुछ महीनों में रोजमर्रा की जरूरतों की कीमतों में तेज वृद्धि हुई है। खाने-पीने की चीजों, बिजली और परिवहन खर्च में बढ़ोतरी ने घरेलू बजट पर दबाव बढ़ा दिया है।

आर्थिक विशेषज्ञों के अनुसार, लगातार बढ़ती कीमतें आम लोगों की क्रय क्षमता को प्रभावित कर रही हैं, जिससे सरकार के प्रति नाराजगी बढ़ रही है।

अमेरिका में राष्ट्रपति ट्रम्प की लोकप्रियता में बड़ी गिरावट, महंगाई और ईरान संघर्ष बना प्रमुख कारण

ईंधन संकट ने बढ़ाई परेशानी

ईरान के साथ संघर्ष शुरू होने के बाद अमेरिका में पेट्रोल और ईंधन की कीमतों में बड़ी बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, फरवरी के अंत में युद्ध जैसी स्थिति बनने के बाद ईंधन कीमतों में 40% से ज्यादा वृद्धि हुई। इसका असर ट्रांसपोर्ट, व्यापार और रोजमर्रा के खर्चों पर दिखाई दे रहा है।

विशेषज्ञ मानते हैं कि ऊर्जा बाजार में अस्थिरता और मध्य पूर्व में तनाव ने अमेरिकी अर्थव्यवस्था पर अतिरिक्त दबाव डाला है।

अर्थव्यवस्था को लेकर घटा भरोसा

सर्वे के अनुसार, अर्थव्यवस्था को संभालने के मामले में ट्रम्प की रेटिंग घटकर 27% रह गई है। यह उनके पहले कार्यकाल की तुलना में काफी कम मानी जा रही है।

अमेरिकी नागरिकों के बीच रोजगार, महंगाई और बाजार की स्थिरता को लेकर चिंता बढ़ रही है। कई आर्थिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि महंगाई नियंत्रण में नहीं आई, तो इसका असर आने वाले चुनावों पर भी पड़ सकता है।

ईरान नीति पर बंटी राय

iran के साथ बढ़ते तनाव को लेकर भी अमेरिकी जनता दो हिस्सों में बंटी हुई दिखाई दे रही है।

सर्वे में लगभग 34% लोगों ने ट्रम्प की ईरान नीति का समर्थन किया, जबकि बड़ी संख्या में लोगों ने युद्ध जैसी स्थिति और उसके आर्थिक प्रभाव को लेकर चिंता जताई।

विशेषज्ञों का कहना है कि लंबे समय तक चलने वाला सैन्य तनाव अमेरिकी जनता के बीच राजनीतिक ध्रुवीकरण को और बढ़ा सकता है।

रिपब्लिकन पार्टी के भीतर भी बढ़ रही चिंता

हालांकि रिपब्लिकन समर्थकों का बड़ा वर्ग अब भी ट्रम्प के साथ खड़ा दिखाई देता है, लेकिन पार्टी के भीतर महंगाई और आर्थिक दबाव को लेकर असंतोष बढ़ने लगा है।

कई राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि आर्थिक हालात में जल्द सुधार नहीं हुआ, तो इसका असर पार्टी की रणनीति और चुनावी संभावनाओं पर पड़ सकता है।

निर्दलीय वोटर डेमोक्रेट्स की ओर झुक रहे

सर्वे में यह संकेत भी मिला कि निर्दलीय मतदाताओं का झुकाव धीरे-धीरे democratic_party की ओर बढ़ रहा है।

अमेरिकी राजनीति में निर्दलीय वोटर अक्सर चुनाव परिणामों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ऐसे में उनका रुख बदलना आगामी चुनावी समीकरणों को प्रभावित कर सकता है।

वैश्विक असर भी बना चिंता का विषय

मध्य पूर्व में जारी तनाव और वैश्विक ऊर्जा संकट का असर केवल अमेरिका तक सीमित नहीं है। तेल कीमतों में उतार-चढ़ाव और अंतरराष्ट्रीय बाजार की अस्थिरता का असर दुनिया की कई अर्थव्यवस्थाओं पर पड़ रहा है।

विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका की आंतरिक राजनीति और विदेश नीति आने वाले महीनों में वैश्विक आर्थिक माहौल को भी प्रभावित कर सकती है।

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