ईटानगर के राजभवन में 80वां स्वतंत्रता दिवस देशभक्ति के माहौल में मनाया गया। राज्यपाल केटी परनाइक ने तिरंगा फहराकर एकता और आत्मनिर्भर भारत का संदेश दिया। समारोह में विद्यार्थियों की प्रस्तुति हुई और उत्कृष्ट कर्मचारियों को सम्मानित किया गया।
ईटानगर: अरुणाचल प्रदेश में 80वां स्वतंत्रता दिवस शनिवार को राजभवन, ईटानगर में देशभक्ति और उत्साह के साथ मनाया गया। राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) केटी परनाइक ने राष्ट्रीय ध्वज फहराया और लोगों से एकजुट होकर शांतिपूर्ण, समृद्ध तथा आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में योगदान देने की अपील की।
राज्यपाल ने फहराया राष्ट्रीय ध्वज
राजभवन पहुंचने पर राज्यपाल केटी परनाइक को भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) की राजभवन में तैनात 33वीं बटालियन की ईको कंपनी ने गार्ड ऑफ ऑनर दिया। इसके बाद राज्यपाल ने राष्ट्रीय ध्वज फहराया। समारोह में मौजूद लोगों ने राष्ट्र के प्रति सम्मान और देशभक्ति की भावना के साथ स्वतंत्रता दिवस समारोह में भाग लिया।
अपने संबोधन में राज्यपाल ने स्वतंत्रता दिवस को देश के स्वतंत्रता सेनानियों और उनके बलिदानों को याद करने का महत्वपूर्ण अवसर बताया। उन्होंने कहा कि आजादी हासिल करने के लिए अनगिनत लोगों ने संघर्ष और त्याग किया। उनके साहस और समर्पण ने देश में लोकतंत्र, न्याय, समानता और सेवा जैसे मूल्यों की नींव मजबूत की।
अरुणाचल के स्वतंत्रता सेनानियों को भी किया याद
राज्यपाल ने स्वतंत्रता संग्राम में योगदान देने वाले राष्ट्रीय नायकों के साथ अरुणाचल प्रदेश के वीरों को भी श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि देश के स्वतंत्रता सेनानियों का साहस आज भी नई पीढ़ी को राष्ट्र निर्माण के लिए प्रेरित करता है।
उन्होंने नागरिकों से विविधताओं के बावजूद एकजुट रहने की अपील की। राज्यपाल के मुताबिक भारत की ताकत उसकी एकता और सांस्कृतिक विविधता में निहित है। उन्होंने युवाओं से देश की प्रगति में सक्रिय भूमिका निभाने और जिम्मेदारी के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन करने का आह्वान किया।
राजभवन की पहलों का किया उल्लेख
राज्यपाल ने अपने संबोधन में राजभवन की ओर से किए जा रहे विभिन्न प्रयासों का भी उल्लेख किया। इनमें प्रशासनिक सुधार, खेल और फिटनेस को बढ़ावा देना, जैविक खेती को प्रोत्साहित करना तथा ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ अभियान से जुड़ी गतिविधियां शामिल हैं।
उन्होंने कहा कि ऐसे कार्यक्रमों का उद्देश्य केवल प्रशासनिक व्यवस्था को बेहतर बनाना नहीं, बल्कि समाज के विभिन्न वर्गों को विकास और राष्ट्र निर्माण की प्रक्रिया से जोड़ना भी है। खासतौर पर स्कूली बच्चों को देश की सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने के प्रयासों पर उन्होंने जोर दिया।
विद्यार्थियों ने पेश की सांस्कृतिक प्रस्तुति
स्वतंत्रता दिवस समारोह में राजीव गांधी विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों ने ‘वंदे मातरम्’ की प्रस्तुति दी। इस प्रस्तुति ने कार्यक्रम में देशभक्ति का माहौल और मजबूत किया। विद्यार्थियों की भागीदारी को समारोह की प्रमुख विशेषताओं में शामिल किया गया।
‘लेट्स स्पीक अरुणाचल’ से जुड़े गोल्लो अनिया ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया। उन्होंने युवाओं से एकता, सेवा और राष्ट्र के प्रति जिम्मेदारी की भावना को मजबूत करने की अपील की। उन्होंने कहा कि युवा देश के भविष्य की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
सार्वजनिक संचार में योगदान के लिए विशेष सम्मान
समारोह के दौरान आकाशवाणी ईटानगर की कार्यक्रम कार्यकारी गेयर एटे को विशेष प्रशस्ति प्रदान की गई। उन्हें सार्वजनिक संचार के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान और राज्य के महत्वपूर्ण कार्यक्रमों के पेशेवर संचालन के लिए सम्मानित किया गया।
यह सम्मान सार्वजनिक संस्थानों और महत्वपूर्ण सरकारी कार्यक्रमों में प्रभावी संचार की भूमिका को रेखांकित करता है। समारोह के दौरान उनके योगदान की सराहना की गई।
चार कर्मचारियों को मिला बेस्ट एम्प्लॉयी अवॉर्ड
राजभवन के कर्मचारियों को प्रोत्साहित करने और उनके समर्पण को सम्मान देने के लिए राज्यपाल ने चार कर्मचारियों को ‘बेस्ट एम्प्लॉयी अवॉर्ड’ प्रदान किए। सम्मान पाने वालों में सिपियांग पांगकम, गोपाल दर्नाल, गुलाम मुस्तफा और अभिजीत रॉय शामिल रहे।
राज्यपाल ने कर्मचारियों की मेहनत और जिम्मेदारी की भावना की सराहना की। पुरस्कारों का उद्देश्य कर्मचारियों को बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रोत्साहित करना और प्रशासनिक व्यवस्था में समर्पण की संस्कृति को मजबूत करना रहा।
आत्मनिर्भर भारत के निर्माण पर जोर
समारोह के दौरान राज्यपाल का मुख्य संदेश एकता, आत्मनिर्भरता और राष्ट्र सेवा पर केंद्रित रहा। उन्होंने नागरिकों से देश की प्रगति में अपनी भूमिका निभाने का आह्वान किया। उनका कहना था कि मजबूत और आत्मनिर्भर भारत का निर्माण तभी संभव है, जब समाज के सभी वर्ग साझा जिम्मेदारी और सहयोग की भावना के साथ आगे बढ़ें।
अरुणाचल प्रदेश जैसे सीमावर्ती राज्य में स्वतंत्रता दिवस समारोह का विशेष महत्व है। राज्य की भौगोलिक स्थिति, सांस्कृतिक विविधता और सीमाई महत्व को देखते हुए राष्ट्रीय एकता और देश के प्रति जिम्मेदारी का संदेश यहां विशेष प्रभाव रखता है।
युवा शक्ति को राष्ट्र निर्माण से जोड़ने की अपील
राज्यपाल ने युवाओं को शिक्षा, खेल, सेवा और सामाजिक जिम्मेदारी के माध्यम से देश की प्रगति में योगदान देने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने फिटनेस और खेल गतिविधियों को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।
‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ जैसी पहल के माध्यम से अलग-अलग राज्यों और क्षेत्रों के लोगों के बीच सांस्कृतिक जुड़ाव बढ़ाने की कोशिशों को भी उन्होंने महत्वपूर्ण बताया। स्कूली बच्चों को भारत की विविध सांस्कृतिक परंपराओं से परिचित कराने को उन्होंने राष्ट्रीय एकता की दिशा में उपयोगी कदम बताया।
राजभवन में आयोजित यह समारोह स्वतंत्रता दिवस के ऐतिहासिक महत्व के साथ-साथ प्रशासन, युवाओं और नागरिकों की राष्ट्र निर्माण में भूमिका पर केंद्रित रहा। राष्ट्रीय ध्वज फहराने से लेकर विद्यार्थियों की प्रस्तुति, कर्मचारियों के सम्मान और राज्यपाल के संबोधन तक, पूरे कार्यक्रम में देशभक्ति, सेवा और एकता का संदेश प्रमुख रहा।











