Asian Games 2026: जापान में भारतीय क्रिकेटरों की सुविधाओं पर BCCI का बड़ा बयान, जरूरत पड़ी तो खुद संभालेगा व्यवस्था

Asian Games 2026: जापान में भारतीय क्रिकेटरों की सुविधाओं को लेकर BCCI ने बड़ा भरोसा दिया है। बोर्ड ने कहा कि जरूरत पड़ी तो खिलाड़ियों की बेहतर व्यवस्था खुद

जापान में होने वाले एशियाई खेलों में भारतीय क्रिकेट टीम की सुविधाओं को लेकर भले ही सवाल उठ रहे हों, लेकिन भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने स्पष्ट कर दिया है कि खिलाड़ियों की सहूलियत से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा।

Asian Games 2026: जापान के आइची-नागोया में होने वाले एशियाई खेलों में भारतीय क्रिकेट टीम की सुविधाओं को लेकर उठ रही चिंताओं पर भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने स्थिति स्पष्ट कर दी है। बोर्ड के सचिव देवजीत सैकिया ने कहा है कि खिलाड़ियों और सपोर्ट स्टाफ की सुविधाओं से किसी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा। जरूरत पड़ने पर बीसीसीआई अपने स्तर पर भी बेहतर इंतजाम कर सकता है।

एशियाई खेलों में क्रिकेट की टी20 प्रतियोगिता 19 सितंबर से 3 अक्टूबर तक आयोजित की जानी है। पुरुष और महिला दोनों भारतीय टीमें इस प्रतियोगिता में हिस्सा लेंगी। कुछ एशियाई टीमों की ओर से ठहरने और लॉजिस्टिक्स से जुड़ी सुविधाओं को लेकर सवाल उठाए जाने के बाद भारतीय क्रिकेट में भी इस मुद्दे पर चर्चा शुरू हुई थी।

जापान में सुविधाओं को लेकर BCCI क्यों है आश्वस्त?

बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया ने कहा कि फिलहाल बोर्ड के सामने जापान में खिलाड़ियों की सुविधाओं से जुड़ी कोई बड़ी समस्या नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अगर आयोजन के दौरान किसी तरह की परेशानी सामने आती है तो बोर्ड तुरंत उचित कदम उठाएगा। सैकिया के मुताबिक, बीसीसीआई का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि भारतीय खिलाड़ियों और सपोर्ट स्टाफ को प्रतियोगिता के दौरान जरूरी स्तर की सुविधाएं मिलें। उन्होंने संकेत दिया कि जरूरत पड़ने पर बोर्ड अपने संसाधनों का इस्तेमाल करके वैकल्पिक व्यवस्था भी कर सकता है।

जापान क्रिकेट एसोसिएशन के सीईओ नाओकी एलेक्स मियाजी ने भी बताया था कि क्रिकेट टीमों के लिए होटल में रहने की व्यवस्था की जा रही है। हालांकि, टीमों को आवश्यकता होने पर अपने स्तर पर आवास की व्यवस्था करने की भी अनुमति होगी।

वैभव सूर्यवंशी के भविष्य पर BCCI की खास नजर

Asian Games 2026: जापान में भारतीय क्रिकेटरों की सुविधाओं पर BCCI का बड़ा बयान, जरूरत पड़ी तो खुद संभालेगा व्यवस्था

देवजीत सैकिया ने युवा भारतीय बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी के भविष्य को लेकर भी बोर्ड की योजना पर बात की। महज 15 साल की उम्र में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पहचान बनाने वाले वैभव को लेकर बीसीसीआई जल्दबाजी के बजाय दीर्घकालिक योजना पर काम करना चाहता है। सैकिया ने कहा कि बोर्ड का उद्देश्य वैभव को सिर्फ एक सीरीज या एक सीजन का खिलाड़ी बनाना नहीं है। उनकी ट्रेनिंग, प्रदर्शन और करियर के हर चरण पर नजर रखी जा रही है, ताकि वह लंबे समय तक भारतीय क्रिकेट में योगदान दे सकें।

उन्होंने युवा बल्लेबाज की तुलना भारतीय क्रिकेट के दिग्गजों से करते हुए कहा कि बोर्ड चाहता है कि वैभव का करियर लंबे समय तक सफल रहे और वह भविष्य में देश के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाएं।

सिर्फ वैभव नहीं, 10-15 युवा खिलाड़ियों का समूह तैयार

बीसीसीआई की योजना सिर्फ वैभव सूर्यवंशी तक सीमित नहीं है। सैकिया ने बताया कि बोर्ड ने करीब 10 से 15 प्रतिभाशाली खिलाड़ियों का एक लक्षित समूह तैयार किया है। इन खिलाड़ियों के विकास, प्रशिक्षण और कौशल पर लगातार नजर रखी जा रही है। इस प्रक्रिया में भारतीय क्रिकेट के पूर्व बल्लेबाज और सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के प्रमुख वीवीएस लक्ष्मण की भी अहम भूमिका है। चयनकर्ता भी इन युवा खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर नजर बनाए हुए हैं।

सैकिया ने भारतीय अंडर-19 पुरुष और महिला टीमों की हालिया सफलताओं का जिक्र करते हुए कहा कि देश में युवा प्रतिभाओं की मजबूत पाइपलाइन मौजूद है। बीसीसीआई का फोकस इसी प्रतिभा को सही दिशा देने पर है।

टेस्ट क्रिकेट में स्पिनरों की कमी के सवाल पर जवाब

भारतीय टेस्ट टीम में विशेषज्ञ स्पिनरों की भूमिका को लेकर पूछे गए सवाल पर भी सैकिया ने बोर्ड का पक्ष रखा। उन्होंने हालिया श्रीलंका दौरे का उदाहरण देते हुए कहा कि भारत ने टेस्ट सीरीज में सफलता हासिल की और स्पिन गेंदबाजों ने महत्वपूर्ण योगदान दिया। उन्होंने बाएं हाथ के स्पिनर मानव सुथार के प्रदर्शन का उल्लेख करते हुए बताया कि उन्होंने सीरीज में 16 विकेट हासिल किए। सैकिया के मुताबिक, स्पिनरों की भूमिका को केवल संख्या के आधार पर नहीं देखा जाना चाहिए, क्योंकि मैच की परिस्थितियां भी प्रदर्शन को प्रभावित करती हैं।

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