असम विधानसभा चुनाव से ठीक पहले Indian National Congress को बड़ा झटका लगा है। नागांव से मौजूदा सांसद Pradyut Bordoloi ने मंगलवार को कांग्रेस पार्टी से इस्तीफा दे दिया। करीब 30 साल तक पार्टी में रहने के बाद उनके इस फैसले ने राज्य की राजनीति में हलचल मचा दी है।
गुवाहाटी: असम विधानसभा चुनाव से ठीक पहले भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस को बड़ा राजनीतिक झटका लगा है। नागांव से मौजूदा सांसद प्रद्युत बोरदोलोई ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया है। उनके इस फैसले ने राज्य की राजनीति में हलचल पैदा कर दी है, क्योंकि लंबे समय से कांग्रेस से जुड़े रहने के बाद उनका यह कदम चुनावी समीकरण बदल सकता है।
राजनीतिक सूत्रों के अनुसार, बोरदोलोई के भारतीय जनता पार्टी में शामिल होने की संभावना जताई जा रही है। चर्चा है कि वह आगामी चुनाव में दिसपुर सीट से चुनाव लड़ सकते हैं। हालांकि इस पर अभी आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है, लेकिन उनके इस्तीफे को इसी दिशा में बड़ा संकेत माना जा रहा है।
30 साल पुराना कांग्रेस से नाता खत्म

प्रद्युत बोरदोलोई करीब तीन दशक तक कांग्रेस से जुड़े रहे। वह दो बार सांसद और चार बार विधायक रह चुके हैं। इसके अलावा उन्होंने राज्य सरकार में मंत्री के रूप में भी जिम्मेदारी निभाई है। असम की राजनीति में उनका नाम अनुभवी और प्रभावशाली नेताओं में गिना जाता है। उन्होंने अपना इस्तीफा असम प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गौरव गोगोई को भेजा। अपने पत्र में उन्होंने लिखा कि वह दुख के साथ पार्टी की प्राथमिक सदस्यता और सभी पदों से इस्तीफा दे रहे हैं।
उनके इस्तीफे को कांग्रेस के लिए बड़ा झटका इसलिए भी माना जा रहा है क्योंकि चुनाव से पहले पार्टी पहले ही अंदरूनी चुनौतियों से जूझ रही है। इससे पहले भी राज्य में कई वरिष्ठ नेताओं के पार्टी छोड़ने की खबरें सामने आ चुकी हैं।
मुख्यमंत्री सरमा का खुला निमंत्रण
सूत्रों के अनुसार, बोरदोलोई का इस्तीफा ऐसे समय आया जब असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने उन्हें भाजपा में शामिल होने का खुला प्रस्ताव दिया था। सरमा ने कहा था कि अगर बोरदोलोई भाजपा में आते हैं, तो उन्हें पूरा सम्मान दिया जाएगा। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि भाजपा चुनाव से पहले विपक्ष के मजबूत नेताओं को अपने साथ जोड़ने की रणनीति पर काम कर रही है। इससे चुनावी मुकाबला और दिलचस्प हो सकता है।
असम में आगामी विधानसभा चुनाव के लिए भारतीय चुनाव आयोग पहले ही कार्यक्रम घोषित कर चुका है। राज्य की सभी 126 विधानसभा सीटों पर एक ही चरण में 9 अप्रैल को मतदान होगा, जबकि मतगणना 4 मई को की जाएगी। ऐसे समय में बोरदोलोई जैसे वरिष्ठ नेता का इस्तीफा कांग्रेस के लिए नुकसानदेह साबित हो सकता है। नागांव और आसपास के क्षेत्रों में उनका अच्छा प्रभाव माना जाता है, जो चुनावी नतीजों को प्रभावित कर सकता है।












