इंदौर में इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग के दौरान ब्लास्ट, भीषण आग में 7 की मौत, सिलेंडर फटने से हालात हुए बेकाबू

इंदौर में भीषण आग से 7 लोगों की मौत, इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग प्वाइंट में ब्लास्ट से हादसा हुआ। गैस सिलेंडर और केमिकल्स से आग और भड़की।

इंदौर में रिहायशी मकान में लगी भीषण आग में 7 लोगों की मौत हो गई। शुरुआती जांच में इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग प्वाइंट से ब्लास्ट की आशंका है। गैस सिलेंडर और केमिकल्स ने आग को और भड़का दिया।

Indore Fire News: मध्य प्रदेश के इंदौर में एक दर्दनाक हादसे ने पूरे शहर को झकझोर दिया। ब्रिजेश्वरी एनेक्स के एक रिहायशी मकान में लगी भीषण आग ने कुछ ही समय में विकराल रूप ले लिया, जिसमें 7 लोगों की जान चली गई। इस हादसे में 3 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, जबकि प्रशासन और राहत टीमों ने मौके पर तेजी से कार्रवाई करते हुए आग पर काबू पाया।

तड़के लगी आग ने मचाई अफरा-तफरी

यह हादसा तड़के करीब साढ़े 3 बजे से साढ़े 4 बजे के बीच हुआ। जब लोग गहरी नींद में थे, उसी दौरान मकान में आग लग गई और तेजी से फैलने लगी। स्थानीय लोगों को जब तक घटना का अंदाजा हुआ, तब तक आग ने पूरे घर को अपनी चपेट में ले लिया था। इस अचानक हुई घटना से इलाके में अफरा-तफरी मच गई और लोग घबराकर घरों से बाहर निकलने लगे।

मृतकों की संख्या बढ़कर 7 हुई

सहायक पुलिस आयुक्त कुंदन मंडलोई के अनुसार, हादसे के बाद मौके से 7 लोगों के शव बरामद किए गए हैं। राहत और बचाव कार्य पूरा कर लिया गया है और आग पर पूरी तरह काबू पा लिया गया है। हालांकि, प्रशासन अभी भी यह सुनिश्चित कर रहा है कि कहीं कोई व्यक्ति अंदर फंसा न रह गया हो।

चार्जिंग प्वाइंट से शुरू हुई आग

शुरुआती जांच में सामने आया है कि आग लगने की वजह इलेक्ट्रिक वाहन (electric vehicle) की चार्जिंग के दौरान हुआ स्पार्क या विस्फोट हो सकता है। पुलिस कमिश्नर संतोष कुमार सिंह ने बताया कि घर के बाहर एक इलेक्ट्रिक गाड़ी चार्ज हो रही थी। इसी दौरान चार्जिंग प्वाइंट में अचानक ब्लास्ट हुआ, जिससे आग तेजी से फैल गई और पूरे मकान को अपनी चपेट में ले लिया।

गैस टैंकों ने बढ़ाई तबाही

इस हादसे को और भी खतरनाक बना दिया घर में रखे गैस सिलेंडरों ने। जानकारी के मुताबिक, मकान के अंदर 10 से ज्यादा गैस टैंक रखे हुए थे। आग लगने के बाद इनमें से कुछ सिलेंडर फट गए, जिससे आग और भड़क गई। सिलेंडर ब्लास्ट के कारण आग ने तेजी से विकराल रूप लिया और बचाव कार्य में भी मुश्किलें बढ़ गईं।

ज्वलनशील केमिकल भी बने कारण

बताया जा रहा है कि घर में ज्वलनशील केमिकल (flammable chemicals) भी रखे हुए थे, जिसने आग को और ज्यादा फैलाने में अहम भूमिका निभाई। इन केमिकल्स के कारण आग की तीव्रता बढ़ गई और उसे काबू में करना चुनौतीपूर्ण हो गया। यह घटना इस बात की ओर भी इशारा करती है कि घरों में खतरनाक सामग्री रखने से कितनी बड़ी दुर्घटना हो सकती है।

फायर ब्रिगेड और प्रशासन की कार्रवाई

घटना की जानकारी मिलते ही फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और आग बुझाने का काम शुरू किया। इंदौर के डीएम शिवम वर्मा के अनुसार, समय रहते आग पर काबू पा लिया गया। रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान घर की दो मंजिलों को पूरी तरह खाली कराया गया, जबकि एक अन्य मंजिल की जांच की गई ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि कोई अंदर फंसा न हो।

3 लोगों को सुरक्षित निकाला गया

इस हादसे में राहत की बात यह रही कि 3 लोगों को समय रहते सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। रेस्क्यू टीम ने जोखिम उठाते हुए आग के बीच से लोगों को बाहर निकाला। हालांकि, कई लोग धुएं और आग की चपेट में आ गए, जिससे उनकी जान नहीं बचाई जा सकी।

यह मकान मनोज पुगालिया का बताया जा रहा है, जो पॉलिमर का व्यवसाय करते थे। घर में व्यवसाय से जुड़ा सामान और केमिकल्स भी रखे हुए थे, जो आग के फैलने का एक बड़ा कारण बन सकते हैं। प्रशासन अब इस बात की भी जांच कर रहा है कि क्या सुरक्षा मानकों का पालन किया गया था या नहीं।

जांच जारी, कारणों की पड़ताल

फिलहाल प्रशासन और पुलिस इस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रहे हैं। आग लगने के सटीक कारणों का पता लगाया जा रहा है। शुरुआती तौर पर चार्जिंग प्वाइंट में स्पार्क को वजह माना जा रहा है, लेकिन अन्य संभावित कारणों की भी जांच की जा रही है।

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