Flying Bus: नितिन गडकरी ने फिर किया फ्लाइंग बस का जिक्र, बोले- 250 लोगों को हवा में ले जाना चाहता हूं

Flying Bus: केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने फ्लाइंग बस का जिक्र करते हुए कहा कि वह 250 लोगों को हवा में ले जाने की योजना पर काम करना चाहते हैं। जानें पूरी खबर।

केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने देश में फ्लाइंग बस शुरू करने की अपनी इच्छा एक बार फिर जाहिर की है। एक कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि वह ऐसा मास रैपिड ट्रांसपोर्ट सिस्टम लाना चाहते हैं, जिसमें बसें हवा में उड़ सकें।

नई दिल्ली: केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने भारत में भविष्य की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को लेकर एक बार फिर फ्लाइंग बस का विचार साझा किया है। एक कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि वह ऐसी मास रैपिड ट्रांसपोर्ट व्यवस्था की कल्पना करते हैं, जिसमें बड़ी संख्या में लोग सड़क पर ट्रैफिक का सामना किए बिना हवा के रास्ते एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंच सकें। गडकरी के मुताबिक, तकनीकी नवाचार और रिसर्च के जरिए परिवहन के मौजूदा तरीकों में बड़े बदलाव संभव हैं।

गडकरी ने अपने संबोधन में भविष्य की परिवहन व्यवस्था का उदाहरण देते हुए कहा कि वह ऐसी बस चाहते हैं, जिसमें करीब 250 लोग हवा के रास्ते यात्रा कर सकें। उन्होंने यह भी कल्पना रखी कि लोग किसी इमारत की छत से उड़ान भरकर दूसरे स्थान तक पहुंच सकें और इस तरह सड़क पर लगने वाले जाम से बचा जा सके।

ट्रैफिक जाम से निपटने पर फोकस

भारत के बड़े शहरों में बढ़ते ट्रैफिक दबाव को देखते हुए सार्वजनिक परिवहन के नए विकल्पों पर लगातार चर्चा होती रही है। नितिन गडकरी भी कई मौकों पर रोपवे, केबल कार और अन्य वैकल्पिक परिवहन प्रणालियों को बढ़ावा देने की बात कर चुके हैं। फ्लाइंग बस का विचार भी इसी व्यापक सोच का हिस्सा बताया जा रहा है। इसका उद्देश्य ऐसी परिवहन व्यवस्था की कल्पना करना है, जिसमें सड़क नेटवर्क पर निर्भरता कम हो और यात्रियों को भीड़भाड़ वाले इलाकों में तेज कनेक्टिविटी मिल सके।

हालांकि, फिलहाल फ्लाइंग बस को भारत में शुरू करने की कोई निश्चित परियोजना, समयसीमा या संचालन योजना घोषित नहीं की गई है। गडकरी का बयान मुख्य रूप से भविष्य की परिवहन तकनीक को लेकर उनकी परिकल्पना के तौर पर सामने आया है। इसलिए इसे मौजूदा समय में तैयार या जल्द शुरू होने वाली सार्वजनिक परिवहन सेवा के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।

तकनीक बदल सकती है परिवहन का तरीका

गडकरी ने अपने संबोधन में तकनीकी विकास की भूमिका पर जोर देते हुए कहा कि रिसर्च और इनोवेशन के कारण दुनिया में लगातार बदलाव हो रहे हैं। परिवहन क्षेत्र में भी इलेक्ट्रिक वाहनों, स्वचालित प्रणालियों, रोपवे, केबल कार और एयर मोबिलिटी जैसी तकनीकों पर दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में काम चल रहा है।

इसी संदर्भ में फ्लाइंग बस की अवधारणा को भविष्य के बड़े पैमाने वाले परिवहन विकल्प के रूप में देखा जा सकता है। यदि कभी इस तरह की तकनीक व्यावहारिक रूप लेती है, तो इसके लिए सुरक्षा, ऊर्जा, यात्री क्षमता, एयर ट्रैफिक मैनेजमेंट और बुनियादी ढांचे से जुड़े कई तकनीकी मानकों को पूरा करना होगा।

क्या दुनिया में कहीं चलती है फ्लाइंग बस?

मौजूदा जानकारी के अनुसार, 250 यात्रियों को लेकर नियमित रूप से हवा में उड़ने वाली फ्लाइंग बस जैसी सार्वजनिक परिवहन सेवा अभी किसी देश में सामान्य संचालन का हिस्सा नहीं है। हालांकि, दुनिया के कई देशों में शहरी परिवहन को बेहतर बनाने के लिए जमीन से ऊपर चलने वाली या ऊर्ध्वाधर परिवहन तकनीकों का इस्तेमाल किया जाता है।

जापान में ऊंची इमारतों के लिए हाई-स्पीड एलिवेटर सिस्टम का व्यापक इस्तेमाल होता है। इसके अलावा दक्षिण कोरिया, सिंगापुर, संयुक्त अरब अमीरात और अमेरिका जैसे देशों में भी आधुनिक शहरी परिवहन तकनीकों और ऊर्ध्वाधर परिवहन प्रणालियों पर लगातार काम किया जा रहा है। दूसरी ओर, एयर टैक्सी और इलेक्ट्रिक वर्टिकल टेक-ऑफ एंड लैंडिंग यानी eVTOL जैसे विकल्पों को भी भविष्य के शहरी परिवहन के लिए विकसित किया जा रहा है। हालांकि, इन तकनीकों और गडकरी द्वारा बताई गई 250 यात्रियों वाली फ्लाइंग बस की अवधारणा को एक ही तकनीक नहीं माना जाना चाहिए।

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