उत्तराखंड में एक सितंबर से चल रहा मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण पूरा हो गया है। एकत्र डेटा फ्रीज कर दिया गया है। जिला स्तर पर मिलान के बाद नई मतदाता सूची का प्रकाशन 3 अक्टूबर को किया जाएगा।
देहरादून: उत्तराखंड में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) का काम पूरा हो गया है। इस दौरान एकत्र किए गए डेटा को फ्रीज कर दिया गया है। अब अगले तीन दिनों में जिलों से प्राप्त जानकारी के आधार पर मतदाता सूची को अंतिम रूप दिया जाएगा और 3 अक्टूबर को इसका प्रकाशन किया जाएगा।
एक सितंबर से शुरू हुआ था SIR
उत्तराखंड में विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया एक सितंबर से शुरू हुई थी। इसके तहत पूरी मतदाता सूची का गहन निरीक्षण किया गया और सभी मतदाताओं के नामों का वर्ष 2003 की मतदाता सूची से मिलान किया गया। जांच के दौरान किसी तरह की त्रुटि या शिकायत मिलने पर संबंधित मतदाताओं को नोटिस जारी किए गए।

पुनरीक्षण के दौरान मतदाता सूची में दर्ज नामों को लेकर आपत्तियां भी आमंत्रित की गईं। इसके साथ ही मतदाताओं को अपना पता बदलने की सुविधा भी दी गई। प्रक्रिया के अंतिम चरण में फोटो सिमिलर एंट्री (PSA) और डाटा सिमिलर एंट्री (DSA) की जांच भी बीएलओ एप के माध्यम से की गई।
दो राज्यों की मतदाता सूची में शामिल नामों की भी जांच
PSA और DSA प्रक्रिया के दौरान ऐसे मतदाताओं को चिह्नित किया गया, जिनके नाम उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड दोनों राज्यों की मतदाता सूची में दर्ज थे। ऐसे लोगों से यह भी पूछा गया कि वे किस राज्य की मतदाता सूची में अपना नाम दर्ज रखना चाहते हैं।
यह पूरी प्रक्रिया सोमवार रात को पूरी कर ली गई। इसके बाद अब जिला स्तर पर मतदाता सूची का मिलान किया जा रहा है। जिलों से जानकारी लेने के बाद मतदाता सूची को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
3 अक्टूबर को होगा मतदाता सूची का प्रकाशन
अभी एकत्र किए गए सभी डेटा को फ्रीज कर दिया गया है। अगले तीन दिनों में जिला स्तर पर मतदाता सूची के मिलान का काम पूरा किया जाएगा। इसके बाद अंतिम सूची को मुख्य राज्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय भेजा जाएगा। निर्धारित प्रक्रिया पूरी होने के बाद 3 अक्टूबर को उत्तराखंड की नई मतदाता सूची का प्रकाशन किया जाएगा।











