SIR और UGC के नए नियमों पर BJP की बैठक में चर्चा, नितिन नवीन ने संगठन को दिए कई निर्देश

BJP Meeting: SIR और UGC के नए नियमों को लेकर भाजपा की अहम बैठक में चर्चा हुई। राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने नए प्रभारियों और सह-प्रभारियों को संगठन मजबूत करने

एसआईआर, चंदा चोरी के आरोपों और यूजीसी के नए नियमों को लेकर आगामी विधानसभा चुनावों में भाजपा की संभावित चुनौतियों पर पार्टी की आंतरिक बैठक में चर्चा हुई। 

नई दिल्ली: भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने मंगलवार को नई दिल्ली स्थित पार्टी मुख्यालय में नवनियुक्त राज्य प्रभारियों और सह-प्रभारियों के साथ बैठक की। संगठन में हालिया फेरबदल के बाद यह उनकी पहली सामूहिक बैठक थी। करीब चार घंटे चली इस बैठक में आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारियों, संगठन की स्थिति और राज्यों में सामने आ रही राजनीतिक चुनौतियों पर चर्चा हुई।

बैठक में चुनावी राज्यों से जुड़े प्रभारियों ने अपने-अपने क्षेत्रों की स्थिति और स्थानीय स्तर पर सामने आ रही चिंताओं की जानकारी केंद्रीय नेतृत्व के सामने रखी। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR, विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) के नए नियमों और कुछ अन्य स्थानीय मुद्दों को लेकर भी चर्चा हुई। इन मुद्दों को लेकर अलग-अलग राज्यों में राजनीतिक बहस जारी है।

SIR को लेकर पार्टी के अंदर चर्चा

बैठक में उत्तर प्रदेश, पंजाब, गोवा और मणिपुर जैसे चुनावी राज्यों से जुड़े नेताओं ने SIR को लेकर अपनी चिंताएं साझा कीं। रिपोर्टों के मुताबिक, कुछ प्रभारियों का मानना था कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया आने वाले चुनावों में महत्वपूर्ण राजनीतिक मुद्दा बन सकती है। SIR को लेकर विपक्षी दलों और चुनाव आयोग के बीच भी सार्वजनिक बहस चल रही है। 

चुनाव आयोग ने हाल में प्रक्रिया से जुड़े फैसलों पर स्पष्टीकरण दिया है, जबकि विपक्षी दलों ने इसकी प्रक्रिया को लेकर अलग-अलग आपत्तियां उठाई हैं। इसलिए इस मुद्दे पर राजनीतिक दलों की रणनीति आने वाले दिनों में महत्वपूर्ण रह सकती है।

UGC के नियमों पर भी जताई गई चिंता

बैठक में कुछ उत्तर भारतीय राज्यों के प्रभारियों ने UGC के नए नियमों से जुड़े संभावित राजनीतिक प्रभावों पर भी चर्चा की। UGC की आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार, वर्ष 2026 में उच्च शिक्षा संस्थानों से संबंधित नए विनियम जारी किए गए हैं। इनमें उच्च शिक्षा संस्थानों में समानता को बढ़ावा देने से जुड़े नियम भी शामिल हैं।

बैठक में मौजूद नेताओं ने इन विषयों पर समय रहते संगठनात्मक और राजनीतिक स्तर पर प्रतिक्रिया तैयार करने की जरूरत बताई। इसके अलावा राज्यों में स्थानीय स्तर पर उठ रहे अन्य मुद्दों की जानकारी भी केंद्रीय नेतृत्व के साथ साझा की गई।

गलत सूचनाओं का तथ्यात्मक जवाब देने पर जोर

रिपोर्टों के अनुसार, नितिन नवीन ने पार्टी नेताओं से कहा कि राजनीतिक और संगठनात्मक मुद्दों पर फैलने वाली गलत या भ्रामक सूचनाओं का जवाब तथ्यों के आधार पर दिया जाना चाहिए। SIR को लेकर चुनाव आयोग की ओर से जारी स्पष्टीकरण को भी जनता तक पहुंचाने की बात कही गई। उन्होंने चुनावी राज्यों में अंदरूनी मतभेद, गुटबाजी और संगठनात्मक खींचतान को नियंत्रित करने पर भी जोर दिया। पार्टी अध्यक्ष ने प्रभारियों से राज्यों में नियमित दौरे करने और जमीनी कार्यकर्ताओं के साथ संवाद बढ़ाने को कहा।

योगी-मोदी संबंधों पर नितिन नवीन का बयान

बैठक के दौरान उत्तर प्रदेश और दिल्ली के बीच कथित दूरी को लेकर सामने आने वाली खबरों का मुद्दा भी उठा। रिपोर्ट के अनुसार, नितिन नवीन ने ऐसी खबरों को भ्रामक बताते हुए कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पूरा समर्थन प्राप्त है। हाल के दिनों में योगी आदित्यनाथ और प्रधानमंत्री मोदी की मुलाकात भी हुई है। प्रधानमंत्री कार्यालय ने 26 सितंबर को दोनों नेताओं की बैठक की पुष्टि की थी।

यह बयान ऐसे समय आया है जब उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर भाजपा संगठन की तैयारियां तेज कर रही है। पार्टी ने हाल ही में राज्य स्तर पर संगठनात्मक गतिविधियों और चुनावी तैयारियों की समीक्षा भी की है।

बिहार के लिए अलग रणनीति का सुझाव

बैठक में बिहार को लेकर भी अलग रणनीति पर चर्चा हुई। रिपोर्ट के मुताबिक, बिहार के प्रभारी हरीश द्विवेदी को राज्य की सामाजिक और राजनीतिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए संगठनात्मक रणनीति तैयार करने की सलाह दी गई। इसके साथ ही नितिन नवीन ने प्रभारियों से युवाओं के साथ सीधे संवाद को प्राथमिकता देने को कहा। उन्हें अलग-अलग क्षेत्रों का दौरा कर युवाओं की अपेक्षाओं और स्थानीय मुद्दों की जानकारी लेने तथा उसे राज्य नेतृत्व और केंद्रीय संगठन तक पहुंचाने के निर्देश दिए गए।

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