सेमीकंडक्टर उपकरण बनाने वाली ASML ने भारत में अपना ऑपरेशन शुरू कर दिया है। कंपनी शुरुआत में 20-30 युवा इंजीनियरिंग ग्रेजुएट्स को नियुक्त करने की योजना बना रही है। इसका जुड़ाव Tata Electronics के Dholera Fab से है।
Tech: एडवांस्ड सेमीकंडक्टर निर्माण में इस्तेमाल होने वाली लिथोग्राफी तकनीक की प्रमुख कंपनी ASML ने भारत में अपना ऑपरेशन शुरू कर दिया है। कंपनी शुरुआत में 20-30 युवा इंजीनियरिंग ग्रेजुएट्स की भर्ती की योजना बना रही है। ASML की भारत में मौजूदगी Tata Electronics के गुजरात के धोलेरा में बन रहे 300 mm सेमीकंडक्टर फैब से भी जुड़ी है।
ASML ने भारत में शुरू किया कामकाज
डच कंपनी ASML ने भारत में अपने ऑपरेशंस शुरू करने की जानकारी दी है। SEMICON India 2026 के दौरान कंपनी के एग्जीक्यूटिव वाइस प्रेसिडेंट और हेड ऑफ कस्टमर सपोर्ट Lin Kiat Yap ने बताया कि शुरुआती चरण में कंपनी 20-30 लोगों से शुरुआत करने की योजना बना रही है। भारत में ASML के विस्तार की रफ्तार Tata Electronics के चिप प्लांट और देश के बढ़ते सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम की प्रगति से भी जुड़ी होगी।

ASML सेमीकंडक्टर उद्योग के लिए हाई-प्रिसिजन लिथोग्राफी उपकरण उपलब्ध कराती है। लिथोग्राफी चिप निर्माण की एक महत्वपूर्ण प्रक्रिया है, जिसमें सर्किट पैटर्न को वेफर पर ट्रांसफर किया जाता है। भारत सरकार के अनुसार, ASML हाई-प्रिसिजन लिथोग्राफी उपकरणों की प्रमुख वैश्विक आपूर्तिकर्ता है।
Tata Electronics के Dholera Fab से जुड़ी साझेदारी
ASML और Tata Electronics ने मई 2026 में रणनीतिक साझेदारी की घोषणा की थी। इस समझौते के तहत ASML गुजरात के धोलेरा में Tata Electronics के आगामी 300 mm सेमीकंडक्टर फैब को अपनी एडवांस्ड लिथोग्राफी टूल्स और सॉल्यूशंस उपलब्ध कराएगी।
दोनों कंपनियां स्थानीय प्रतिभाओं को तैयार करने, लिथोग्राफी से जुड़ी विशेषज्ञता विकसित करने और सप्लाई चेन को मजबूत करने के लिए भी सहयोग करेंगी। साथ ही, भारत में सेमीकंडक्टर निर्माण के लिए जरूरी रिसर्च एवं डेवलपमेंट इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने पर भी काम किया जाएगा।
Tata Electronics के अनुसार, धोलेरा में विकसित किया जा रहा फैब भारत का पहला कमर्शियल 300 mm सेमीकंडक्टर फैब होगा। कंपनी ने इस परियोजना के लिए कुल 11 अरब डॉलर के निवेश की योजना बताई है। यहां ऑटोमोटिव, मोबाइल डिवाइस, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और अन्य क्षेत्रों के लिए सेमीकंडक्टर बनाए जाने हैं।
एडवांस्ड चिप निर्माण में ASML की भूमिका क्यों अहम?
ASML की खासियत उसकी लिथोग्राफी तकनीक में है। कंपनी के उपकरण दुनिया के सबसे उन्नत सेमीकंडक्टर निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। विशेष रूप से EUV यानी Extreme Ultraviolet लिथोग्राफी सिस्टम एडवांस्ड चिप निर्माण के लिए महत्वपूर्ण हैं। ASML को EUV लिथोग्राफी उपकरणों की एकमात्र निर्माता कंपनी के रूप में रिपोर्ट किया गया है।
भारत में ASML का ऑपरेशन शुरू होना ऐसे समय में हुआ है जब देश सेमीकंडक्टर निर्माण के लिए स्थानीय मैन्युफैक्चरिंग क्षमता और विशेषज्ञ प्रतिभा विकसित करने पर जोर दे रहा है। Tata Electronics की धोलेरा परियोजना के साथ ASML की साझेदारी इसी निर्माण और तकनीकी इकोसिस्टम का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।










