असम राइफल्स और श्रीभूमि पुलिस ने बदरपुर में संयुक्त अभियान के दौरान करीब 14,000 याबा टैबलेट जब्त कीं। अधिकारियों के अनुसार, इनकी अनुमानित कीमत 2.5 करोड़ रुपये है। कार्रवाई में पांच लोगों को हिरासत में लेकर दो वाहन और पांच मोबाइल भी जब्त किए गए।।
अगरतला: असम राइफल्स और श्रीभूमि पुलिस की संयुक्त टीम ने नशीले पदार्थों की तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए श्रीभूमि जिले के बदरपुर क्षेत्र से करीब 14,000 याबा टैबलेट जब्त की हैं। अधिकारियों के अनुसार, बरामद नशीले पदार्थों का कुल वजन लगभग 1.4 किलोग्राम है और अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी अनुमानित कीमत करीब 2.5 करोड़ रुपये बताई गई है।
संयुक्त अभियान के दौरान सुरक्षा बलों ने कथित तस्करी नेटवर्क से जुड़े पांच लोगों को हिरासत में लिया। टीम ने दो वाहनों और पांच मोबाइल फोन भी जब्त किए हैं। जब्त वाहनों में महिंद्रा एसयूवी 300 और ऑल्टो शामिल हैं। हिरासत में लिए गए लोगों तथा जब्त सामग्री को आगे की कानूनी कार्रवाई और जांच के लिए श्रीभूमि पुलिस को सौंप दिया गया है।
बदरपुर में संयुक्त अभियान
असम राइफल्स और श्रीभूमि पुलिस ने नशीली दवाओं की तस्करी के खिलाफ यह अभियान बदरपुर के सामान्य क्षेत्र में चलाया। अधिकारियों के अनुसार, संयुक्त टीम को क्षेत्र में याबा टैबलेट की कथित तस्करी से जुड़ी गतिविधियों के बारे में जानकारी मिली थी।
इसके बाद सुरक्षा बलों और पुलिस ने समन्वित कार्रवाई करते हुए संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी और अभियान के दौरान करीब 14,000 याबा टैबलेट बरामद कीं।
याबा एक सिंथेटिक ड्रग है, जिसमें आमतौर पर मेथामफेटामाइन और कैफीन जैसे पदार्थ पाए जाते हैं। दक्षिण और दक्षिण-पूर्व एशिया के कुछ हिस्सों में इसकी अवैध तस्करी लंबे समय से सुरक्षा और कानून-व्यवस्था के लिए चुनौती रही है।
2.5 करोड़ रुपये की याबा टैबलेट बरामद
अधिकारियों के मुताबिक, जब्त की गई याबा टैबलेट का कुल वजन लगभग 1.4 किलोग्राम है। इसकी अनुमानित बाजार कीमत करीब 2.5 करोड़ रुपये बताई गई है।
इतनी बड़ी मात्रा में नशीले पदार्थ की बरामदगी को क्षेत्र में सक्रिय अवैध ड्रग सप्लाई नेटवर्क के खिलाफ महत्वपूर्ण कार्रवाई माना जा रहा है। हालांकि, जब्त पदार्थ की अंतिम प्रकृति, उसकी शुद्धता और कीमत से संबंधित विवरण जांच के दौरान आधिकारिक रूप से और स्पष्ट हो सकते हैं।
पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश करेगी कि नशीले पदार्थों की खेप कहां से लाई गई थी, इसे कहां पहुंचाया जाना था और इस नेटवर्क से कितने अन्य लोग जुड़े हो सकते हैं।
पांच संदिग्ध हिरासत में
संयुक्त अभियान में पांच लोगों को हिरासत में लिया गया है। अधिकारियों के मुताबिक, इन लोगों का संबंध कथित तौर पर नशीले पदार्थों की तस्करी से हो सकता है।
सुरक्षा बलों ने हिरासत में लिए गए लोगों के पास से या अभियान से जुड़े दो वाहनों को भी जब्त किया। इनमें एक महिंद्रा एसयूवी 300 और एक ऑल्टो शामिल हैं।
इसके अलावा पांच मोबाइल हैंडसेट भी बरामद किए गए हैं। जांच एजेंसियां इन मोबाइल उपकरणों की जांच कर यह पता लगाने का प्रयास कर सकती हैं कि इनके जरिए कथित तस्करी नेटवर्क के अन्य सदस्यों से संपर्क किया गया था या नहीं।
हिरासत में लिए गए सभी लोगों को जब्त नशीले पदार्थों, वाहनों और मोबाइल फोन के साथ आगे की कानूनी प्रक्रिया के लिए श्रीभूमि पुलिस को सौंप दिया गया है।
पुलिस करेगी आगे की जांच
असम राइफल्स के अभियान के बाद मामले की विस्तृत जांच अब श्रीभूमि पुलिस के स्तर पर आगे बढ़ेगी। जांच में बरामद याबा की सप्लाई चेन, संभावित स्रोत और गंतव्य का पता लगाने पर ध्यान दिया जाएगा।
पुलिस यह भी जांच कर सकती है कि जब्त किए गए मोबाइल फोन और वाहनों का कथित तस्करी गतिविधियों में किस तरह इस्तेमाल हुआ।
मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जांच के दौरान सामने आने वाले साक्ष्यों और संबंधित कानूनों के तहत की जाएगी। हिरासत में लिए गए लोगों के खिलाफ आरोपों का अंतिम निर्धारण जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद होगा।
पूर्वोत्तर में ड्रग तस्करी बड़ी चुनौती
भारत के पूर्वोत्तर क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति इसे अंतरराष्ट्रीय और अंतरराज्यीय तस्करी नेटवर्क के लिए संवेदनशील बनाती है। मादक पदार्थों की अवैध आवाजाही को रोकने के लिए केंद्रीय सुरक्षा बलों और राज्य पुलिस के बीच समन्वय को महत्वपूर्ण माना जाता है।
असम और आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा एजेंसियां समय-समय पर नशीले पदार्थों की तस्करी के खिलाफ अभियान चलाती रही हैं। याबा टैबलेट की बरामदगी ऐसे अभियानों में विशेष रूप से महत्वपूर्ण है, क्योंकि सिंथेटिक ड्रग्स का अवैध कारोबार युवाओं और अन्य संवेदनशील समूहों के लिए गंभीर सामाजिक चुनौती पैदा कर सकता है।
बदरपुर में हुई यह कार्रवाई भी इसी व्यापक प्रयास का हिस्सा है। सुरक्षा एजेंसियों का उद्देश्य केवल एक खेप को जब्त करना नहीं, बल्कि उससे जुड़े पूरे नेटवर्क की पहचान करना और उसकी सप्लाई चेन को बाधित करना है।
संयुक्त कार्रवाई पर जोर
इस अभियान ने सुरक्षा बलों और स्थानीय पुलिस के बीच समन्वय की भूमिका को भी रेखांकित किया है। असम राइफल्स और श्रीभूमि पुलिस ने संयुक्त रूप से अभियान चलाकर नशीले पदार्थों की एक बड़ी खेप बरामद की और पांच संदिग्धों को हिरासत में लिया।
अधिकारियों का मानना है कि ऐसे संयुक्त अभियान अवैध ड्रग नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई को अधिक प्रभावी बना सकते हैं। सुरक्षा बलों के पास क्षेत्रीय निगरानी और अभियान संबंधी क्षमताएं हैं, जबकि स्थानीय पुलिस आगे की जांच और कानूनी प्रक्रिया को संभालती है।
असम राइफल्स और नागरिक पुलिस ने क्षेत्र में नशीले पदार्थों की तस्करी रोकने के लिए संयुक्त अभियानों को मजबूत करने की प्रतिबद्धता दोहराई है। अधिकारियों के अनुसार, खास तौर पर कमजोर और संवेदनशील समुदायों के बीच नशीले पदार्थों के प्रसार को रोकना प्राथमिकता है।
आगे की कार्रवाई पर नजर
बदरपुर में बरामद करीब 14,000 याबा टैबलेट और अन्य जब्ती के बाद जांच एजेंसियों के सामने अब इस कथित तस्करी नेटवर्क की पूरी कड़ी का पता लगाने की चुनौती है।
पांच हिरासत में लिए गए लोगों से पूछताछ और जब्त मोबाइल फोन की जांच से कथित नेटवर्क के अन्य सदस्यों, सप्लाई के स्रोत और संभावित गंतव्य के बारे में जानकारी मिलने की उम्मीद है।
फिलहाल, जब्त नशीले पदार्थ, दोनों वाहन और पांच मोबाइल हैंडसेट पुलिस के कब्जे में हैं। मामले में आगे की कार्रवाई श्रीभूमि पुलिस की जांच और कानूनी प्रक्रिया के आधार पर होगी।
बदरपुर में हुई यह बरामदगी पूर्वोत्तर भारत में मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ सुरक्षा एजेंसियों की कार्रवाई का एक महत्वपूर्ण उदाहरण है। हालांकि, इस मामले में आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच और अदालत की प्रक्रिया के बाद ही होगी।










