आजमगढ़ में किसानों के लिए 90 दिन की फ्री मधुमक्खी पालन ट्रेनिंग, 16 सितंबर तक आवेदन

आजमगढ़ में किसानों के लिए 16 सितंबर से 15 दिसंबर तक 90 दिन की मुफ्त मधुमक्खी पालन ट्रेनिंग होगी। आठवीं पास अभ्यर्थी 16 सितंबर तक आवेदन कर सकते हैं।

आजमगढ़ में उद्यान विभाग 16 सितंबर से 15 दिसंबर तक 90 दिवसीय नि:शुल्क वैज्ञानिक मधुमक्खी पालन प्रशिक्षण देगा। कार्यक्रम बस्ती और प्रयागराज में होगा, जिसमें आठवीं पास पुरुष और महिला किसान आवेदन कर सकेंगे।

आजमगढ़: किसानों की आय बढ़ाने और पर्यावरण संतुलन को बढ़ावा देने के लिए उद्यान विभाग 90 दिवसीय वैज्ञानिक मधुमक्खी पालन प्रशिक्षण आयोजित करेगा। प्रशिक्षण 16 सितंबर से 15 दिसंबर तक बस्ती और प्रयागराज के निर्धारित केंद्रों पर होगा। इसमें सभी वर्गों के पुरुष और महिला किसान या अभ्यर्थी हिस्सा ले सकेंगे। आवेदन के लिए न्यूनतम योग्यता आठवीं पास रखी गई है।

16 सितंबर से शुरू होगा 90 दिवसीय प्रशिक्षण

उद्यान विभाग किसानों को मधुमक्खी पालन से जोड़ने के लिए तीन महीने यानी 90 दिन का नि:शुल्क वैज्ञानिक प्रशिक्षण आयोजित करेगा। विभाग का उद्देश्य कम भूमि और कम पूंजी में अतिरिक्त आय देने वाले इस अनुपूरक उद्यम को बढ़ावा देना है। इसके जरिए किसानों को खेती के साथ आमदनी का एक और साधन उपलब्ध कराने की पहल की जा रही है।

आजमगढ़ में किसानों के लिए 90 दिन की फ्री मधुमक्खी पालन ट्रेनिंग, 16 सितंबर तक आवेदन

प्रशिक्षण कार्यक्रम 16 सितंबर से 15 दिसंबर तक चलेगा। इसके लिए औद्यानिक प्रयोग एवं प्रशिक्षण केंद्र, बस्ती और राजकीय उद्यान चंद्रशेखर पार्क, प्रयागराज में प्रशिक्षण की व्यवस्था की गई है।

पुरुष और महिला किसान ले सकेंगे हिस्सा

उप निदेशक/प्रभारी जिला उद्यान अधिकारी जयकरण सिंह के अनुसार, इस प्रशिक्षण में सभी वर्गों के पुरुष और महिला किसान तथा अन्य पात्र अभ्यर्थी शामिल हो सकते हैं। प्रशिक्षण के लिए न्यूनतम शैक्षिक योग्यता आठवीं पास निर्धारित की गई है।

मधुमक्खी पालन को कम भूमि और कम पूंजी में आय का अवसर देने वाले अनुपूरक उद्यम के रूप में देखा जा रहा है। विभाग की इस पहल का उद्देश्य किसानों को इसकी वैज्ञानिक तकनीक से परिचित कराना और इसे आय बढ़ाने के विकल्प के रूप में अपनाने के लिए प्रोत्साहित करना है।

16 सितंबर तक करना होगा आवेदन

इच्छुक किसान और अभ्यर्थी 16 सितंबर तक संबंधित प्रशिक्षण केंद्रों से निर्धारित आवेदन पत्र प्राप्त कर आवेदन कर सकते हैं। आवेदन के साथ दो संभ्रांत व्यक्तियों या राजपत्रित अधिकारी द्वारा जारी चरित्र प्रमाण पत्र संलग्न करना अनिवार्य होगा।

प्रशिक्षण पूरी तरह नि:शुल्क रहेगा। हालांकि, इसमें शामिल होने वाले प्रतिभागियों को अपने रहने और खाने की व्यवस्था खुद करनी होगी। यानी प्रशिक्षण के लिए कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा, लेकिन आवास और भोजन से संबंधित व्यवस्था प्रतिभागियों को स्वयं करनी होगी।

उद्यान विभाग के अनुसार, मधुमक्खी पालन को बढ़ावा देने से किसानों की आय बढ़ाने के साथ पर्यावरण संतुलन को भी प्रोत्साहन मिलेगा। इसी उद्देश्य से किसानों और अभ्यर्थियों को इस 90 दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में शामिल होने का अवसर दिया जा रहा है।

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