बाबर आजम ने कहा कि मोहम्मद रिजवान, सलमान आगा समेत सात खिलाड़ियों को टीम से हटाने के फैसले में उनकी कोई भूमिका नहीं थी। उन्होंने इमाम-उल-हक और रिजवान की जांच से भी अनजान होने की बात कही।
स्पोर्ट्स न्यूज़: पाकिस्तान टेस्ट टीम के कप्तान बाबर आजम ने इंग्लैंड दौरे के दौरान मोहम्मद रिजवान, सलमान आगा समेत सात खिलाड़ियों को टीम से बाहर किए जाने के फैसले पर पहली बार प्रतिक्रिया दी है। बाबर ने साफ कहा कि खिलाड़ियों को टीम से हटाने के फैसले में उनकी कोई भूमिका नहीं थी और उन्हें भी इसकी जानकारी बाद में मिली।
बाबर आजम ने मंगलवार को एजबेस्टन टेस्ट से पहले प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस मामले पर बात की। उनसे जब पूछा गया कि क्या वह खिलाड़ियों को टीम से बाहर करने के फैसले में शामिल थे, तो उन्होंने इससे इनकार किया। बाबर के मुताबिक, यह पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड यानी PCB का फैसला था और इस बारे में बोर्ड ही बेहतर जानकारी दे सकता है।
बाबर बोले- फैसला PCB का था
इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज में पाकिस्तान की टीम पहले ही दो मैच गंवा चुकी है। लगातार दो हार के बाद पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने टीम में बड़े बदलाव किए। सात खिलाड़ियों को टीम से बाहर कर दिया गया, जबकि कोचिंग स्टाफ में भी परिवर्तन किया गया।
बाबर ने कहा कि उन्हें भी खिलाड़ियों को हटाने के फैसले के बारे में बाद में पता चला। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह निर्णय PCB का था। इसलिए इस फैसले से जुड़े सवालों का जवाब देने के लिए बोर्ड को ही उचित पक्ष बताया।
उनका बयान ऐसे समय आया है, जब टीम चयन और खिलाड़ियों से जुड़े फैसलों को लेकर पाकिस्तान क्रिकेट में चर्चा तेज है। कप्तान की ओर से खुद को फैसले से अलग किए जाने के बाद यह स्पष्ट है कि टीम से जुड़े इस प्रशासनिक निर्णय की जिम्मेदारी PCB पर है।
रिजवान और इमाम-उल-हक के खिलाफ जांच
खिलाड़ियों को टीम से हटाए जाने के अलावा पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने इमाम-उल-हक और मोहम्मद रिजवान के खिलाफ अनुशासनात्मक जांच भी शुरू की है। पाकिस्तान में सामने आई रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि दूसरे टेस्ट के दौरान इमाम ने पिंडली की चोट को लेकर गलत जानकारी दी थी।
इन रिपोर्ट्स के मुताबिक, PCB अधिकारियों ने दोनों खिलाड़ियों के फोन अपने कब्जे में लिए थे। बताया गया कि लंदन में उनके संपर्कों से जुड़ी जानकारी की जांच के लिए फोन का डेटा ट्रांसफर किया गया। इसके बाद दोनों खिलाड़ियों को पाकिस्तान लौटने के लिए कहा गया।
हालांकि, इन दावों के संबंध में बाबर आजम ने कहा कि उन्हें जांच की जानकारी नहीं है। उनसे यह भी पूछा गया कि क्या वह खिलाड़ियों को वापस भेजने या उनसे जुड़े किसी अन्य फैसले में शामिल थे।
बाबर ने इस सवाल का सीधा जवाब देते हुए कहा कि वह ऐसे किसी फैसले में शामिल नहीं थे। इस तरह कप्तान ने खिलाड़ियों के खिलाफ चल रही जांच और उन्हें स्वदेश भेजने की प्रक्रिया से भी खुद को अलग कर लिया।
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मिस्बाह-उल-हक ने चीफ सिलेक्टर पद से दिया इस्तीफा
खिलाड़ियों को लेकर पैदा हुए विवाद के बीच पाकिस्तान क्रिकेट में एक और बड़ा बदलाव सामने आया। चीफ सिलेक्टर मिस्बाह-उल-हक ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। पाकिस्तान की मीडिया रिपोर्ट्स में कहा गया कि खिलाड़ियों से जुड़े फैसले से पहले मिस्बाह से सलाह नहीं ली गई थी।
मिस्बाह ने लाहौर स्थित नेशनल क्रिकेट अकादमी में बैटिंग सलाहकार की जिम्मेदारी भी छोड़ दी। क्रिकइंफो की रिपोर्ट के अनुसार, उन्होंने ईमेल के जरिए PCB को अपना इस्तीफा भेजा था। हालांकि, बोर्ड ने अब तक उनके इस्तीफे को स्वीकार नहीं किया है।
मिस्बाह-उल-हक ने 2017 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लिया था। इसके बाद 2019 में उन्हें पाकिस्तान क्रिकेट टीम के चीफ सिलेक्टर की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। उनका इस्तीफा ऐसे समय आया, जब टीम चयन और खिलाड़ियों से जुड़े फैसलों को लेकर PCB पर सवाल उठ रहे हैं।
कोचिंग स्टाफ में भी बड़ा बदलाव
इंग्लैंड के खिलाफ लगातार दो टेस्ट हारने के बाद PCB ने कोचिंग स्टाफ में भी बदलाव किया। हेड कोच सरफराज अहमद और बॉलिंग कोच उमर गुल को जिम्मेदारी से हटा दिया गया।
इनकी जगह व्हाइट-बॉल टीम के कोच माइक हेसन और एश्ले नॉफके को जिम्मेदारी सौंपी गई है। यह बदलाव पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड की ओर से टीम के प्रदर्शन को लेकर अपनाए गए सख्त रुख को दर्शाता है।
पाकिस्तान के लिए इंग्लैंड दौरा अब तक निराशाजनक रहा है। दो टेस्ट मैचों में हार के बाद टीम सीरीज में 0-2 से पिछड़ चुकी है। ऐसे में तीसरे टेस्ट में टीम पर दबाव काफी बढ़ गया है।
एजबेस्टन टेस्ट में क्लीन स्वीप से बचने की चुनौती
पाकिस्तान और इंग्लैंड के बीच सीरीज का तीसरा और आखिरी टेस्ट 9 सितंबर से एजबेस्टन में खेला जाएगा। पाकिस्तान इस मैच में 0-2 के अंतर से पीछे है। इसलिए उसके सामने सीरीज में क्लीन स्वीप से बचने की चुनौती होगी।
पहले दो मुकाबलों में मिली हार के बाद पाकिस्तान की टीम को अब अंतिम टेस्ट में बेहतर प्रदर्शन करना होगा। कप्तान बाबर आजम के लिए भी यह मुकाबला महत्वपूर्ण है, क्योंकि टीम के अंदर खिलाड़ियों, चयन और कोचिंग स्टाफ में बदलाव के बीच उन पर नेतृत्व की जिम्मेदारी बनी हुई है।
एजबेस्टन टेस्ट से पहले बाबर का खिलाड़ियों को हटाने के फैसले से खुद को अलग करना पाकिस्तान क्रिकेट में चल रहे प्रशासनिक और टीम प्रबंधन से जुड़े विवाद के बीच महत्वपूर्ण बयान माना जा रहा है। हालांकि, खिलाड़ियों के खिलाफ अनुशासनात्मक जांच और PCB के फैसलों को लेकर अंतिम स्थिति बोर्ड की आधिकारिक कार्रवाई से ही स्पष्ट होगी।
फिलहाल पाकिस्तान के सामने तत्काल चुनौती मैदान पर है। इंग्लैंड के खिलाफ तीसरे टेस्ट में जीत दर्ज कर टीम सीरीज का अंतर कम करने और 0-3 की हार से बचने की कोशिश करेगी। दूसरी ओर, PCB के हालिया फैसलों के बाद टीम के प्रदर्शन पर भी सबकी नजर रहेगी।









