उत्तर प्रदेश के CM योगी आदित्यनाथ ने स्पष्ट कहा कि बाबरी ढांचे का पुनर्निर्माण कभी नहीं होगा। उन्होंने कानून का पालन जरूरी बताया और राम मंदिर के निर्माण को सुरक्षित बताते हुए रामद्रोहियों को चेतावनी दी।
लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बाबरी ढांचे को लेकर साफ शब्दों में कहा है कि इसका पुनर्निर्माण कभी नहीं होगा। उन्होंने चेतावनी दी कि जो लोग बाबरी मस्जिद के ढांचे को दोबारा बनाने का सपना देख रहे हैं, उनके यह सपने कभी पूरे नहीं होंगे। सीएम योगी का यह बयान तब आया है जब बंगाल के मुर्शिदाबाद में बाबरी मस्जिद का निर्माण शुरू होने की खबरें आई हैं और इसके विरोध में हिंदू संगठनों ने लखनऊ से मुर्शिदाबाद कूच का ऐलान किया है।
श्री राम मंदिर में CM का संबोधन
CM योगी आदित्यनाथ मंगलवार को बाराबंकी जिले में श्री राम जानकी मंदिर में आयोजित दशम श्री हनुमान विराट महायज्ञ एवं श्री रामार्चा पूजन में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने संबोधन देते हुए कहा कि उनकी सरकार जो बोलती है, वह करके दिखाती है। उन्होंने दोहराया कि रामलला का मंदिर वहीं बनेगा, जहां वह होना चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि कयामत के दिन तक भी बाबरी ढांचे का पुनर्निर्माण नहीं होगा।
सीएम ने कहा, “जो लोग कयामत के दिन आने का सपना देख रहे हैं, उनके सपने ऐसे ही सड़ जाएँगे। बाबरी ढांचे का पुनर्निर्माण कभी नहीं होगा। हम अपने विरासत और सनातन धर्म की परंपरा का सम्मान करेंगे, जैसा कि प्रधानमंत्री ने 25 नवंबर को अयोध्या धाम में भव्य केसरिया ध्वज का आरोहण कर दिखाया। यह ध्वज हमेशा भारत की गौरवशाली परंपरा को आगे बढ़ाता रहेगा।”
रामद्रोहियों के लिए कोई जगह नहीं
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योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में कहा कि कुछ लोग अवसरवादी रवैया अपनाते हैं और संकट के समय राम को याद करते हैं, लेकिन वास्तविकता में राम को भूल जाते हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि ऐसे रामद्रोही किसी भी तरह की छूट का हकदार नहीं हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि जो लोग बाबरी ढांचे के पुनर्निर्माण का सपना देख रहे हैं, उन्हें यह समझ लेना चाहिए कि उनका सपना कभी पूरा नहीं होगा।
कानून का पालन जरूरी
सीएम योगी ने कानून और व्यवस्था पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि हिंदुस्तान में सभी नागरिकों को कायदे से रहना चाहिए। यदि कोई कानून तोड़ेगा, तो उसका मार्ग सीधे जहन्नुम की ओर जाएगा। उन्होंने साफ किया कि कानून तोड़कर कोई जन्नत जाने का सपना देख रहा है, वह सपना कभी साकार नहीं होगा।
सीएम ने कहा, 'कायदे से रहोगे, तो फायदे में रहोगे। कानून का पालन करना प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है और कोई भी नियम तोड़कर अपने उद्देश्य को हासिल नहीं कर सकता।'
बाबरी विवाद का ऐतिहासिक संदर्भ
बाबरी मस्जिद और राम जन्मभूमि का विवाद भारत के राजनीतिक और सामाजिक इतिहास में लंबे समय से गरम मुद्दा रहा है। 1992 में विवादित ढांचे के विध्वंस के बाद से यह मामला संवेदनशील बना हुआ है। सुप्रीम कोर्ट के 2019 के फैसले के बाद अयोध्या में राम मंदिर निर्माण कार्य शुरू हुआ। CM योगी के बयान का मकसद इस विवाद को लेकर किसी भी तरह की सामाजिक अशांति को रोकना और स्पष्ट संदेश देना है कि कोई गैरकानूनी प्रयास सफल नहीं होगा।









