Badrinath चढ़ावा चोरी के बाद BKTC का बड़ा फैसला, AI Cloud System से होगी धामों की निगरानी

बदरीनाथ में चढ़ावा चोरी के बाद BKTC ने AI Cloud System से धामों की निगरानी का फैसला लिया। CCTV फुटेज अब सुरक्षित रखी जाएगी।

बदरीनाथ धाम में चढ़ावा चोरी की घटना के बाद बदरी-केदार मंदिर समिति (BKTC) ने सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने का फैसला लिया है। धामों को AI Cloud Storage System से जोड़कर CCTV फुटेज सुरक्षित रखने और दूर से निगरानी की तैयारी की जा रही है।

चमोली: Badrinath Temple Security को मजबूत करने के लिए बदरी-केदार मंदिर समिति (BKTC) ने बड़ा कदम उठाया है। चढ़ावा चोरी की घटना के बाद समिति ने बदरीनाथ और केदारनाथ समेत प्रमुख मंदिरों को AI Cloud Storage System से जोड़ने की योजना बनाई है, जिससे CCTV फुटेज सुरक्षित रहेगी और कहीं से भी निगरानी की जा सकेगी।

चढ़ावा चोरी के बाद सुरक्षा व्यवस्था होगी हाईटेक

बदरीनाथ धाम में चढ़ावा चोरी की घटना के बाद बदरी-केदार मंदिर समिति (BKTC) ने सुरक्षा व्यवस्था को आधुनिक बनाने की दिशा में काम शुरू कर दिया है। समिति अब मंदिरों की निगरानी के लिए AI Cloud Satellite Storage System लागू करने की तैयारी कर रही है। इस नई व्यवस्था का उद्देश्य CCTV फुटेज को लंबे समय तक सुरक्षित रखना और निगरानी व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाना है।

Badrinath चढ़ावा चोरी के बाद BKTC का बड़ा फैसला, AI Cloud System से होगी धामों की निगरानी

समिति का मानना है कि नई तकनीक लागू होने से सुरक्षा से जुड़े मामलों की जांच आसान होगी और रिकॉर्ड सुरक्षित रहेगा।

SIT जांच में सामने आई स्टोरेज की कमी

चढ़ावा चोरी मामले की जांच कर रही विशेष जांच टीम (SIT) को CCTV कैमरों की केवल 13 दिनों की फुटेज ही उपलब्ध हो सकी। जबकि पहले दावा किया गया था कि कैमरों में लगभग 45 दिनों की रिकॉर्डिंग सुरक्षित रहती है। जांच के दौरान सामने आई इस कमी के बाद समिति ने मौजूदा निगरानी प्रणाली की समीक्षा की।

बताया गया कि वर्तमान में लगे अधिकांश कैमरों की स्टोरेज क्षमता सीमित है, जिसके कारण पुराने रिकॉर्ड लंबे समय तक सुरक्षित नहीं रह पाते।

AI Cloud System से कहीं से भी होगी निगरानी

नई व्यवस्था लागू होने के बाद BKTC के अधिकारी इंटरनेट के माध्यम से किसी भी स्थान से CCTV कैमरों की लाइव निगरानी और रिकॉर्डिंग देख सकेंगे। Cloud Storage के जरिए फुटेज सुरक्षित रहेगी और जरूरत पड़ने पर लंबे समय बाद भी रिकॉर्ड उपलब्ध कराया जा सकेगा।

समिति का कहना है कि इस तकनीक से मंदिर परिसर, दानपात्र, चढ़ावा गणना केंद्र और समिति कार्यालयों की निगरानी पहले की तुलना में अधिक प्रभावी होगी।

अन्य मंदिरों में भी बढ़ेगी सुरक्षा

फिलहाल बदरीनाथ, केदारनाथ, ज्योतिर्मठ स्थित नृसिंह मंदिर और रुद्रप्रयाग के त्रियुगीनारायण मंदिर में CCTV कैमरे लगे हैं। इसके अलावा BKTC के अधीन आने वाले 47 अन्य मंदिरों में भी चरणबद्ध तरीके से आधुनिक निगरानी व्यवस्था लागू करने की योजना बनाई जा रही है।

समिति के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने कहा कि धामों में दर्शन व्यवस्था के साथ-साथ दानपात्र, चढ़ावा गणना और प्रशासनिक गतिविधियों की पारदर्शिता बढ़ाने के लिए यह कार्ययोजना तैयार की गई है। उनका कहना है कि AI Cloud आधारित निगरानी प्रणाली लागू होने के बाद सुरक्षा व्यवस्था अधिक मजबूत होगी और CCTV रिकॉर्ड पूरी तरह सुरक्षित रहेगा।

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