चीन के सोयाबीन बाजार में ब्राज़ील की बढ़त मजबूत, अमेरिका की हिस्सेदारी घटी; वैश्विक कृषि व्यापार में बदलते समीकरण

चीन के सोयाबीन आयात में ब्राज़ील की हिस्सेदारी बढ़ी, जबकि अमेरिका की आपूर्ति घटी। नए व्यापारिक आंकड़ों ने वैश्विक कृषि व्यापार और चीन-ब्राज़ील संबंधों को मजबूती

चीन के सोयाबीन आयात बाजार में ब्राज़ील की हिस्सेदारी लगातार बढ़ रही है, जबकि अमेरिका की आपूर्ति में गिरावट दर्ज हुई है। नए व्यापारिक आंकड़े वैश्विक कृषि व्यापार, बदलते भू-राजनीतिक समीकरण और चीन-ब्राज़ील के मजबूत आर्थिक संबंधों की ओर संकेत करते हैं।

बीजिंग: वैश्विक कृषि व्यापार में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। चीन के सोयाबीन आयात बाजार में ब्राज़ील की स्थिति लगातार मजबूत होती जा रही है, जबकि अमेरिका की हिस्सेदारी में गिरावट दर्ज की गई है। नवीनतम व्यापारिक आंकड़ों के अनुसार, जून 2026 में चीन ने ब्राज़ील से पिछले वर्ष की तुलना में 13.7 प्रतिशत अधिक सोयाबीन आयात किया, जबकि इसी अवधि में अमेरिका से सोयाबीन आयात 20.6 प्रतिशत घट गया। विशेषज्ञों का मानना है कि यह बदलाव केवल मौसमी मांग का परिणाम नहीं है, बल्कि वैश्विक व्यापार, भू-राजनीतिक तनाव और आपूर्ति श्रृंखला में हो रहे बदलावों का भी असर है।

ट्रंप-शी वार्ता के बावजूद नहीं बदला व्यापारिक रुझान

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच हालिया वार्ता के बाद दोनों देशों के बीच व्यापारिक संबंधों में सुधार की उम्मीद जताई गई थी। हालांकि जून के आयात आंकड़े बताते हैं कि चीन की खरीद रणनीति में तत्काल कोई बड़ा बदलाव नहीं आया।

विशेषज्ञों का कहना है कि जून में चीन पहुंचे अधिकांश सोयाबीन कार्गो की खरीद कई सप्ताह या महीनों पहले की गई थी। इसलिए भविष्य में अमेरिकी निर्यात में कुछ सुधार संभव है, लेकिन फिलहाल ब्राज़ील को स्पष्ट बढ़त मिलती दिखाई दे रही है।

ब्राज़ील-चीन व्यापार ने बनाया नया रिकॉर्ड

ब्राज़ील और चीन के बीच व्यापारिक संबंध लगातार मजबूत हो रहे हैं। वर्ष 2026 की पहली छमाही में चीन को ब्राज़ील का कुल निर्यात 58.3 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंच गया, जो पिछले वर्ष की तुलना में 22 प्रतिशत अधिक है। यह किसी भी वर्ष की पहली छमाही का अब तक का सबसे बड़ा व्यापारिक स्तर माना जा रहा है।

इसके विपरीत, इसी अवधि में अमेरिका को ब्राज़ील का निर्यात 13 प्रतिशत घटकर 17.4 अरब डॉलर रह गया। इससे स्पष्ट होता है कि चीन अब ब्राज़ील का सबसे महत्वपूर्ण व्यापारिक साझेदार बन चुका है।

चीन के साथ व्यापार अधिशेष में बड़ी बढ़ोतरी

व्यापारिक आंकड़ों के अनुसार, ब्राज़ील को चीन के साथ लगभग 19.8 अरब डॉलर का व्यापार अधिशेष (Trade Surplus) प्राप्त हुआ, जो उसके कुल वैश्विक व्यापार अधिशेष का लगभग 47 प्रतिशत है। यह आंकड़ा दर्शाता है कि चीन की मांग ब्राज़ील की अर्थव्यवस्था और निर्यात क्षेत्र के लिए कितनी महत्वपूर्ण हो चुकी है।

अमेरिका ने लगाया 25 प्रतिशत टैरिफ

इसी बीच अमेरिका ने ब्राज़ील के कई उत्पादों पर 25 प्रतिशत आयात शुल्क (टैरिफ) लगाने की पुष्टि की है। यह फैसला व्यापारिक जांच के बाद लिया गया, जिसमें अवैध वनों की कटाई, एथेनॉल बाजार तक पहुंच और ब्राज़ील की डिजिटल भुगतान प्रणाली 'पिक्स' (Pix) जैसे मुद्दों को शामिल किया गया। हालांकि कॉफी, बीफ, संतरे का जूस, तेल एवं गैस तथा एयरोस्पेस से जुड़े कुछ उत्पादों को इस टैरिफ से बाहर रखा गया है। विश्लेषकों का मानना है कि नए शुल्क का सबसे अधिक असर ब्राज़ील के विनिर्माण और औद्योगिक निर्यात पर पड़ सकता है।

चीन के सोयाबीन बाजार में ब्राज़ील की बढ़त मजबूत, अमेरिका की हिस्सेदारी घटी; वैश्विक कृषि व्यापार में बदलते समीकरण

व्यापार वार्ता में चीन भी रहा अहम मुद्दा

ब्राज़ील के विकास, उद्योग एवं व्यापार मंत्रालय के अनुसार, अमेरिका के साथ हुई व्यापार वार्ताओं में चीन भी एक महत्वपूर्ण विषय रहा। अमेरिका ने दुर्लभ खनिज (Rare Earth Elements) और महत्वपूर्ण खनिज संसाधनों के दोहन को लेकर चिंता जताई और सुझाव दिया कि इन संसाधनों तक उन संस्थाओं की पहुंच सीमित की जाए जो बाजार आधारित नियमों के अनुसार काम नहीं करतीं। ब्राज़ील ने इस प्रस्ताव को अस्वीकार करते हुए कहा कि उसके प्राकृतिक संसाधन देश की जनता की संपत्ति हैं और उनके उपयोग का निर्णय राष्ट्रीय हितों के आधार पर होगा।

अमेरिका की अतिरिक्त मांगें

व्यापार वार्ता के दौरान अमेरिका ने औद्योगिक उत्पादों, मशीनरी, रसायनों, ऑटोमोबाइल, एयरोस्पेस उपकरण और एथेनॉल पर शून्य शुल्क (Zero Tariff) लागू करने की मांग भी रखी। इसके अलावा अमेरिका ने डिजिटल प्लेटफॉर्म के नियमन को लेकर भी अपनी चिंताएं व्यक्त कीं। हालांकि इन मुद्दों पर दोनों देशों के बीच अभी अंतिम सहमति नहीं बन सकी है।

सोयाबीन से बढ़ी आय, लेकिन निर्यात मात्रा स्थिर

ब्राज़ील के लिए सोयाबीन अब भी चीन के साथ व्यापार का सबसे बड़ा आधार बना हुआ है। वर्ष 2026 की पहली छमाही में चीन को सोयाबीन निर्यात से ब्राज़ील को 20.2 अरब डॉलर की आय हुई, जो पिछले वर्ष की तुलना में 7 प्रतिशत अधिक है। दिलचस्प बात यह है कि इस दौरान निर्यात की मात्रा लगभग स्थिर रही और केवल 0.2 प्रतिशत की मामूली गिरावट दर्ज की गई। आय में वृद्धि का मुख्य कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोयाबीन की कीमतों में लगभग 7.3 प्रतिशत की बढ़ोतरी रही।

कच्चे तेल और लौह अयस्क की मांग भी बढ़ी

चीन ने ब्राज़ील से कच्चे तेल (Crude Oil) का आयात भी रिकॉर्ड स्तर पर किया। पहली छमाही में तेल निर्यात 62 प्रतिशत बढ़कर 15.1 अरब डॉलर तक पहुंच गया। विशेषज्ञों का मानना है कि मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव और होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में संभावित आपूर्ति बाधाओं की आशंका के कारण चीन ने ब्राज़ील से अधिक तेल खरीदना शुरू किया। इसी तरह लौह अयस्क (Iron Ore) का निर्यात भी रिकॉर्ड 135 मिलियन टन तक पहुंच गया, जिसकी कुल कीमत 9.2 अरब डॉलर रही।

बीफ निर्यात में भी रिकॉर्ड वृद्धि

ब्राज़ील के बीफ निर्यात में भी उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई। पहली छमाही में चीन को बीफ निर्यात 50 प्रतिशत बढ़कर 4.8 अरब डॉलर तक पहुंच गया। विशेषज्ञों के अनुसार, चीन द्वारा निर्धारित आयात कोटा समाप्त होने से पहले निर्यातकों ने बड़ी मात्रा में आपूर्ति पूरी कर ली, जिससे यह रिकॉर्ड वृद्धि दर्ज हुई।

वैश्विक कृषि व्यापार पर प्रभाव

विशेषज्ञों का मानना है कि चीन की आयात रणनीति में बदलाव वैश्विक कृषि बाजार को प्रभावित कर सकता है। यदि ब्राज़ील चीन का प्रमुख आपूर्तिकर्ता बना रहता है, तो अमेरिकी किसानों और कृषि निर्यातकों के लिए प्रतिस्पर्धा और कठिन हो सकती है। साथ ही, अमेरिका, चीन और ब्राज़ील के बीच बदलते व्यापारिक समीकरण वैश्विक खाद्य सुरक्षा, कृषि मूल्य और अंतरराष्ट्रीय व्यापार नीतियों पर भी दीर्घकालिक प्रभाव डाल सकते हैं।

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