बांग्लादेश की राजनीति में ऐतिहासिक मोड़ आ गया है। 20 साल के सत्ता संघर्ष और राजनीतिक उथल-पुथल के बाद, बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) ने पहले आम चुनाव में शानदार जीत हासिल की है।
World News: बांग्लादेश में छात्र आंदोलनों के बाद 5 अगस्त, 2024 को शेख हसीना की अगुआई वाली अवामी लीग सरकार को अपदस्थ किया गया। इसके तुरंत बाद गुरुवार को देश में पहला आम चुनाव आयोजित किया गया। इस चुनाव में हसीना की गैर-मौजूदगी में मतदान हुआ और शुक्रवार को जनता का जनादेश सामने आया। जनता ने दिवंगत खालिदा ज़िया की बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) पर भरोसा जताया।
इस ऐतिहासिक जीत के साथ बीएनपी दो तिहाई बहुमत हासिल कर देश की सत्ता में 20 साल बाद वापसी कर रही है। संभावना है कि खालिदा ज़िया के बेटे, तारिक रहमान, पहली बार प्रधानमंत्री पद संभाल सकते हैं।
तारिक रहमान की राजनीतिक वापसी
60 वर्षीय तारिक रहमान, पूर्व राष्ट्रपति जियाउर रहमान और पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया के पुत्र, दिसंबर 2024 में लंदन से बांग्लादेश लौटे। ढाका-17 और बोगुरा-6 निर्वाचन क्षेत्रों से जीत हासिल करने के बाद उन्होंने बीएनपी की बागडोर संभाली। खालिदा जिया के निधन के तुरंत बाद पार्टी ने घोषणा की थी कि उनकी चुनावी जीत पर तारिक रहमान प्रधानमंत्री बनेंगे।
बीएनपी ने अपने समर्थकों से जीत का जश्न मनाने के बजाय संयम बनाए रखने और नमाज पढ़ने का आग्रह किया। पार्टी ने स्पष्ट किया कि कोई जुलूस या रैली आयोजित नहीं की जाएगी।

चुनाव की पृष्ठभूमि और जनमत
पांच अगस्त, 2024 को छात्रों के नेतृत्व में हुए बड़े विरोध प्रदर्शनों के बाद शेख हसीना की अवामी लीग सरकार को अपदस्थ किया गया था। जुलाई-अगस्त 2024 में हुए विरोध प्रदर्शनों के दौरान देश में राजनीतिक अस्थिरता और सुरक्षा की नाजुक स्थिति देखने को मिली। इस चुनाव के साथ ही 84 सूत्रीय संवैधानिक सुधार पैकेज पर जनमत संग्रह भी कराया गया। लगभग 60 प्रतिशत मतदाताओं ने इस सुधार पैकेज के पक्ष में 'हां' कहा।
बीएनपी और उसके सहयोगी दलों ने 299 संसदीय सीटों में से 212 सीटें जीतकर स्पष्ट बहुमत हासिल किया। पाकिस्तान के निकटस्थ जमात-ए-इस्लामी गठबंधन केवल 77 सीटों पर सिमट गया, जबकि नेशनल सिटीजन पार्टी (एनसीपी) को मात्र छह सीटें मिलीं। अवामी लीग चुनाव में भाग नहीं ले सकी, क्योंकि उस पर चुनाव लड़ने पर प्रतिबंध था।
बीएनपी की यह जीत देश में राजनीतिक स्थिरता और आर्थिक सुधार की नई उम्मीदें जगा रही है। नई सरकार आर्थिक पुनर्निर्माण, निवेश और क्षेत्रीय कूटनीति पर विशेष ध्यान देगी, जिससे भारत-बांग्लादेश संबंधों में भी नई गति आ सकती है।
अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया
बीएनपी और तारिक रहमान की जीत पर भारत, अमेरिका, चीन और पाकिस्तान समेत कई देशों ने बधाई दी है। ढाका में अमेरिकी दूतावास ने भी चुनावी परिणामों को लोकतांत्रिक रूप में स्वागत योग्य बताया। जमात-ए-इस्लामी और एनसीपी ने चुनाव नतीजों में धांधली और हेरफेर के आरोप लगाए हैं। जमात-ए-इस्लामी ने चेतावनी दी है कि यदि जनता का जनादेश छीना गया तो वह बड़े पैमाने पर आंदोलन करेगी।









