बिहार के बांका जिले के प्रसिद्ध मंदार पर्वत पर नाबालिग से छेड़खानी, वीडियो बनाने और कथित तौर पर ब्लैकमेलिंग के मामले में गिरफ्तार तीन आरोपितों को सोमवार को लोगों के आक्रोश का सामना करना पड़ा। पुलिस जब तीनों आरोपितों को मेडिकल जांच के लिए बौंसी रेफरल अस्पताल लेकर पहुंची, तो वहां मौजूद लोगों का गुस्सा भड़क गया। भीड़ में शामिल कुछ लोगों ने पुलिस की मौजूदगी में आरोपितों को थप्पड़ जड़ दिए। अचानक हुए इस घटनाक्रम से अस्पताल परिसर में कुछ देर के लिए अफरा-तफरी की स्थिति बन गई। पुलिसकर्मियों ने बीच-बचाव कर तीनों आरोपितों को भीड़ से बचाया और उन्हें सुरक्षित अस्पताल से बाहर निकाला।
पुलिस के अनुसार मंदार पर्वत मामले में तीन बालिग आरोपितों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा जा चुका है। अब मामले की आगे की जांच के लिए बांका पुलिस अदालत से इन तीनों को पुलिस रिमांड पर लेने की तैयारी में है। पुलिस का कहना है कि पूछताछ के दौरान घटना से जुड़े अन्य पहलुओं, वीडियो के प्रसार, कथित लेनदेन और मामले में शामिल अन्य लोगों की भूमिका के बारे में जानकारी जुटाई जाएगी। मामले में दो नाबालिगों को भी विधि-सम्मत संरक्षण में लिया गया है, जबकि दो अन्य आरोपितों की तलाश जारी है।
पुलिस जांच में सामने आया है कि इस मामले की घटना 3 जून 2026 की बताई जा रही है, जबकि इससे संबंधित वीडियो सितंबर में सोशल मीडिया पर सामने आया। पुलिस को 22 सितंबर को वीडियो की जानकारी मिली थी। इसके बाद बौंसी थाना पुलिस ने वीडियो के आधार पर घटनास्थल की पहचान की और आरोपितों तक पहुंचने के लिए जांच शुरू की। पुलिस के मुताबिक पीड़िता मंदार क्षेत्र में दूध देकर लौट रही थी। इसी दौरान उसके परिचित बताए जा रहे दो युवकों ने उसे घर छोड़ने की बात कहकर बाइक पर बैठाया और कथित तौर पर मंदार पर्वत के सुनसान हिस्से में ले गए। वहां अन्य युवक भी पहुंच गए और पीड़िता के साथ बदसलूकी व छेड़खानी किए जाने का आरोप है।
पुलिस के अनुसार घटना के दौरान आरोपितों ने कथित तौर पर वीडियो भी बनाया। आरोप है कि वीडियो को सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी देकर 20 हजार रुपये की मांग की गई थी। जांच में पुलिस को 1,500 रुपये के ऑनलाइन ट्रांसफर की जानकारी भी मिली है। पुलिस के मुताबिक यह राशि फोनपे के जरिए अब्दुल्लाह के बैंक खाते में भेजी गई थी। बाद में जब कथित तौर पर बाकी रकम नहीं मिली तो वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित कर दिया गया। हालांकि पूरे मामले में लगाए गए आरोपों की अंतिम पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी।
इस मामले के मुख्य आरोपितों में मुहम्मद अब्दुल्लाह का नाम सामने आया है। पुलिस ने उसे पश्चिम बंगाल के हावड़ा स्टेशन से गिरफ्तार किया। बांका एसपी अमितेश कुमार के अनुसार बौंसी एसडीपीओ के नेतृत्व में गठित एसआईटी ने तकनीकी निगरानी और अन्य सूचनाओं के आधार पर उसकी लोकेशन का पता लगाया। इसके बाद टीम ने हावड़ा पहुंचकर उसे गिरफ्तार किया। दो अन्य बालिग आरोपित अनंत कुमार और विभीषण कुमार को भी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस की कार्रवाई केवल गिरफ्तारी तक सीमित नहीं रही है। इससे पहले प्रशासन ने मामले में नामजद तीन आरोपितों के घरों पर भी कार्रवाई की थी। बाराहाट थाना क्षेत्र के चिहार गांव में अब्दुल्ला समेत तीन आरोपितों के घरों पर अवैध निर्माण और अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की गई थी। इस दौरान प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी मौजूद रहे थे। घटनास्थल पर वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाने के लिए एफएसएल टीम ने भी मंदार पर्वत पहुंचकर जांच की थी।
मामले में पुलिस ने सोशल मीडिया पर वीडियो प्रसारित करने और पीड़िता की पहचान उजागर करने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई शुरू की है। बांका पुलिस के मुताबिक साइबर थाना में वीडियो शेयर करने वाले 49 एक्स यानी ट्विटर हैंडल और एक इंस्टाग्राम यूजर समेत कुल 50 सोशल मीडिया यूजर्स के खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस का कहना है कि आपत्तिजनक वीडियो को दोबारा प्रसारित करना भी जांच और कानूनी कार्रवाई के दायरे में है।
मंदार पर्वत बांका जिले का प्रमुख पर्यटन और धार्मिक स्थल है, जहां बड़ी संख्या में पर्यटक और श्रद्धालु पहुंचते हैं। ऐसे में इस घटना के बाद वहां सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठे हैं। बांका एसपी ने बताया कि जिले के प्रमुख पर्यटन और धार्मिक स्थलों की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की जा रही है। पुलिस की ओर से मंदार पर्वत समेत ऐसे स्थानों पर नियमित और अधिक प्रभावी गश्ती की व्यवस्था करने की बात कही गई है। इसके लिए मोटरसाइकिल से पेट्रोलिंग को बढ़ाने और उपलब्ध पुलिस संसाधनों का बेहतर इस्तेमाल करने की योजना पर भी काम किया जा रहा है।
मंदार मामले में पुलिस अब गिरफ्तार आरोपितों से पूछताछ के जरिए यह पता लगाने की कोशिश करेगी कि घटना में कुल कितने लोग शामिल थे, वीडियो किसने बनाया, उसे किन लोगों ने आगे प्रसारित किया और कथित रकम की मांग व लेनदेन में किस-किस की भूमिका थी। पुलिस के सामने यह भी चुनौती है कि सोशल मीडिया पर प्रसारित सामग्री की कड़ी को जांच के दौरान सुरक्षित रखा जाए और मामले में शामिल अन्य आरोपितों की पहचान की जाए।
अस्पताल में मेडिकल जांच के दौरान हुई घटना ने यह भी दिखाया कि मामले को लेकर स्थानीय लोगों में काफी आक्रोश है। हालांकि आरोपितों के साथ मारपीट या कानून अपने हाथ में लेना कानूनी प्रक्रिया का विकल्प नहीं है। पुलिस ने भीड़ से तीनों को सुरक्षित निकालकर मेडिकल जांच पूरी कराई। इसके बाद उन्हें न्यायिक प्रक्रिया के तहत आगे की कार्रवाई के लिए ले जाया गया।
बांका पुलिस का कहना है कि मामले में जांच तेजी से आगे बढ़ाई जा रही है और अभियोजन पक्ष की ओर से स्पीडी ट्रायल की मांग की जाएगी। पुलिस के मुताबिक घटना से जुड़े साक्ष्य, पीड़िता का बयान, वीडियो, डिजिटल लेनदेन और सोशल मीडिया गतिविधियों की जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी। दोष तय करने का अंतिम अधिकार अदालत का होगा।
फिलहाल इस मामले में तीन बालिग आरोपित पुलिस की गिरफ्त में हैं और पुलिस उन्हें रिमांड पर लेकर पूछताछ करना चाहती है। वहीं नाबालिग आरोपितों के मामले में कानून के मुताबिक प्रक्रिया चल रही है और फरार आरोपितों की तलाश जारी है। मंदार पर्वत जैसे प्रमुख पर्यटन स्थल पर हुई इस घटना के बाद पुलिस सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में भी कदम उठाने की बात कह रही है। अब पुलिस रिमांड के दौरान होने वाली पूछताछ और जांच से इस पूरे मामले में












