आज यानी 19 जून को भारतीय शेयर बाजार में गिरावट देखने को मिली है और इसका सबसे ज्यादा असर आईटी सेक्टर पर पड़ा है। शुरुआती कारोबार में निवेशकों की भारी बिकवाली के चलते NIFTY IT में करीब 6% तक की तेज गिरावट दर्ज की गई।
बिजनेस न्यूज़: भारतीय शेयर बाजार में गुरुवार को आईटी सेक्टर में भारी बिकवाली देखने को मिली। निफ्टी आईटी इंडेक्स में लगभग 6 प्रतिशत की तेज गिरावट दर्ज की गई, जिससे TCS, Infosys, Wipro और HCL Technologies जैसी बड़ी कंपनियों के शेयर दबाव में आ गए। वैश्विक संकेतों और अमेरिकी आईटी दिग्गज Accenture के कमजोर राजस्व अनुमान के बाद निवेशकों की धारणा पर नकारात्मक असर पड़ा।
सबसे ज्यादा चर्चा में रही Infosys, जिसका शेयर 52-सप्ताह के निचले स्तर पर पहुंच गया। वहीं, Tata Consultancy Services (TCS) और अन्य प्रमुख आईटी कंपनियों के शेयरों में भी तेज गिरावट देखने को मिली।
Infosys का शेयर 52-वीक लो पर
नारायण मूर्ति द्वारा सह-स्थापित कंपनी Infosys के शेयरों में भारी गिरावट दर्ज की गई। शुरुआती कारोबार में शेयर लगभग 7% से अधिक टूटकर अपने 52-सप्ताह के निचले स्तर ₹1,030 तक पहुंच गया। इंट्राडे ट्रेडिंग के दौरान Infosys लगभग ₹1,043 के आसपास कारोबार कर रहा था, जो निवेशकों के बीच बढ़ती चिंता को दर्शाता है। कंपनी का प्रदर्शन पूरी तरह से वैश्विक आईटी डिमांड और आउटसोर्सिंग खर्च पर निर्भर करता है, जिससे यह सेक्टर अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों के प्रति संवेदनशील बना रहता है।
TCS, Wipro और HCL Tech में भी गिरावट
भारतीय आईटी सेक्टर की अन्य बड़ी कंपनियों में भी तेज गिरावट देखने को मिली:
- TCS (Tata Consultancy Services): लगभग 5-6% की गिरावट के साथ ₹2,075 के आसपास कारोबार
- Wipro: करीब 3.5% की गिरावट के साथ ₹176 के आसपास ट्रेड
- HCL Technologies: लगभग 4% से अधिक गिरावट के साथ ₹1,110 के आसपास
इसके अलावा Mphasis, Persistent Systems, Coforge, KPIT Technologies, Tata Elxsi, Hexaware Technologies और LT Technology Services जैसे मिडकैप आईटी शेयरों में भी भारी बिकवाली देखी गई।
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Nifty IT इंडेक्स में 6% की गिरावट
पूरे आईटी सेक्टर पर दबाव का असर निफ्टी आईटी इंडेक्स पर साफ दिखाई दिया, जो लगभग 6% तक टूट गया। बाजार के शुरुआती सत्र में BSE मिडकैप इंडेक्स पर भी गिरावट के शीर्ष 10 शेयरों में से 7 आईटी कंपनियां शामिल थीं। यह संकेत देता है कि गिरावट केवल बड़ी कंपनियों तक सीमित नहीं थी, बल्कि व्यापक स्तर पर आईटी सेक्टर प्रभावित हुआ।
क्यों गिरे आईटी शेयर?
आईटी शेयरों में आई इस तेज गिरावट की मुख्य वजह वैश्विक स्तर पर कमजोर संकेत माने जा रहे हैं। अमेरिकी आईटी दिग्गज Accenture ने हाल ही में अपने वित्त वर्ष 2026 के लिए राजस्व वृद्धि अनुमान को घटा दिया। कंपनी ने बताया कि वैश्विक मांग में सुस्ती और कुछ क्षेत्रों में अनिश्चितता के कारण कारोबार पर दबाव बढ़ रहा है।
Accenture ने यह भी संकेत दिया कि मिडिल ईस्ट में भू-राजनीतिक तनाव और चल रहे संघर्षों ने उसके कंसल्टिंग बिजनेस को प्रभावित किया है। इसके चलते कंपनी के क्षेत्रीय कारोबार में लगभग 400 मिलियन डॉलर तक का असर देखने को मिला। चूंकि भारतीय आईटी कंपनियों का बड़ा हिस्सा अमेरिका और यूरोप के ग्राहकों पर निर्भर करता है, इसलिए वैश्विक आईटी खर्च में किसी भी प्रकार की मंदी का सीधा असर भारतीय बाजार पर पड़ता है।









