भोपाल में AI से फर्जी ID बनाकर पुलिसकर्मी बने आरोपी, होटल में 70 हजार की ठगी

भोपाल में फर्जी पुलिसकर्मी बनकर युवक से 70 हजार रुपये ठगने के आरोप में तीन गिरफ्तार हुए। पुलिस के अनुसार AI की मदद से फर्जी ID तैयार की गई थी।

भोपाल के पिपलानी में होटल में युवक को पुलिसकर्मी बनकर धमकाने और 70 हजार रुपये ऐंठने के मामले में तीन आरोपी गिरफ्तार हुए हैं। पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने पहचान छिपाने के लिए AI से फर्जी ID तैयार की थी।

भोपाल: पिपलानी इलाके के एक होटल में युवक को कथित तौर पर फर्जी पुलिसकर्मी बनकर धमकाने और करीब 70 हजार रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर कराने के मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जांच में आरोपियों द्वारा ChatGPT की मदद से फर्जी ID तैयार कर होटल में कमरा बुक कराने की बात सामने आई है। पुलिस अब बैंक ट्रांजैक्शन, CCTV और डिजिटल साक्ष्यों की जांच कर रही है।

होटल में पुलिसकर्मी बनकर पहुंचने का आरोप

भोपाल के पिपलानी इलाके में होटल के अंदर युवक को कथित तौर पर पुलिसकर्मी बनकर धमकाने और उससे करीब 70 हजार रुपये वसूलने के मामले में जांच आगे बढ़ रही है। पुलिस के मुताबिक, 3 अगस्त की शाम बरखेड़ी खुर्द निवासी युवक अपनी महिला मित्र के साथ होटल के कमरे में था। इसी दौरान सादे कपड़ों में चार लोग कमरे में पहुंचे और खुद को पुलिसकर्मी बताया।

आरोपियों ने युवक को कानूनी कार्रवाई और केस में फंसाने की धमकी दी। इसके बाद डर का माहौल बनाकर उससे करीब 60 से 70 हजार रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर कराने का आरोप है। घटना के कुछ दिन बाद पीड़ित ने पिपलानी थाने में शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद पुलिस ने जांच शुरू की।

AI से फर्जी ID तैयार करने का खुलासा

पुलिस की जांच में इस मामले का एक अहम पहलू डिजिटल दस्तावेजों से जुड़ा सामने आया है। पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने अपनी वास्तविक पहचान छिपाने और होटल में कमरा बुक कराने के लिए ChatGPT की मदद से कथित तौर पर फर्जी ID तैयार की थी।

इन्हीं दस्तावेजों के आधार पर होटल में कमरा बुक कराया गया था। अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि फर्जी दस्तावेज किस तरह तैयार किए गए और उनका इस्तेमाल कहां-कहां किया गया। जांच में होटल संचालक की भूमिका और ID verification की प्रक्रिया को भी शामिल किया गया है।

पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि होटल में कमरा बुक कराने के दौरान दस्तावेजों की जांच किस स्तर पर हुई थी। यदि किसी स्तर पर लापरवाही या मिलीभगत सामने आती है तो उसके आधार पर आगे कार्रवाई की जा सकती है।

तीन आरोपी गिरफ्तार, मास्टरमाइंड की तलाश

मामले में पुलिस अब तक अबूजर, रघुवीर गोयल और करुणा शाही को गिरफ्तार कर चुकी है। वहीं पुलिस के अनुसार, इस पूरी साजिश का कथित मास्टरमाइंड यावर खान अभी फरार है। उसकी तलाश में पुलिस संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है।

पुलिस के मुताबिक, करुणा शाही घटना के बाद खाटू श्याम चली गई थी। जांच के दौरान उसे भोपाल रेलवे स्टेशन से पकड़ा गया। वहीं रघुवीर गोयल की पत्नी के पुलिस विभाग में हवलदार होने की जानकारी भी सामने आई है। पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि क्या इस संबंध का आरोपियों ने पुलिस की कार्यप्रणाली समझने या वारदात को अंजाम देने में किसी तरह फायदा उठाया।

गिरफ्तार आरोपियों को पुलिस ने रिमांड पर लिया है। पूछताछ के जरिए पुलिस कथित साजिश में शामिल अन्य लोगों और फरार आरोपी की भूमिका के बारे में जानकारी जुटा रही है।

CCTV और बैंक ट्रांजैक्शन से जांच आगे बढ़ी

पुलिस इस मामले में कई स्तरों पर डिजिटल और भौतिक साक्ष्य जुटा रही है। सबसे पहले युवक के खाते से ट्रांसफर की गई रकम के बैंक ट्रेल की जांच की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि रकम किस खाते में पहुंची और इसके बाद उसे कहां-कहां ट्रांसफर किया गया।

होटल के CCTV फुटेज भी जांच का अहम हिस्सा हैं। फुटेज के जरिए आरोपियों के होटल पहुंचने, कमरे में जाने और घटना के बाद वहां से निकलने की गतिविधियों की जानकारी जुटाई जा रही है।

इसके अलावा पुलिस कमरे में मौजूद युवती की भूमिका और आरोपियों से उसके संभावित संपर्क की भी जांच कर रही है। जांच के दौरान नाबालिग से संबंधित पहलू सामने आने पर युवक फारूक के खिलाफ पॉक्सो एक्ट के तहत अलग कार्रवाई की जानकारी भी दी गई है।

क्या इसी तरीके से और लोगों को बनाया निशाना?

पुलिस अब यह भी पता लगाने में जुटी है कि फर्जी ID तैयार कर पुलिसकर्मी बनकर ठगी करने की यह एक अकेली घटना थी या आरोपी पहले भी इसी तरीके का इस्तेमाल कर चुके हैं। कथित तौर पर AI की मदद से तैयार दस्तावेजों की जांच के जरिए पुलिस इस नेटवर्क के अन्य संभावित मामलों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है।

फिलहाल पुलिस की प्राथमिकता फरार बताए जा रहे यावर खान को गिरफ्तार करना और पैसों के पूरे ट्रेल का पता लगाना है। उसके पकड़े जाने के बाद कथित साजिश में शामिल अन्य लोगों और पूरे नेटवर्क को लेकर स्थिति और स्पष्ट होने की उम्मीद है।

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